Shilpa Shinde false sexuel harassment case: क्या शिल्पा शिंदे ने सच में ‘सेक्सुअल हैरेसमेंट केस’ झूठा बताया? क्या एक दशक पुराना विवाद अब इंडस्ट्री को हिला रहा है? क्या हिना खान का गुस्सा सही है? क्या FIR की मांग सही दिशा है? या ये मामला फिर से नया बवाल खड़ा करेगा? पूरी टीवी इंडस्ट्री में हड़कंप क्यों मचा है?
टीवी जगत की चर्चित एक्ट्रेस और 'भाभी जी घर पर हैं' में अंगूरी भाभी का रोल कर चुकीं शिल्पा शिंदे एक बार फिर बड़े विवाद के केंद्र में हैं। कॉमेडियन भारती सिंह और हर्ष लिंबाचिया के पॉडकास्ट में दिए गए उनके बयान ने इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है। शिल्पा ने लगभग एक दशक पुराने उस केस पर बड़ा खुलासा किया है, जिसमें उन्होंने ‘भाबीजी घर पर हैं’ के प्रोड्यूसर संजय कोहली पर लगाए गए सेक्सुअल हैरेसमेंट के आरोपों को अब झूठा बताया है। इस बयान के बाद सोशल मीडिया से लेकर टीवी इंडस्ट्री तक तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। हिना खान समेत कई सेलेब्स ने इस मुद्दे पर कड़ी नाराजगी जताई है और मामला एक बार फिर कानूनी और नैतिक बहस में बदल गया है।

क्या है 'अंगूरी भाभी' यानी शिल्पा शिंदे का मामला?
2016 में शिल्पा शिंदे ने पॉपुलर शो ‘भाबीजी घर पर हैं’ छोड़ते वक्त प्रोड्यूसर्स पर सेक्शुअल हैरेसमेंट और बकाया भुगतान ना देने के आरोप लगाए थे। मामला बाद में सेटलमेंट पर खत्म हुआ था। लेकिन अब 2026 में उन्होंने स्वीकार किया कि उस समय लगाए गए सेक्सुअल हरासमेंट के आरोप सही नहीं थे। पॉडकास्ट में शिल्पा ने कहा,
मैं उस समय बहुत मुश्किल हालात में थी और मेरे पास कोई दूसरा रास्ता नहीं था, इसलिए मैंने वह केस किया था। मैं आज पहली बार स्वीकार कर रही हूं कि वह आरोप झूठे थे। बाद में सेटलमेंट हुआ और मेरी बकाया पेमेंट मिल गई।
शिल्पा शिंदे पर फूटा हिना खान का गुस्सा

हिना खान ने शिल्पा शिंदे के खुलासे पर नाराजगी जताते और कड़ा रिएक्शन देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा,
मैं हैरान हूं कि किसी विवाद में जीतने के लिए किसी की छवि खराब करने के लिए ऐसे आरोप लगाए गए। यह बेहद शर्मनाक है। असल पीड़ित वह व्यक्ति है जिसकी छवि खराब हुई, जबकि बाद में वही शो फिर से उसी व्यक्ति को दिया गया जिसने आरोप लगाए थे।
शिल्पा शिंदे के खिलाफ FIR की मांग
दिल्ली बेस्ड पुरुष अधिकार संगठन NCMIndia Council for Men Affairs ने मुंबई पुलिस से शिल्पा शिंदे के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सोशल मीडिया पर भी कई यूजर्स ने नाराजगी जताते हुए कहा कि झूठे आरोप लगाने पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं कुछ लोगों ने इसे डिफेमेशन केस का मामला बताया।
