Nana Patekar Death: नाना पाटेकर ने अपने लंबे फिल्मी करियर में कई यादगार किरदार निभाए। जानिए उनके 10 दमदार और फेमस डायलॉग, जिन्हें फैंस आज भी याद करते हैं।
Nana Patekar Famous Dialogues: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन हो गया। नाना पाटेकर ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत साल 1978 में फिल्म 'गमन' से की थी। इसके बाद उन्होंने हिंदी और मराठी सिनेमा में कई बेहतरीन फिल्मों में काम किया। अपनी दमदार एक्टिंग के साथ-साथ नाना पाटेकर अपनी खास डायलॉग डिलीवरी के लिए भी बेहद मशहूर रहे। उनके कई डायलॉग आज भी लोगों की जुबान पर हैं। आज हम आपको नाना पाटेकर के ऐसे ही 10 फेमस और दमदार डायलॉग बता रहे हैं, जिन्हें दर्शक लंबे समय तक याद रखेंगे...
नाना पाटेकर के 10 यादगार और फेमस डायलॉग
1. “आ गए मेरी मौत का तमाशा देखने?”- क्रांतिवीर
2. “. वाह! कलम वाली बाई वाह, अखबार के दम पर गरीबों के झोंपड़े बचाने चली है, वाह!”- क्रांतिवीर
3. “ये मुसलमान का खून है, ये हिंदू का खून है… बता इसमें मुसलमान का कौन सा और हिंदू का कौन सा?”- क्रांतिवीर
4. “हमसे पूछे बिना कोई फैसला नहीं होगा।”- अब तक छप्पन
5. “मैंने कहा था ना कि मैं तुम्हें नहीं छोड़ूंगा।”- अब तक छप्पन
6. “आम आदमी सोता हुआ शेर है…”- क्रांतिवीर
7. "100 में से 80 बेईमान, फिर भी मेरा देश महान"- क्रांतिवीर

8. “हम पुलिस वाले हैं, कोई गुंडे नहीं।”- अब तक छप्पन
9. “जिस देश में गंगा बहती है, वहां खून की नदियां क्यों बह रही हैं?”- क्रांतिवीर
10. "भगवान का दिया हुआ सब कुछ है मजनू- दौलत है, शोहरत है, इज्जत है"- वेलकम

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ऐसा रहा नाना पाटेकर का फिल्मी करियर
- नाना पाटेकर के फिल्मी करियर की बात करें तो उन्होंने 'गमन', 'अंकुश', 'प्रतिघात' और 'सलाम बॉम्बे!' जैसी फिल्मों में काम किया। हालांकि, साल 1989 में आई फिल्म 'परिंदा' ने उन्हें बड़ी पहचान दिलाई। इस फिल्म के लिए उन्हें नेशनल फिल्म अवॉर्ड और फिल्मफेयर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
- 1994 में आई फिल्म 'क्रांतिवीर' ने नाना पाटेकर को एक अलग पहचान दी। इस फिल्म में उनकी शानदार एक्टिंग के लिए उन्हें बेस्ट एक्टर का नेशनल फिल्म अवॉर्ड और फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला।
- नाना पाटेकर ने सिर्फ हीरो के किरदार ही नहीं निभाए, बल्कि निगेटिव रोल में भी अपनी अलग छाप छोड़ी। 'अंगार' और 'अपहरण' जैसी फिल्मों में उनके विलेन वाले किरदारों को खूब पसंद किया गया। 'अंगार' और 'अपहरण' के लिए उन्हें फिल्मफेयर में बेस्ट विलेन का अवॉर्ड भी मिला।
- पुलिस और क्राइम ड्रामा फिल्मों में भी नाना पाटेकर का अंदाज दर्शकों को खूब पसंद आया। 'अब तक छप्पन' में उन्होंने पुलिस अधिकारी का दमदार किरदार निभाया। वहीं, 'राजनीति' जैसी फिल्मों में भी उन्होंने अपनी एक्टिंग से दर्शकों का ध्यान खींचा।
- नाना पाटेकर की कॉमेडी भी उतनी ही शानदार रही। फिल्म 'वेलकम' में उदय शेट्टी का किरदार उनके सबसे यादगार किरदारों में शामिल है। इस फिल्म ने उनके कॉमिक अंदाज को भी दर्शक खूब पसंद करते हैं।
नाना पाटेकर को लेकर सर्च किए जाने वाले सवाल
1. नाना पाटेकर ने फिल्मों में डेब्यू कब किया था?
नाना पाटेकर ने 1978 में फिल्म 'गमन' से अपने फिल्मी सफर की शुरुआत की थी।
2. नाना पाटेकर को कितने नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिले थे?
नाना पाटेकर ने तीन नेशनल फिल्म अवॉर्ड जीते थे—'परिंदा', 'क्रांतिवीर' और 'अग्निसाक्षी' के लिए।
3. नाना पाटेकर की सबसे यादगार फिल्मों में कौन-सी शामिल हैं?
'परिंदा', 'क्रांतिवीर', 'अग्निसाक्षी', 'अब तक छप्पन', 'राजनीति' और 'वेलकम' उनकी चर्चित फिल्मों में शामिल हैं।
