सिंगर जुबीन गर्ग का शुक्रवार को सिंगापुर में स्कूबा डाइविंग के दौरान हुए एक्सीडेंट में निधन हो गया। वे 52 साल के थे। उनके निधन की खबर सुनते है फैन्स में मायूसी छा गई है। उनके चाहने वाले लगातार सोशल मीडिया पर शोक जताते हुए श्रद्धांजलि दे रहे हैं। 

मेघालय में जन्मे जुबीन गर्ग का पूरा नाम ज़ुबीन बोरठाकुर था। उन्होंने काफी कम उम्र में संगीत की दुनिया में कदम रखा था। हालांकि, उन्हें असली पहचान 2006 में आई डायरेक्टर अनुराग बसु की फिल्म गैंगस्टर के गाने 'या अली..' से मिली थी। उन्होंने हिंदी के अलावा कई भाषओं में गाने गाए थे। उनकी पर्सनल लाइफ की बात करें तो वो भी काफी दर्दभरी है। उन्होंने 23 साल पहले अपनी छोटी बहन को एक एक्सीडेंट में खो दिया था। उनकी दूसरी डॉक्टर है।

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जुबीन गर्ग की पर्सनल लाइफ

जुबीन गर्ग का जन्म मेघालय के तुरा में एक असमिया ब्राह्मण फैमिली में मोहिनी मोहन बोरठाकुर और इली बोरठाकुर के यहां हुआ था। उनका नाम संगीतकार ज़ुबीन मेहता के नाम पर रखा गया था और उन्होंने अपना उपनाम गर्ग रखा था। उनके पिता मोहिनी बोरठाकुर मजिस्ट्रेट थे साथ एक गीतकार और कवि भी थे और उनकी मां इली बोरठाकुर एक सिंगर थी। उनकी छोटी बहन जोंकी बोरठाकुर एक्ट्रेस और सिंगर थी, जिनकी फरवरी 2002 में सोनितपुर जिले में एक कार एक्सीडेंट में मौत हो गई थी। उन्होंने 2002 में जोंकी की याद में एल्बम जिक्सु जारी किया था। उनकी दूसरी बहन डॉ. पाल्मे बोरठाकुर हैं। उन्होंने 2002 में गरिमा सय्किया गर्ग से शादी की थी।

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जुबीन गर्ग ने 3 साल की उम्र में शुरू की थी सिंगिंग

जुबीन गर्ग ने तीन साल की उम्र से गाना शुरू कर दिया था। उनकी पहली गुरु उनकी मां थीं, जिनसे उन्होंने गाना सीखा। उन्होंने पंडित रॉबिन बनर्जी से 11 साल तक तबला बजाना सीखा। गुरु रमानी राय ने उन्हें असमिया लोक संगीत सिखाया था। गर्ग अपने स्कूल के दिनों से ही गानों को कम्पोज करने लगे थे। उनको एक प्रोफेशनल सिंगर बनने का कॉन्फिडेंस तब मिला जब उन्होंने 1992 में आयोजित यूथ फेस्टिवल में अपनी परफॉर्मेंस से गोल्ड मेडल जीता था। उन्होंने अपने पहले असमिया एल्बम अनामिका के साथ संगीत दुनिया में डेब्यू किया था, जिसे नवंबर 1992 में रिलीज किया गया था। उनके पहले रिकॉर्ड किए गए गाने ‘तुमी जुनु परिबा हुन..’ और ‘तुमी जुनाकी हुबाख..’ एल्बम रितु के लिए थे, जो 1993 में रिलीज हुए थे। उन्होंने कई अन्य एल्बम जारी किए जैसे जापुनोर जूर (1992), जुनाकी मोन (1993), माया (1994), आशा (1995) आदि। 1995 में मुंबई आने से पहले उन्होंने अपना पहला बिहू एल्बम उजान पिरिति रिलीज किया था। उन्होंने कई बॉलीवुड फिल्मों में गाने गाए।

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