मुंबई अंडरवर्ल्ड की कहानियों को पर्दे पर उतारने वाले निर्देशक संजय गुप्ता का निधन हो गया। 'शूटआउट एट लोखंडवाला' से 'शूटआउट एट वडाला' तक उन्होंने कई गैंगस्टर्स की कहानियों पर फिल्में बनाईं।
मुंबई अंडरवर्ल्ड की काली दुनिया, गैंगस्टर्स की दुश्मनी, गैंगवार और पुलिस एनकाउंटर की कहानियों को संजय गुप्ता ने बड़े पर्दे पर कुछ इस अंदाज में पेश किया कि उनकी फिल्में दर्शकों के बीच अलग पहचान बना गईं। 'शूटआउट एट लोखंडवाला' (Shootout at Lokhandwala) से लेकर 'शूटआउट एट वडाला' (Shootout at Wadala) तक उन्होंने कई चर्चित गैंगस्टर्स की कहानियों को सिनेमा में जिंदा किया। अब इस मशहूर फिल्ममेकर के निधन से बॉलीवुड में शोक है। आइए जानते हैं, किन गैंगस्टर्स की जिंदगी पर संजय गुप्ता ने फिल्में बनाईं।
संजय दत्त के साथ शुरू किया था फिल्मी सफर
संजय गुप्ता ने साल 1994 में फिल्म 'आतिश: फील द फायर' (Aatish: Feel the Fire) से निर्देशन की दुनिया में कदम रखा था। इस फिल्म में संजय दत्त और आदित्य पंचोली अहम भूमिकाओं में थे। इसके बाद उन्होंने 'राम शास्त्र' (Ram Shastra), 'जंग' (Jung) और 'खौफ' (Khauff) जैसी फिल्मों का निर्देशन किया। हालांकि, उन्हें असली पहचान साल 2002 में आई फिल्म 'कांटे' (Kaante) से मिली। यह मल्टीस्टारर एक्शन-थ्रिलर फिल्म थी, जिसमें अमिताभ बच्चन, संजय दत्त, सुनील शेट्टी, महेश मांजरेकर, लकी अली और कुमार गौरव जैसे कलाकार नजर आए थे।
'कांटे' ने बनाया खास पहचान, हॉलीवुड से भी जुड़ा किस्सा
'कांटे' (Kaante) को संजय गुप्ता के करियर की सबसे चर्चित फिल्मों में गिना जाता है। फिल्म को क्वेंटिन टैरेंटिनो की 'रिजर्वॉयर डॉग्स' (Reservoir Dogs) और हांगकांग की फिल्म 'सिटी ऑन फायर' (City on Fire) से प्रेरित माना गया। इसकी कहानी, किरदारों और स्टाइलिश एक्शन ने इसे उस दौर की दूसरी फिल्मों से अलग पहचान दी। फिल्म में अमिताभ बच्चन और संजय दत्त समेत पूरी स्टारकास्ट का अंदाज दर्शकों को पसंद आया। यही वह फिल्म थी, जिसने संजय गुप्ता को एक ऐसे निर्देशक के रूप में पहचान मिली, जो एक्शन और क्राइम की कहानियों को अपने खास अंदाज में पेश करना जानता था।
'शूटआउट एट लोखंडवाला' और 'शूटआउट एट वडाला' से दिखाई अंडरवर्ल्ड की दुनिया
मुंबई के अंडरवर्ल्ड पर आधारित कहानियों को बड़े पर्दे पर पेश करने में संजय गुप्ता की खास पहचान रही। साल 2007 में आई फिल्म 'शूटआउट एट लोखंडवाला' (Shootout at Lokhandwala) को उन्होंने प्रोड्यूस किया था। यह फिल्म 1991 में मुंबई के लोखंडवाला कॉम्प्लेक्स में हुई पुलिस और गैंगस्टरों के बीच मुठभेड़ से इंस्पायर्ड थी । फिल्म में विवेक ओबेरॉय, संजय दत्त, अमिताभ बच्चन, सुनील शेट्टी और तुषार कपूर जैसे कलाकार थे।
