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FACT CHECK: किसानों के साथ धरनें पर बैठे कनाडा के प्रधानमंत्री? होश उड़ा देगा वायरल तस्वीर का सच

First Published Dec 9, 2020, 5:00 PM IST
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फैक्ट चेक डेस्क. किसान आंदोलन से जोड़कर सोशल मीडिया पर सैकड़ों तस्वीरें वायरल हो रही हैं। इसमें फेक दावों और तस्वीरों ने भी जगह बनाई है। पिछले दिनों अभिनेता ऋतिक रोशन को सिखों के साथ आंदोलन का समर्थन के दावे से एक तस्वीर वायरल हुई थी। अब कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की एक तस्वीर शेयर की जा रही है। तस्वीर में उनके साथ पगड़ी पहने कई लोग दिख रहे हैं। दावा है कि कनाडा में जस्टिन ट्रूडो किसानों के प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे हैं। फैक्ट चेक में आइए जानते हैं पूरा मामला क्या है?

क्या वाकई कनाडा के प्रधानमंत्री इस समय कनाडा में किसानों के साथ विरोध प्रदर्शन में बैठे हैं? 
 

क्या वाकई कनाडा के प्रधानमंत्री इस समय कनाडा में किसानों के साथ विरोध प्रदर्शन में बैठे हैं? 
 

वायरल पोस्ट क्या है? 

 

फ़ेसबुक पेज ‘K9media’ ने ये तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा, “कनाडा – #किसानों के धरनें पर कनाडा का प्रधानमंत्री” 

वायरल पोस्ट क्या है? 

 

फ़ेसबुक पेज ‘K9media’ ने ये तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा, “कनाडा – #किसानों के धरनें पर कनाडा का प्रधानमंत्री” 

फ़ेसबुक ट्विटर दोनों जगह ये तस्वीर किसानों के प्रदर्शन की बताकर वायरल है।

फ़ेसबुक ट्विटर दोनों जगह ये तस्वीर किसानों के प्रदर्शन की बताकर वायरल है।

फ़ैक्ट-चेक

 

आसान से गूगल रिवर्स इमेज सर्च से हमें ये तस्वीर नवंबर 2015 के हिंदुस्तान टाइम्स के एक आर्टिकल में मिली। हिंदुस्तान टाइम्स पंजाब ने भी 12 नवंबर 2015 को गुरुद्वारा दौरे की ये तस्वीरें ट्वीट की थीं। ट्वीट के मुताबिक, कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो दिवाली के मौके पर राजधानी ओटावा स्थित एक गुरुद्वारा में गए थे।

फ़ैक्ट-चेक

 

आसान से गूगल रिवर्स इमेज सर्च से हमें ये तस्वीर नवंबर 2015 के हिंदुस्तान टाइम्स के एक आर्टिकल में मिली। हिंदुस्तान टाइम्स पंजाब ने भी 12 नवंबर 2015 को गुरुद्वारा दौरे की ये तस्वीरें ट्वीट की थीं। ट्वीट के मुताबिक, कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो दिवाली के मौके पर राजधानी ओटावा स्थित एक गुरुद्वारा में गए थे।

ये निकला नतीजा  

रॉयटर्स ने भी 11 नवंबर 2015 को ये तस्वीर पब्लिश की थी।  इस तरह पड़ताल में ये साबित हो जाता है कि नवंबर 2015 में कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की गुरुद्वारा यात्रा की तस्वीर हाल के किसान प्रदर्शन से जोड़कर शेयर की गई। हाल फिलहाल कनाडा के प्रधानमंत्री किसान आंदोलन में शामिल नहीं हुए हैं। 

ये निकला नतीजा  

रॉयटर्स ने भी 11 नवंबर 2015 को ये तस्वीर पब्लिश की थी।  इस तरह पड़ताल में ये साबित हो जाता है कि नवंबर 2015 में कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की गुरुद्वारा यात्रा की तस्वीर हाल के किसान प्रदर्शन से जोड़कर शेयर की गई। हाल फिलहाल कनाडा के प्रधानमंत्री किसान आंदोलन में शामिल नहीं हुए हैं। 

किसान आंदोलन से जुड़ी अन्य फेक खबरें- 

 

इससे पहले सोशल मीडिया पर तिरंगे का अपमान करते सरदारों की फोटो जमकर वायरल हुईं।  खोजने पर हमें Dal Khalsa UK का यूट्यूब चैनल पर इसका वीडियो मिला। यहां पर साल 2010 और 2015 में भी स्वंत्रता दिवस पर कुछ वीडियो अपलोड किये गए थे जिसमें सिख समुदाय के साथ कुछ अन्य लोगों को भारत का विरोध करते हुए देखा जा सकता है। इन वीडियो को भी लंदन बताया गया है। Alamy की वेबसाइट पर भी Dal Khalsa UK के विरोध-प्रदर्शन की तस्वीरें मौजूद हैं। ये तस्वीरें हाल-फिलहाल में किसान आंदोलन की नहीं हैं।

