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मारुति के इतिहास में पहली बार, सबसे ज्यादा कारें बेचने वाली कंपनी अप्रैल में नहीं बेच पाई एक भी गाड़ी
मुंबई. देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया (MSI) और एमजी मोटर (MG Motor) की पिछले महीने अप्रैल में एक भी कार नहीं बिक पाई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय ऑटोमोबाइल जगत के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है। ऐसा कोरोना वायरस महामारी को फैलने से रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन की वजह से हुआ है। मारुति सुजुकी इंडिया ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि कंपनी ने अप्रैल 2020 में घरेलू बाजार में शून्य बिक्री की। ऐसा इसलिए था क्योंकि सरकार के आदेशों के अनुपालन में सभी उत्पादन प्लांट बंद कर दी गई थीं। लॉकडाउन के तहत पूरे अप्रैल महीने में सभी शोरूम बंद रहे और लोगों भी अपने घरों में सीमित रहे। और जैसी आशंका थी देश की सबसे बड़ी कार निर्माता, के पास पूरे महीने बिक्री के तौर पर दिखाने के लिए कुछ भी नहीं था।

बंद के लिए जारी सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार कंपनी के संयंत्रों में उत्पादन बंद है। हालांकि बंदरगाहों के खुलने के बाद कंपनी ने मूंदड़ा बंदरगाह से 632 कारों का निर्यात किया है। निर्यात के लिए सभी सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन किया गया।
मार्च के महीने से ही अशुभ संकेत साफ तौर पर नजर आने लगे थे जब महीने की बिक्री के आंकड़े में नाटकीय गिरावट दिखा। मारुति सुजुकी ने देशव्यापी लॉकडाउन के सरकारी आदेशों के अनुपालन में सभी उत्पादन प्लांटों को बंद कर दिया था और मार्च 2019 के आंकड़ों की तुलना में इस साल मार्च के महीने में 79,080 यूनिट्स की बिक्री के साथ 47.4 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी।
इससे साफ था अप्रैल के महीने में बिक्री शून्य रहनेवाली है। और यह सिर्फ मारुति की कहानी नहीं है, बल्कि विश्लेषकों का अनुमान है कि हर प्रमुख OEM (ओरिजिनल इक्यूपमेंट मैन्यूफैक्चरर), ओईएम इन्हीं तरह के कारणों की वजह से बिक्री के आंकड़ों की रिपोर्ट ऐसी ही होगी।
मारुति सुजुकी सामान्य परिस्थितियों में हर महीने औसतन लगभग 150,000 कारें बनाती है, जिसने इसे देश की सबसे बड़ी कार निर्माता के रूप में अपनी पोजिशन को बनाए रखने में काफी मदद की है। मारुति देश के बाहर अपनी कारों का का निर्यात भी करती है। कंपनी ने शुक्रवार को जानकारी दी कि सुरक्षा के लिए सभी दिशानिर्देशों का पालन करने के बाद अप्रैल में मूंदड़ा बंदरगाह से 632 कारों का निर्यात किया गया।
पिछले हफ्ते Maruti Suzuki India Limited (मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड) के चेयरमैन आर सी भार्गव ने भी ऐसी आशंका जताई थी कि अप्रैल में बिक्री के आंकड़े शून्य रह सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने कहा था, "कुछ असामान्य चीजें घटित होंगी। उदाहरण के लिए, ऐसा कभी नहीं हुआ है कि साल में कोई महीना ऐसा हो जब ऑटोमोबाइल की बिक्री शून्य रही होगी। अप्रैल एक ऐसा महीना होने जा रहा है।"
उन्होंने ये भी कहा, "जब तक कार के सभी घटक उपलब्ध न हों, तब तक कार का निर्माण नहीं किया जा सकता है। इसलिए, अगर कोई मुझसे कहता है कि यहां एक कारखाना शुरू करो, तो इससे हमारी मदद नहीं होगी। मैं उत्पादन के लिए उस कारखाने को शुरू नहीं कर सकता।"
खबरों के मुताबिक मारुति सुजुकी को अप्रैल के आखिर में हरियाणा के मानेसर में अपने प्लांट में उत्पादन फिर से शुरू करने की अनुमति मिली थी, लेकिन इसे केवल मूल रखरखाव के लिए खोला गया है। हाल ही में सूत्रों के हवाले से एक रिपोर्ट में कहा गया है कि मारुति सुजुकी और ह्यूंदै दोनों कंपनियां मई में उत्पादन फिर से शुरू करेंगी लेकिन शुरुआत में कारों की संख्या सीमित रखेगी।
MG Motor India (एमजी मोटर इंडिया) की भी अप्रैल के महीने में घरेलू बिक्री शून्य रही। इसकी प्रमुख वजह देशव्यापी लॉकडाउन में डीलरशिप का बंद रहना है। कंपनी ने एक बयान में यह जानकारी दी। कंपनी सिर्फ डीलरों की दुकानों से होने वाली बिक्री के आंकड़े जारी करती है। एमजी मोटर इंडिया ने अप्रैल के आखिरी सप्ताह में गुजरात के हलोल स्थित अपने संयंत्र में छोटे स्तर पर फिर से उत्पादन शुरू किया है। कंपनी ने कहा कि वह सरकार और स्थानीय विभागों के दिशानिर्देशों के अनुसार सभी सुरक्षात्मक कदम उठाकर संयंत्र चला रही है।
कंपनी को उम्मीद है कि मई में कारखाना रफ्तार पकड़ लेगा। कंपनी स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला की मदद के लिए भी काम कर रही है।
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