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इसके बाद साल 2013 में उन्होंने 'शूटआउट एट वडाला' (Shootout at Wadala) का निर्देशन किया। यह फिल्म मुंबई के गैंगस्टर मान्या सुर्वे की कहानी पर आधारित थी। इसमें जॉन अब्राहम ने मान्या सुर्वे का किरदार निभाया था, जबकि अनिल कपूर, कंगना रनौत, तुषार कपूर और मनोज बाजपेयी भी अहम भूमिकाओं में थे। इस फिल्म ने संजय गुप्ता की क्राइम-एक्शन फिल्मों वाली पहचान को और मजबूत किया।
'मुसाफिर' और 'जिंदा' में भी दिखा उनका अलग अंदाज
संजय गुप्ता ने सिर्फ अंडरवर्ल्ड की कहानियों पर ही काम नहीं किया, बल्कि अलग-अलग तरह की थ्रिलर और एक्शन फिल्मों का निर्देशन भी किया। साल 2004 में आई 'मुसाफिर' (Musafir) में संजय दत्त, अनिल कपूर और समीरा रेड्डी नजर आए थे। फिल्म की कहानी एक ऐसे शख्स के इर्द-गिर्द थी, जिसकी जिंदगी अपराध और खतरनाक लोगों के बीच उलझ जाती है।
वहीं, साल 2006 में रिलीज हुई 'जिंदा' (Zinda) में संजय दत्त, जॉन अब्राहम और लारा दत्ता ने काम किया था। यह एक साइकोलॉजिकल थ्रिलर थी, जिसमें बदले और कैद की कहानी दिखाई गई। इसके अलावा उन्होंने 'दस कहानियां' (Dus Kahaniyaan) और 'एसिड फैक्ट्री' (Acid Factory) जैसी फिल्मों का भी निर्देशन किया।
'काबिल' में ऋतिक रोशन के साथ किया काम
संजय गुप्ता की फिल्मोग्राफी में 'काबिल' (Kaabil) का नाम भी खास है। साल 2017 में आई इस फिल्म में ऋतिक रोशन और यामी गौतम मुख्य भूमिका में थे। फिल्म में ऋतिक ने एक दृष्टिबाधित व्यक्ति का किरदार निभाया था, जो अपनी पत्नी की मौत के बाद बदला लेने का फैसला करता है। इस फिल्म का मुकाबला बॉक्स ऑफिस पर शाहरुख खान की 'रईस' (Raees) से हुआ था।
इसके बाद संजय गुप्ता ने जॉन अब्राहम और इमरान हाशमी के साथ 'मुंबई सागा' (Mumbai Saga) बनाई, जो साल 2021 में रिलीज हुई। फिल्म में मुंबई के बदलते दौर, अपराध जगत और गैंगस्टर की कहानी दिखाई गई थी। ऐश्वर्या राय बच्चन के साथ उन्होंने 'जज्बा' (Jazbaa) में भी काम किया था। यह फिल्म साल 2015 में रिलीज हुई थी।
'द मिरांडा ब्रदर्स' थी आखिरी निर्देशित फिल्म
संजय गुप्ता की आखिरी निर्देशित फिल्म 'द मिरांडा ब्रदर्स' (The Miranda Brothers) थी। इसमें हर्षवर्धन राणे और मीजान जाफरी मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे। यह स्पोर्ट्स ड्रामा दो भाइयों की कहानी पर आधारित थी, जिनकी जिंदगी फुटबॉल और परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है।
निर्देशन के अलावा संजय गुप्ता ने प्रोड्यूसर और स्क्रीनराइटर के तौर पर भी काम किया। 'प्लान' (Plan), 'शूटआउट एट लोखंडवाला' (Shootout at Lokhandwala), 'एसिड फैक्ट्री' (Acid Factory) और 'पंख' (Pankh) जैसी फिल्मों से भी उनका जुड़ाव रहा।