किसान आंदोलन से जुड़ी अन्य फेक खबरें- 

 

इससे पहले सोशल मीडिया पर तिरंगे का अपमान करते सरदारों की फोटो जमकर वायरल हुईं।  खोजने पर हमें Dal Khalsa UK का यूट्यूब चैनल पर इसका वीडियो मिला। यहां पर साल 2010 और 2015 में भी स्वंत्रता दिवस पर कुछ वीडियो अपलोड किये गए थे जिसमें सिख समुदाय के साथ कुछ अन्य लोगों को भारत का विरोध करते हुए देखा जा सकता है। इन वीडियो को भी लंदन बताया गया है। Alamy की वेबसाइट पर भी Dal Khalsa UK के विरोध-प्रदर्शन की तस्वीरें मौजूद हैं। ये तस्वीरें हाल-फिलहाल में किसान आंदोलन की नहीं हैं।

इसके अलावा सोशल मीडिया पर एक पंजाबी करोड़पति कपल की कहानी जमकर शेयर की गई। किसान आंदोलन से जोड़कर ये कहानी वायरल हुई लेकिन सच्चाई ये है कि ये एक पंजाबी और सिंगर और पंजाबी अभिनेत्री की फोटो है। सिंगर महताब विर्क की टीम ने मीडिया को बताया कि पोस्ट में कही जा रही बात मनगढ़ंत है और महताब शादीशुदा नहीं हैं। उनका कहना था कि ये तस्वीर कुछ दिनों पहले किसानों के एक विरोध-प्रदर्शन के दौरान ली गई थी। अभिनेत्री सोनिया के इंस्टाग्राम पोस्ट के मुताबिक तस्वीर पंजाब में किसी जगह की है।

इसके अलावा सोशल मीडिया पर एक पंजाबी करोड़पति कपल की कहानी जमकर शेयर की गई। किसान आंदोलन से जोड़कर ये कहानी वायरल हुई लेकिन सच्चाई ये है कि ये एक पंजाबी और सिंगर और पंजाबी अभिनेत्री की फोटो है। सिंगर महताब विर्क की टीम ने मीडिया को बताया कि पोस्ट में कही जा रही बात मनगढ़ंत है और महताब शादीशुदा नहीं हैं। उनका कहना था कि ये तस्वीर कुछ दिनों पहले किसानों के एक विरोध-प्रदर्शन के दौरान ली गई थी। अभिनेत्री सोनिया के इंस्टाग्राम पोस्ट के मुताबिक तस्वीर पंजाब में किसी जगह की है।

डॉक्‍टर राजकुमारी बंसल ने को भी किसान आंदोलन से जुड़ने का दावा किया गया। मजाक उड़ाते हुए ये फोटो वायरल हुई लेकिन डॉ बंसल ने मीडिया को बताया कि वह जबलपुर में हैं। अभी तक किसान आंदोलन में नहीं गई हैं। कुछ लोग अपनी हरकतों से बाज नहीं आ सकते हैं। वायरल तस्‍वीर से मेरा कोई संबंध नहीं है। डॉ बंसल और वायरल तस्वीर में भी काफी अंतर है।

डॉक्‍टर राजकुमारी बंसल ने को भी किसान आंदोलन से जुड़ने का दावा किया गया। मजाक उड़ाते हुए ये फोटो वायरल हुई लेकिन डॉ बंसल ने मीडिया को बताया कि वह जबलपुर में हैं। अभी तक किसान आंदोलन में नहीं गई हैं। कुछ लोग अपनी हरकतों से बाज नहीं आ सकते हैं। वायरल तस्‍वीर से मेरा कोई संबंध नहीं है। डॉ बंसल और वायरल तस्वीर में भी काफी अंतर है।

किसानों से जोड़कर सैकड़ों वायरल तस्वीरों में ये एक तस्वीर भी चर्चा का विषय बनी हुई है। इस पर तो बॉलीवुड सेलिब्रिटीज भी भिड़ गए। कंगना रनौत ने भी मान लिया कि वायरल फोटो में शाहीन बाग की महिला बिलकिस बानों थी लेकिन सच्चाई ये है कि किसान आंदोलन में पंजाब की महिला किसान मौजूद हैं। बिलकिस बानों के बेटे ने बताया कि उनकी मां फिलहाल किसान आंदोलन में कहीं नहीं गई हैं। 
 

किसानों से जोड़कर सैकड़ों वायरल तस्वीरों में ये एक तस्वीर भी चर्चा का विषय बनी हुई है। इस पर तो बॉलीवुड सेलिब्रिटीज भी भिड़ गए। कंगना रनौत ने भी मान लिया कि वायरल फोटो में शाहीन बाग की महिला बिलकिस बानों थी लेकिन सच्चाई ये है कि किसान आंदोलन में पंजाब की महिला किसान मौजूद हैं। बिलकिस बानों के बेटे ने बताया कि उनकी मां फिलहाल किसान आंदोलन में कहीं नहीं गई हैं। 
 

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