ऑस्ट्रेलिया में एक सिख काउंसिल ने कंगना रनौत की फिल्म 'इमरजेंसी' की रिलीज पर बैन लगाने की मांग की है। काउंसिल ने फिल्म को प्रोपेगेंडा बताते हुए सिख शहीदों के अपमान का आरोप लगाया है और कहा है कि इससे अशांति फैल सकती है।

एंटरटेनमेंट डेस्क. कंगना रनौत की फिल्म 'इमरजेंसी' की रिलीज में अभी लगभग दो हफ्ते का समय है। लेकिन इसका विरोध अभी से शुरू हो गया है। एक ऑस्ट्रेलिया बेस्ड सिख काउंसिल ने इस फिल्म की रिलीज पर बैन लगाने की मांग की है। सिख काउंसिल ने कंगना रनौत के लीड रोल और उन्हीं के निर्देशन में बनी इस फिल्म को प्रोपेगेंडा फिल्म बताया है और आरोप लगाया है कि इस फिल्म में ऐतिहासिक घटनाओं को गलत तरीके से पेश किया गया है। काउंसिल ने यह आरोप भी लगाया है कि 'इमरजेंसी' सिख शहीदों का अपमान करती है और इसकी वजह से सिख पंजाबी कम्युनिटी में अशांति पैदा होगी।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

सिख काउंसिल ने विलेज सिनेमाज को लिखा लेटर

सिख काउंसिल ने ऑस्ट्रेलिया बेस्ड मल्टीनेशनल फिल्म एग्जिबिशन ब्रांड विलेज सिनेमाज को एक लेटर लिखा है। इस लेटर में काउंसिल ने लिखा है, "इस प्रोपेगेंडा फिल्म की आपके सिनेमाघरों में स्क्रीनिंग को लेकर हम बेहद चिंता में हैं। इस फिल्म में भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की भूमिका वीरता से भरी हुई दिखाई गई है, जबकि सिख शहीदों को कुछ इस तरह दिखाया गया है , जो बहुत अपमानजनक है। फिल्म ऐतिहासिक घटनाओं को गलत तरीके से पेश करती है, जो सिख कम्युनिटी को आघात पहुंचाती है।"

सिख कम्युनिटी का दावा- इमरजेंसी से फ़ैल सकती है अशांति

सिख कम्युनिटी ने अपने लेटर में आगे लिखा है, "फिल्म की वजह से पंजाबी सिख कम्युनिटी और गैर हिंदुत्व सपोर्टर्स और ऑस्ट्रेलिया में प्रो हिंदू (भाजपा-मोदी) सपोर्टर्स के बीच अशांति फैलने की आशंका है।" काउंसिल ने यह दावा भी किया है कि फिल्म की रिलीज से देश (ऑस्ट्रेलिया) में शांति और सद्भाव में बाधा पैदा हो सकती है। उनका कहना यह भी है कि इस फिल्म में सिख कम्युनिटी के नेता संत जरनैल सिंह खालसा भिंडरावाले को निगेटिव तरीके से दिखाकर चिंता में डाल दिया है।

काउंसिल का दावा- फिल्म से बढ़ सकता है हिंदू-सिखों के बीच तनाव

सिख काउंसिल ने लेटर में लिखा है, "फिल्म की स्क्रीनिंग से ऑस्ट्रेलिया के सिखों और हिंदुओं के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ सकता है और यह फिल्म सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठोस पहुंचा सकती है।" यह पहली बार नहीं है, जब सिख कम्युनिटी ने 'इमरजेंसी' का विरोध किया है। इससे पहले शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी और श्री अकाल तख़्त साहिब की ओर से भी 'इमरजेंसी' की रिलीज पर पाबंदी लगाने की मांग की जा चुकी है। बता दें कि 1970 के दशक में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा भारत में लगाए गए आपातकाल पर बेस्ड फिल्म 'इमरजेंसी' 6 सितम्बर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

और पढ़ें…

Janmashtami 2024: ये हैं भगवान कृष्ण पर बनीं 6 बेहतरीन फ़िल्में

नताशा स्टेनकोविक ने हार्दिक पंड्या को क्यों छोड़ा? इस बात से थीं परेशान