Peddi Sports Drama Story And Rating: क्या राम चरण की ‘पेद्दी’ बनेगी करियर की सबसे बड़ी हिट? क्या ये गांव की अनसुनी कहानी दिल जीत पाएगी? क्या क्रिकेट-रेसलिंग का ये कॉम्बो बॉक्स ऑफिस पर धमाका करेगा? क्या इमोशनल क्लाइमेक्स सब बदल देगा? या स्लो पेसिंग इसे रोक देगी? राम चरण का करियर-बेस्ट रोल देखने लायक है?
सुपरस्टार राम चरण और डायरेक्टर बुची बाबू सना की फिल्म ‘पेद्दी एक इमोशनल स्पोर्ट्स ड्रामा के तौर पर सामने आती है। यह सिर्फ एक स्पोर्ट्स ड्रामा नहीं बल्कि एक ऐसे गांव की कहानी है जो सरकारी रिकॉर्ड में मौजूद ही नहीं है। यहां पहचान, संघर्ष और सपनों की जंग को क्रिकेट और रेसलिंग जैसे खेलों के जरिए दिखाया गया है। क्रिकेट, रेसलिंग और रनिंग के अनोखे कॉम्बिनेशन के बीच राम चरण का करियर-बेस्ट परफॉर्मेंस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरता है। हालांकि कहानी की स्लो पेसिंग और कुछ लॉजिक गैप्स इसे पूरी तरह परफेक्ट नहीं बनने देते। फिर भी क्लाइमैक्स इसे मजबूत बना देता है।

‘पेद्दी’ की कहानी क्या है ?
‘पेद्दी’ 1990 के दशक के विजयनगरम के एक गांव की कहानी है, जो सरकारी रिकॉर्ड में मौजूद ही नहीं है। राम चरण यहां एक “क्रिकेटर-फॉर-हायर” होते हैं, जो पैसे के लिए किसी भी टीम में खेलते हैं। लेकिन जब वह जगपति बाबू के किरदार Appalasuri के सपने—गांव में रेलवे स्टेशन बनवाने से जुड़ते हैं, तो उनकी जिंदगी बदल जाती है। आगे कहानी खेल और संघर्ष के जरिए पहचान और सम्मान की लड़ाई बन जाती है, जिसमें रेसलिंग और रनिंग जैसे ट्विस्ट भी जुड़ते हैं। पूरी कहानी जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी।
‘पेद्दी’स्टारकास्ट का परफॉर्मेंस कैसा है?
- राम चरण फिल्म की सबसे बड़ी ताकत हैं और उन्होंने करियर-डिफाइनिंग परफॉर्मेंस दी है। उनकी फिजिकल ट्रांसफॉर्मेशन और इमोशनल इंटेंसिटी शानदार है।
- जगपति बाबू अपने गंभीर रोल में गहराई लाते हैं और इमोशनल इम्पैक्ट छोड़ते हैं।
- शिवा राजकुमार राम चरण के मेंटॉर के रूप में असरदार हैं।
- जाह्नवी कपूर का रोल लिमिटेड है और दूसरे हाफ में उनका असर कम हो जाता है।
- सपोर्टिंग कास्ट में कई कलाकारों को कम स्क्रीन स्पेस मिला है। लेकिन वे ठीक-ठाक लगे हैं।
बुची बाबू सना का डायरेक्शन कैसा है?
बुची बाबू सना ने एक बड़े स्केल पर इमोशनल स्पोर्ट्स ड्रामा बनाने की कोशिश की है। फिल्म की शुरुआत कमर्शियल टच के साथ होती है, लेकिन असली पकड़ इंटरवल के बाद बनती है। गांव की पहचान और संघर्ष को दिखाने का आइडिया मजबूत है, लेकिन कई जगह कहानी खिंची हुई और प्रेडिक्टेबल लगती है। कुछ सबप्लॉट्स, खासकर रोमांस, जरूरत से ज्यादा खिंचे हुए लगते हैं।
'पेद्दी' का म्यूजिक और BGM
ए.आर. रहमान का म्यूजिक फिल्म का मजबूत हिस्सा है। दो गाने स्क्रीन पर अच्छे लगते हैं और बैकग्राउंड स्कोर कई इमोशनल सीन्स को उभारता है। हालांकि कुछ जगह BGM उतना पावरफुल नहीं लगता जितनी उम्मीद थी।
टेक्निकल फ्रंट पर कैसी है 'पेद्दी'
सिनेमैटोग्राफी स्पोर्ट्स सीक्वेंस को विजुअली शानदार बनाती है। गांव का सेटअप और 90s का माहौल बेहतरीन तरीके से दिखाया गया है। एडिटिंग थोड़ी कमजोर है, जिससे फिल्म की पेसिंग प्रभावित होती है।
'पेद्दी' के स्ट्रॉन्ग पॉइंट
- राम चरण का शानदार परफॉर्मेंस
- इमोशनल क्लाइमैक्स
- स्पोर्ट्स सीक्वेंस (क्रिकेट + रेसलिंग)
- ए. आर. रहमान का म्यूजिक
'पेद्दी' की कमज़ोर कड़ियां
- स्लो पेसिंग
- लॉजिक गैप्स
- कमजोर रोमांस ट्रैक
- कुछ कैरेक्टर्स का कम इस्म्तेमाल
'पेद्दी' क्यों देखें और क्यों ना देखें?
अगर आप राम चरण के फैन हैं और इमोशनल स्पोर्ट्स ड्रामा पसंद करते हैं, तो ‘पेद्दी’ जरूर देखें। फिल्म की जान उसका क्लाइमैक्स और एक्टिंग है। लेकिन अगर आप टाइट और स्मूद स्टोरीटेलिंग चाहते हैं, तो बीच-बीच में फिल्म आपको खींची हुई लग सकती है। हमारी ओर से इस फिल्म को 5 में से 3 स्टार।
