'धमाल 4' बिना लॉजिक वाली फुल-ऑन फैमिली एंटरटेनर है, जो कॉमेडी, एडवेंचर, ट्रेजर हंट, हॉरर और इमोशन का मजेदार मिश्रण पेश करती है। जानिए क्यों यह मजेदार वीकेंड वॉच है?

इंद्र कुमार के निर्देशन में बनी 'धमाल 4' एक बार फिर उसी पागलपन और बेतुकी कॉमेडी के साथ लौटी है, जिसके लिए यह फ्रेंचाइजी जानी जाती है। अजय देवगन, रितेश देशमुख, अरशद वारसी, जावेद जाफरी और संजय मिश्रा की टीम इस बार ट्रेजर हंट, हॉरर, समुद्री रोमांच और कई अनोखे ट्विस्ट के साथ दर्शकों को हंसाने की कोशिश करती है। फिल्म कहीं भी लॉजिक तलाशने की कोशिश नहीं करती, बल्कि सिर्फ एंटरटेनमेंट पर फोकस रखती है। अगर आप दिमाग घर पर छोड़कर सिर्फ हंसना चाहते हैं, तो 'धमाल 4' आपके लिए एक अच्छा वीकेंड ऑप्शन साबित हो सकती है।

क्या है 'धमाल 4' की कहानी?

'धमाल 4' की कहानी एक नए ट्रेजर हंट के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां लालच, गलतफहमियां और अजीबोगरीब हालात मिलकर भरपूर कॉमेडी पैदा करते हैं। इस बार कहानी में पाइरेट्स, हॉरर, भूतिया घटनाएं और ऑक्टोपस, मगरमच्छ, बाघ व सांप जैसे खतरनाक जीवों का भी तड़का लगाया गया है। फिल्म का मकसद कहानी में गहराई लाना नहीं, बल्कि हर कुछ मिनट में दर्शकों को हंसाना है।

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'धमाल 4' की स्टार कास्ट की परफॉर्मेंस कैसी है?

अजय देवगन और संजय मिश्रा की जोड़ी शानदार कॉमिक टाइमिंग के साथ फिल्म को मजबूती देती है। हालांकि सबसे ज्यादा लाइमलाइट एक बार फिर 'आदि-मानव' बने अरशद वारसी और जावेद जाफरी लूट ले जाते हैं। दोनों की केमिस्ट्री पहले की तरह बेहतरीन है। संजीदा शेख शानदार हैं। रितेश देशमुख का किरदार जबरदस्त है, जो क्लाइमैक्स इमोशनल चेंज के साथ दिल जीत लेता है। अंजलि आनंद असरदार हैं। रवि किशन फ्रेंचाइजी में नई ऊर्जा लाए हैं। उपेंद्र लिमये और विजय पाटकर भी अपने किरदारों में सटीक हैं।

इंद्र कुमार का डायरेक्शन कैसा है?

इंद्र कुमार ने अपनी सफल कॉमेडी शैली को बरकरार रखा है। उन्होंने स्लैपस्टिक कॉमेडी, एडवेंचर, हॉरर और ट्रेजर हंट जैसे कई तत्वों को एक साथ जोड़ने की कोशिश की है। कुछ कॉमिक सीन बेहद असरदार हैं, जबकि कुछ मजाक उतना प्रभाव नहीं छोड़ पाते। खासतौर पर भूत वाला हिस्सा और ज्यादा डरावना व मजेदार बनाया जा सकता था। इसके बावजूद निर्देशक फिल्म की गति बनाए रखने में सफल रहते हैं और दर्शकों को बोर नहीं होने देते।

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कैसा है फिल्म का म्यूजिक?

फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर कॉमिक माहौल को बेहतर बनाता है। वहीं 'गुलाबी साड़ी' और 'चटनी' जैसे पॉपुलर गानों के नए वर्जन का इस्तेमाल सही जगह किया गया है, जिससे मनोरंजन का स्तर और बढ़ जाता है। 

टेक्निकल फ्रंट पर कैसी है फिल्म?

तकनीकी रूप से 'धमाल 4' रंगीन, भव्य और विजुअली आकर्षक फिल्म है। सिनेमैटोग्राफी एडवेंचर वाले हिस्सों को प्रभावशाली बनाती है। वीएफएक्स और विजुअल इफेक्ट्स का इस्तेमाल मनोरंजन के हिसाब से किया गया है। एडिटिंग पहले हाफ में काफी तेज है, जबकि दूसरे हाफ में भी फिल्म अपनी पकड़ बनाए रखती है। 

क्यों देखें 'धमाल 4'?

अगर आप बिना लॉजिक वाली कॉमेडी, फैमिली एंटरटेनमेंट और हल्की-फुल्की मस्ती पसंद करते हैं तो 'धमाल 4' आपको निराश नहीं करेगी। कहानी में लॉजिक तलाशने वालों के लिए यह फिल्म नहीं है। हमारी ओर से इस फिल्म को 5 में से 3.5 स्टार।