Naseeruddin Shah CJP protest: पियूष मिश्रा ने नसीरुद्दीन शाह के सीजेपी प्रदर्शन में जाने पर सवाल उठाए हैं। यह हस्तियों की चुनिंदा सक्रियता को दर्शाता है।
पियूष मिश्रा ने एक बार फिर नसीरुद्दीन शाह पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुंबई में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में नसीरुद्दीन शाह के शामिल होने के बाद पियूष ने एक वीडियो जारी किया जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। उन्होंने नसीर साहब से सीधे पूछा कि कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के विवाद पर उनकी चुप्पी क्यों है।
नसीरुद्दीन शाह का सीजेपी प्रदर्शन में पहुंचना
नसीरुद्दीन शाह मुंबई के शिवाजी पार्क में हुए सीजेपी प्रदर्शन में शामिल हुए थे। वहां मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही थी। संगीतकार विशाल ददलानी भी उनके साथ थे। ये प्रदर्शन वोटर लिस्ट रिवीजन को लेकर चल रहे अभियान का हिस्सा था। नसीर साहब की मौजूदगी की खबर फैलते ही पियूष मिश्रा ने वीडियो रिकॉर्ड कर अपनी बात रखी।
और पढ़ें - 'नाक से रोज आया खून...' , हिना खान की हालत बिगड़ी, लद्दाख में शरीर ने छोड़ा साथ!
स्मित मच्छर की बहादुरी पर सवाल
पियूष ने नसीरुद्दीन शाह को पुराना परिचित बताते हुए कहा कि आपने स्मित मच्छर के बारे में कुछ क्यों नहीं बोला। फ्लाईदुबई की उड़ान में सह-पायलट के हमले के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छर ने कॉकपिट का दरवाजा खोला और 174 यात्रियों की जान बचाई। वो खुद घायल हुए लेकिन विमान को सऊदी अरब में सुरक्षित उतारने में मदद की। पियूष ने नसीर साहब से अपील की कि इस बहादुरी को पहचानें और उनकी तारीफ करें।
एलपीयू हिंसा पर भी उठाए सवाल
पियूष ने पंजाब की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में हुए हालिया विवाद का भी जिक्र किया। सितंबर के आखिरी दिनों में एक छात्रा से जुड़े आरोपों के बाद कैंपस में प्रदर्शन भड़क उठा। झड़पें हुईं, तोड़फोड़ हुई और पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी। पंजाब पुलिस ने केस दर्ज किए और एसआईटी गठित की है। पियूष ने पूछा कि नसीर साहब ने छात्रों और इस स्थिति पर कोई संदेश क्यों नहीं भेजा। उन्होंने नसीर के पुराने बयान का जिक्र करते हुए व्यंग्य किया कि अब छात्र एक्टिंग टीचर बन गए हैं क्या।
और पढ़ें - कौन हैं अविनाश मिश्रा? KKK-विनर बनकर मिली पहचान, 9 साल से TV इंडस्ट्री में कर रहे स्ट्रगल!
झारखंड आंदोलन की पुरानी नाराजगी
पियूष ने झारखंड के एक छात्र आंदोलन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस मुद्दे पर मदद मांगने गए थे तो नसीर साहब ने एक पाकिस्तानी कवि की कविता सुना दी। पियूष का कहना था कि आंदोलनकारियों को आटा, दाल, रोटी, गुड़, लिट्टी-चोखा जैसी बुनियादी चीजों की जरूरत थी, कविता की नहीं।
पुरानी बहस फिर ताजा
ये दोनों कलाकारों के बीच पहली बार विवाद नहीं है। पहले भी नसीरुद्दीन शाह ने बॉलीवुड हस्तियों की चुप्पी पर सवाल उठाए थे और कहा था कि सेलिब्रिटी तब बोलेंगे जब उनका विवेक इजाजत देगा। उन्होंने कुत्ते और हड्डी का रूपक इस्तेमाल किया था। पियूष ने तब भी जवाब दिया था। अब ये बहस सेलिब्रिटीज की जिम्मेदारी और चुनिंदा सक्रियता को लेकर और बढ़ गई है। पियूष मिश्रा ने वीडियो के आखिर में नसीर साहब को संबोधित करते हुए कहा कि पुरानी जान-पहचान का सम्मान है लेकिन उठे सवालों का जवाब भी मिलना चाहिए। उन्होंने इंकलाब जिंदाबाद कहकर वीडियो खत्म किया। अब देखना होगा कि नसीरुद्दीन शाह इस पर कोई प्रतिक्रिया देते हैं या नहीं।
