2013 में सामंथा रुथ प्रभु की एक ऐसी फिल्म आई थी, जो 13 साल बाद भी OTT और TV पर रिलीज नहीं हो पाई है। जांए इस फिल्म और इससे जुड़े सबसे बड़े विवाद के बारे में।
एक्ट्रेस सामंथा रुथ प्रभु और डायरेक्टर नंदिनी रेड्डी की जोड़ी इन दिनों ‘मा इंटी बंगारम’ की सफलता के चलते चर्चा में है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इस सफल साझेदारी की शुरुआत एक ऐसे विवादित प्रोजेक्ट से हुई थी, जिसने तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री में बड़ा कानूनी तूफान खड़ा कर दिया था। साल 2013 में रिलीज हुई ‘जबरदस्त’ पर हिंदी फिल्म ‘बैंड बाजा बारात’ की कहानी कॉपी करने के आरोप लगे। मामला अदालत तक पहुंचा और फैसला इतना सख्त था कि फिल्म थिएटर रिलीज के बाद टीवी, डीवीडी, सैटेलाइट और किसी भी अन्य फॉर्मेट में दोबारा रिलीज नहीं हो सकी। आज यह मामला भारतीय सिनेमा के सबसे चर्चित कॉपीराइट विवादों में गिना जाता है।

कैसे शुरू हुई सामंथा-नंदिनी रेड्डी की साझेदारी?
डायरेक्टर नंदिनी रेड्डी ने अपनी पहली फिल्म ‘अला मोदालाइंदी’ की सफलता के बाद 2011 में ‘जबरदस्त’ का ऐलान किया था। निर्माता बेल्लमकोंडा सुरेश के बैनर तले बनी इस फिल्म में सिद्धार्थ, सामंथा रुथ प्रभु और नित्या मेनन मुख्य भूमिकाओं में थे। फिल्म की कहानी दो दोस्तों के इर्द-गिर्द घूमती थी, जो मिलकर वेडिंग प्लानिंग बिजनेस शुरू करते हैं। बाद में रिश्तों और भावनाओं के कारण उनकी साझेदारी में जटिलताएं पैदा हो जाती हैं।
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रिलीज से पहले ही शुरू हो गया था ‘जबरदस्त’ विवाद
150 मिनट लंबी ‘जबरदस्त’ की कहानी ने शुरुआत से ही लोगों को 2010 की हिंदी सुपरहिट फिल्म ‘बैंड बाजा बारात’ की याद दिलाई। रणवीर सिंह और अनुष्का शर्मा स्टारर इस फिल्म का निर्देशन मनीष शर्मा ने किया था और इसे यशराज फिल्म्स ने प्रोड्यूस किया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यशराज फिल्म्स ने ‘जबरदस्त’ की टीम को पहले ही अपनी आपत्ति जता दी थी और प्रोजेक्ट रोकने की सलाह दी थी। हालांकि मेकर्स ने फिल्म पर काम जारी रखा। उस समय नंदिनी रेड्डी ने समानता के आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि फिल्म किसी एक मूवी से नहीं, बल्कि वेडिंग प्लानर के व्यापक कॉन्सेप्ट से प्रेरित है।
बॉक्स ऑफिस पर नहीं चला ‘जबरदस्त’ का जादू
2013 में रिलीज हुई ‘जबरदस्त’ से मेकर्स को काफी उम्मीदें थीं। फिल्म के ऑडियो और सैटेलाइट राइट्स पहले ही लगभग 5.25 करोड़ रुपये में बिक चुके थे। लेकिन थिएटर रिलीज के बाद फिल्म बॉक्स ऑफिस पर खास प्रदर्शन नहीं कर सकी। कई क्रिटिक्स ने भी इसकी कहानी और कई सीन्स को ‘बैंड बाजा बारात’ से मिलता-जुलता बताया।
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दिल्ली हाई कोर्ट ने सुनाया ‘जबरदस्त’ पर ऐतिहासिक फैसला
फिल्म की रिलीज के बाद यशराज फिल्म्स ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। याचिका में दावा किया गया कि फिल्म के करीब 19 सीन सीधे तौर पर ‘बैंड बाजा बारात’ से उठाए गए हैं। अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद माना कि यह सिर्फ प्रेरणा नहीं, बल्कि कॉपीराइट उल्लंघन का मामला है। कोर्ट ने आदेश दिया कि फिल्म को थिएटर रन के बाद किसी भी अन्य माध्यम में रिलीज नहीं किया जा सकता। फैसले के बाद ‘जबरदस्त’ के DVD, VCD, Blu-ray और टेलीविजन प्रसारण पर रोक लग गई। इतना ही नहीं, फिल्म का तमिल डब वर्जन ‘डम डम पी पी’ भी रिलीज नहीं हो सका।
विवाद ने बढ़ाईं ‘जबरदस्त’ के निर्माता की मुश्किलें
बताया जाता है कि कोर्ट के फैसले से पहले फिल्म के टीवी अधिकार एक चैनल को बेचे जा चुके थे। जब चैनल कानूनी रूप से फिल्म का प्रसारण नहीं कर सका तो भुगतान को लेकर विवाद खड़ा हो गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह मामला वर्षों तक चला और 2019 में निर्माता के खिलाफ बकाया भुगतान को लेकर गिरफ्तारी वारंट तक जारी होने की खबरें सामने आईं।
फिर बदली किस्मत, बनी सामंथा- नंदिनी की सुपरहिट जोड़ी
‘जबरदस्त’ के बाद सामंथा और नंदिनी रेड्डी ने करीब छह साल तक साथ काम नहीं किया। लेकिन 2019 में दोनों ने ‘ओह! बेबी’ के जरिए वापसी की और फिल्म बड़ी हिट साबित हुई। अब ‘मा इंटी बंगारम’ के साथ दोनों की तीसरी फिल्म भी सफल मानी जा रही है।
