28 जून को यूपी के देवबंद जा रहे चंद्रशेखर आजाद पर कुछ अज्ञात लोगों ने हमला कर दिया था, जिसमें उनके पेट को गोली छूकर निकल गई थी। सोशल मीडिया पर यूजर मोहम्मद जियाउद्दीन खान ने इसे लेकर पोस्ट किया है, जिसकी हमने पड़ताल की तो यह पूरी तरह से फर्जी निकला।

फैक्ट चेकः ''दलितों ओबीसी तुम सिर्फ BJP सरकार में कीड़े मकोड़े हो, तुम्हारी हत्या भी हो जाए तो न्यायालय हो या प्रशासन फर्क नहीं पड़ता। भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद पर जानलेवा हमले के चारों आरोपियों को सिर्फ 2 दिन में ही बेल मिल गई। फैसला आपको करना है कट्टर हिन्दू बनना है या इंसान।''

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सोशल मीडिया पर मोहम्मद जियाउद्दीन खान ने चंद्रशेखर आजाद को लेकर यह पोस्ट किया हुआ है। इस पोस्ट पर लिखे गए मैसेज की जब हमने पड़ताल की तो यह पूरी तरह से फर्जी निकला। बता दें 28 जून को यूपी के देवबंद जा रहे चंद्रशेखर आजाद पर कुछ अज्ञात लोगों ने हमला कर दिया था, जिसमें भीम आर्मी चीफ के पेट को गोली छूकर निकल गई थी। घटना के एक दिन बाद यानी 29 जून को पुलिस ने 4 आरोपियों को हिरासत में लिया था। अब उन आरोपियों को सिर्फ 2 दिन में बेल मिलने की बात वायरल की जा रही है। ट्विटर पर मोहम्मद जियाउद्दीन खान ने 04 जुलाई 2023 को यह पोस्ट किया था। सहारनपुर के एसपी ग्रामीण से आइए जानते हैं आखिर क्या है चंद्रशेखर आजाद के सभी 4 आरोपियों को 2 दिन में बेल मिलने का सच...

Asianet News Hindi ने जब इस वायरल मैसेज की पड़ताल की तो यह पूरी तरह फर्जी निकला। एशियानेट न्यूज हिंदी ने सहारनपुर एसपी ग्रामीण सागर जैन से फोन पर बात की। सागर जैन ने बताया- ‘2 दिन में बेल मिलने वाली बात पूरी तरह मनगढ़ंत है। इसमें कोई सच्चाई नहीं है। सिर्फ भ्रम फैलाने के लिए यह मैसेज वायरल किया जा रहा है। चंद्रशेखर आजाद पर हमला करने के आरोप में जिन 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, वो अभी भी न्यायिक हिरासत में हैं।’ बता दें, 29 जून को एशियानेट न्यूज हिंदी ने भी चंद्रशेखर आजाद पर हमला करने वाले चारों आरोपियों के गिरफ्तार होने की खबर पब्लिश की थी। (भीम आर्मी चीफ पर फायरिंग- 4 संदिग्ध अरेस्ट, कार भी बरामद, चंद्रशेखर ने वीडियो जारी करके कही ये बड़ी बात...पढ़ें पूरी खबर)

निष्कर्षः सहारनपुर एसपी ग्रामीण सागर जैन ने चंद्रशेखर आजाद पर हमला करने वाले चारों आरोपियों को 2 दिन में बेल मिलने वाली बात को सिरे से खारिज कर दिया है। इसलिए वायरल किया जा रहा पोस्ट पूरी तरह से फर्जी और भ्रामक है। इसमें कोई सच्चाई नहीं है। चारों आरोपी अभी भी न्यायिक हिरासत में हैं।