Actor Jai opens up about converting to Islam: थलापति विजय के साथ तमिल फिल्म ‘भगवती’ से डेब्यू करने वाले एक्टर जय का एक इंटरव्यू वायरल हो रहा है, जो उन्होंने हाल ही में दिया है। इसमें उन्होंने खुलासा किया है कि वे 2011 में इस्लाम अपना चुके हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने इस बातचीत में मंदिर और मस्जिद के बीच ऐसा फर्क बताया है, जिसने सबका ध्यान खींचा है।

‘सुब्रमणिपुरम’, ‘गोवा’ और ‘राजा रानी’ जैसी फिल्मों से पहचान बनाने वाले तमिल एक्टर जय इन दिनों अपने एक बयान को लेकर चर्चा में हैं। एक्टर ने हाल ही में खुलासा किया कि उन्होंने साल 2011 में इस्लाम धर्म अपनाया था। जय ने बताया कि अलग-अलग धार्मिक परंपराओं का पालन करने के बाद उन्हें मस्जिद में ऐसी बराबरी और शांति महसूस हुई, जिसने उनकी सोच बदल दी। एक्टर के मुताबिक, मस्जिद में उन्हें कभी सेलिब्रिटी की तरह ट्रीट नहीं किया गया और यही बात उनके दिल को छू गई। जय ने साफ किया कि उनके धर्म परिवर्तन का उनके फिल्मी करियर के उतार-चढ़ाव से कोई संबंध नहीं है।

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जय ने क्यों अपनाया इस्लाम?

Galatta Plus से हालिया बातचीत में जय ने बताया कि वह पहले कई धार्मिक परंपराओं को फॉलो करते थे। उन्होंने सबरीमाला के लिए माला भी पहनी और ईसाई धर्म से जुड़ी परंपराओं का भी पालन किया। हालांकि एक्टर के मुताबिक़, मंदिरों में उनके साथ कुछ ऐसे अनुभव हुए, जिन्होंने उन्हें अंदर से परेशान कर दिया। वे कहते हैं, "मैं सभी भगवानों को मानता था और सोचता था कि सब ठीक है। लेकिन एक समय ऐसा आया जब मंदिरों में मुझे कुछ अपमान और अप्रत्याशित स्थितियों का सामना करना पड़ा। ऐसी कई बातें लगातार होती रहीं।”

मस्जिद में मिला बराबरी और सुकून का एहसास: जय

जय ने बताया कि पहली बार मस्जिद जाने के दौरान उन्हें एक अलग तरह की शांति महसूस हुई। उन्होंने बताया, “जब मैं पहली बार मस्जिद गया तो मैंने देखा कि सभी लोग एक लाइन में खड़े होकर नमाज पढ़ रहे थे। सभी जानते थे कि मैं एक्टर हूं, लेकिन मस्जिद के अंदर किसी ने मुझसे बात नहीं की। बाहर आने के बाद लोगों ने बहुत सम्मान से बात की। किसी ने फोटो तक नहीं मांगी। तब मुझे लगा कि यहां शायद बराबरी है। क्या यहां सभी को एक जैसा देखा जाता है? इस बात ने मुझे बहुत प्रभावित किया।”

‘मस्जिद में सिर्फ खुदा सबसे बड़ा होता है’

जय ने कहा कि मस्जिद के अंदर किसी को उसके स्टारडम या पहचान के आधार पर अलग नहीं देखा जाता। वे कहते हैं, “मस्जिद के अंदर सिर्फ खुदा को सबसे बड़ा माना जाता है। चाहे कोई कितना भी बड़ा सेलिब्रिटी क्यों ना हो, वहां उसे अलग नजर से नहीं देखा जाता। वहां हमें अपनी दुआ करने की पूरी जगह मिलती है। कोई हमें जल्दी जाने के लिए नहीं कहता। हम जितनी देर चाहें इबादत कर सकते हैं। यह मुझे योग जैसा महसूस हुआ। इस्लाम को फॉलो करने के बाद मेरा स्वभाव भी बदलने लगा।”

नाम बदलने पर भी की थी चर्चा

जय ने 2019 में भी पुष्टि की थी कि वह लंबे समय से इस्लाम को फॉलो कर रहे हैं। उस दौरान उन्होंने अपना नाम अजीज जय रखने पर भी विचार किया था। हालांकि, बाद में आधिकारिक तौर पर नाम नहीं बदला। फिल्मी करियर की बात करें तो जय ने 2002 में थलापति विजय स्टारर फिल्म 'भगवती' से डेब्यू किया था। बाद में उन्होंने ‘सुब्रमणिपुरम’, ‘चेन्नई 600028’, ‘एंगेयुम एपोथुम’ और ‘राजा रानी’ जैसी फिल्मों से पॉपुलैरिटी हासिल की थी। हाल ही में वह ‘Sattendru Maarudhu Vaanilai’ में नजर आए थे।