Govinda Recalls Old Struggling Days : 90 के दशक के सुपरस्टार गोविंदा फिल्म 'रूपा' से वापसी कर रहे हैं। उन्होंने अपने करियर के उतार-चढ़ाव पर बात की। यह भी बताया कि कैसे लोग उनका मजाक बनाते थे।
90 के दशक में अपनी कॉमिक टाइमिंग, जबरदस्त डांस और सुपरहिट फिल्मों से करोड़ों दिलों पर राज करने वाले गोविंदा (Govinda) एक बार फिर बड़े पर्दे पर वापसी करने के लिए तैयार हैं। उनकी अपकमिंग फिल्म 'रूपा (Roopa)' जल्द रिलीज होने वाली है। फिल्म के प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गोविंदा ने अपने करियर के उतार-चढ़ाव, संघर्ष, न्यूमरोलॉजी में विश्वास और फिल्मों में दोबारा लौटने की वजह पर खुलकर बात की। प्रेस कॉन्फ्रेंस में गोविंदा ने कहा कि उनके करियर में कई ऐसे मौके आए जब लोगों ने यह मान लिया था कि अब उनका फिल्मी सफर खत्म हो चुका है। लेकिन हर बार उन्होंने खुद को दोबारा साबित किया। गोविंदा ने कहा कि शायद उनकी किस्मत में ही बार-बार वापसी करना लिखा है।
यंगस्टर्स के लिए स्पेशल गोविंदा की फिल्म 'रूपा'
गोविंदा का मानना है कि 'रूपा' सिर्फ एक मनोरंजन फिल्म नहीं बल्कि युवाओं के लिए इंस्पिरेशन कहानी भी है। उन्होंने कहा कि जब युवा इस फिल्म को थिएटर में देखेंगे तो उन्हें अपने सपनों को पूरा करने की प्रेरणा मिलेगी। एक्टर ने विश्वास जताया कि यह फिल्म दर्शकों के बीच अपना जादू जरूर चलाएगी और लोगों को कुछ नया देखने का मौका मिलेगा।
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न्यूमरोलॉजी में आज भी रखते हैं अटूट विश्वास
गोविंदा ने बातचीत के दौरान अपनी जिंदगी में नंबर 14 की अहमियत भी बताई। उन्होंने कहा कि यह नंबर उनके लिए हमेशा लकी साबित हुआ है और वह बचपन से ही न्यूमरोलॉजी में विश्वास करते हैं। उन्होंने बताया कि जब वह सिर्फ 14 साल के थे, तब उन्हें भगवान का आशीर्वाद मिला। एक ही हफ्ते में उन्होंने 14 फिल्मों पर साइन किए। इसके बाद करीब 14 साल तक सुपरस्टार रहे। बाद में 14वीं लोकसभा के सदस्य बने। फिर लगभग 14 साल संघर्ष किया और अब दोबारा फिल्मों में लौट रहे हैं। गोविंदा का कहना है कि इस बार उन्होंने ज्यादा इंतजार नहीं किया और फैसला किया कि अब फिर से शुरुआत करनी है।
गोविंदा का जब लोग उड़ाते थे मजाक
अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए गोविंदा ने एक दिलचस्प किस्सा भी शेयर किया। उन्होंने बताया कि जब वह गांव में कहते थे कि एक दिन फिल्म हीरो बनेंगे तो लोग उनका मजाक उड़ाते थे। लोग उनसे कहते थे कि न वह सिगरेट पीते हैं, न शराब पीते हैं, न नॉनवेज खाते हैं और न ही लहसुन-प्याज खाते हैं। ऐसे में वह फिल्मी हीरो कैसे बन सकते हैं? लेकिन उन्होंने कभी दूसरों की बातों पर ध्यान नहीं दिया और अपनी मां के सपने को सच करने के लिए लगातार मेहनत करते रहे।
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संघर्ष के बाद फिर शुरू होगी गोविंदा की नई पारी
गोविंदा का करियर कई सुपरहिट फिल्मों से भरा रहा है, लेकिन समय के साथ उन्हें फिल्मों में कम मौके मिलने लगे। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। अब 'रूपा' के जरिए वह एक बार फिर बड़े पर्दे पर अपनी नई शुरुआत करने जा रहे हैं। हालांकि फिल्म की कहानी को अभी पूरी तरह सामने नहीं लाया गया है, लेकिन इसे एक इंस्पिरेशनल एंटरटेनर बताया जा रहा है, जो खासतौर पर युवा दर्शकों को ध्यान में रखकर बनाई गई है।
क्या गोविंदा की वापसी होगी सफल?
गोविंदा की वापसी को लेकर उनके फैंस काफी उत्साहित हैं। 90 के दशक में उन्होंने राजा बाबू, कुली नं. 1, हीरो नं. 1, हसीना मान जाएगी और पार्टनर जैसी कई यादगार फिल्मों से अपनी अलग पहचान बनाई थी। अब देखना दिलचस्प होगा कि 'रूपा' उनकी दूसरी पारी को कितना सफल बनाती है और क्या वह एक बार फिर दर्शकों का वही प्यार हासिल कर पाते हैं।
