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बॉक्सिंग के साथ इस तरह रखती हैं 4 बच्चों का ध्यान, अपना करियर छोड़ पति ने हर कदम पर दिया साथ

First Published May 16, 2021, 12:24 PM IST
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स्पोर्ट्स डेस्क : भारत को छह बार विश्‍व चैंपियन बनाने वाली एमसी मैरीकॉम (Mary Kom) आज किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। तमाम बंधनों को तोड़ते हुए वह जिस तरह से आगे बढ़ीं, वो काबिल-ए-तारीफ है। 4 बच्चे होने के बाद भी दुनिया को अपने पंच का दम दिखाया। हाल ही में उन्होंने अपने बेटे प्रिंस सी कॉम के जन्मदिन पर अपने परिवार की कुछ तस्वीरें भी शेयर की है। मैरीकॉम की प्रोफेशनल लाइफ के बारे में तो आप सभी जानते हैं। लेकिन आज हम आपको बताते हैं, उनकी पर्सनल लाइफ के बारे में, कि कैसे बॉक्सिंग के साथ वह 4 बच्चों का ध्यान रखती है और उनके पति ने किस तरह हर कदम पर उनका साथ निभाया है।

मैरी की सफलता के पीछे ऑनलेर का हाथ
अक्सर हमने सुना है, कि एक सफल आदमी के पीछे औरत का हाथ होता है। ऐसा बहुत कम देखा जाता है, कि शादी के बाद पुरुष अपना सबकुछ छोड़कर महिलाओं को उनका सपना पूरा करने दें। लेकिन मैरीकॉम के पति ऑनलेर (Karung Onkholer) ने इस कहावत को उल्टा करके दिखाया और अपना करियर छोड़ अपनी पत्नी को आगे बढ़ने दिया।

मैरी की सफलता के पीछे ऑनलेर का हाथ
अक्सर हमने सुना है, कि एक सफल आदमी के पीछे औरत का हाथ होता है। ऐसा बहुत कम देखा जाता है, कि शादी के बाद पुरुष अपना सबकुछ छोड़कर महिलाओं को उनका सपना पूरा करने दें। लेकिन मैरीकॉम के पति ऑनलेर (Karung Onkholer) ने इस कहावत को उल्टा करके दिखाया और अपना करियर छोड़ अपनी पत्नी को आगे बढ़ने दिया।

ऐसे हुई दोनों की पहली मुलाकात
साल 2000 में जब मैरीकॉम बॉक्सिंग का सपना संजोए दिल्ली आई, तो उनकी भाषा और उन्हें समझने वाल कोई नहीं था। तभी बॉक्सिंग की ट्रेनिंग के दौरान उनसे मिलने दो शख्स आए हैं जो उनकी मदद करना चाहते थे। इनमें से एक ऑनलेर ही थे। वह कॉम-रेम स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष थे, जो दिल्ली में रहने वाले नार्थईस्ट के छात्रों का ध्यान रखते और उनकी मदद करते थे। यहीं से दोनों के बीच बातचीत होना शुरू हुई।

ऐसे हुई दोनों की पहली मुलाकात
साल 2000 में जब मैरीकॉम बॉक्सिंग का सपना संजोए दिल्ली आई, तो उनकी भाषा और उन्हें समझने वाल कोई नहीं था। तभी बॉक्सिंग की ट्रेनिंग के दौरान उनसे मिलने दो शख्स आए हैं जो उनकी मदद करना चाहते थे। इनमें से एक ऑनलेर ही थे। वह कॉम-रेम स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष थे, जो दिल्ली में रहने वाले नार्थईस्ट के छात्रों का ध्यान रखते और उनकी मदद करते थे। यहीं से दोनों के बीच बातचीत होना शुरू हुई।

ऐसे शुरू हुई थी मैरी-ऑनलेर की लवस्टोरी
एक बार जब मैरी ने भारत के लिए इंटरनेशनल खेलने से कुछ दिन पहले ही अपना पासपोर्ट खो दिया था, तो ऑनलेर ने मैरी को बड़ी मुश्किल से नया पासपोर्ट बनवाकर दिया। इसी के बाद से दोनों के बीच का प्यार परवान चढ़ने लगा।

ऐसे शुरू हुई थी मैरी-ऑनलेर की लवस्टोरी
एक बार जब मैरी ने भारत के लिए इंटरनेशनल खेलने से कुछ दिन पहले ही अपना पासपोर्ट खो दिया था, तो ऑनलेर ने मैरी को बड़ी मुश्किल से नया पासपोर्ट बनवाकर दिया। इसी के बाद से दोनों के बीच का प्यार परवान चढ़ने लगा।

घरवालों के अगेंस्ट जाकर की शादी
मैरीकॉम जब अपने करियर के ग्राफ में सबसे ऊपर थी, तब ऑलनेर ने उन्हें शादी के लिए प्रपोज किया और कहा कि मैं तुम्हारे पिता से मिलना चाहता हूं। लेकिन मैरी के पिता को ये रिश्ता मंजूर नहीं था, इसके बाद उन्होंने इंफाल जाकर 2005 में शादी की।
 

घरवालों के अगेंस्ट जाकर की शादी
मैरीकॉम जब अपने करियर के ग्राफ में सबसे ऊपर थी, तब ऑलनेर ने उन्हें शादी के लिए प्रपोज किया और कहा कि मैं तुम्हारे पिता से मिलना चाहता हूं। लेकिन मैरी के पिता को ये रिश्ता मंजूर नहीं था, इसके बाद उन्होंने इंफाल जाकर 2005 में शादी की।
 

मां बनने के बाद की वापसी
फुटबॉलर करुंग ऑनलेर से शादी की और इसके बाद उन्‍होंने बॉक्सिंग से ब्रेक ले लिया था। 2007 में मैरी ने जुड़वां बच्‍चों को जन्‍म दिया। इसके बाद सबको लगने लगा, कि उनका करियर खत्म हो चुका है, लेकिन वह बच्चे होने के एक साल बाद ही पूरी तैयारी के साथ रिंग में उतर गई और इसमें उनका पूरा साथ उनकी पति ने दिया।

मां बनने के बाद की वापसी
फुटबॉलर करुंग ऑनलेर से शादी की और इसके बाद उन्‍होंने बॉक्सिंग से ब्रेक ले लिया था। 2007 में मैरी ने जुड़वां बच्‍चों को जन्‍म दिया। इसके बाद सबको लगने लगा, कि उनका करियर खत्म हो चुका है, लेकिन वह बच्चे होने के एक साल बाद ही पूरी तैयारी के साथ रिंग में उतर गई और इसमें उनका पूरा साथ उनकी पति ने दिया।

2 बच्चे होने के बाद जीती वर्ल्‍ड चैंपियनशिप 
2008 में मैरीकॉम ने धमाकेदार वापसी और वर्ल्‍ड चैंपियनशिप का खिताब जीता। इसके साथ ही एशियन महिला बॉक्सिंग चैंपियनशिप में सिल्‍वर मेडल भी जीता। उस समय उनके बेटे की तबियत काफी खराब थी, लेकिन उनके पति ऑनलेर ने दोनों बेटों की देखभाल की।

2 बच्चे होने के बाद जीती वर्ल्‍ड चैंपियनशिप 
2008 में मैरीकॉम ने धमाकेदार वापसी और वर्ल्‍ड चैंपियनशिप का खिताब जीता। इसके साथ ही एशियन महिला बॉक्सिंग चैंपियनशिप में सिल्‍वर मेडल भी जीता। उस समय उनके बेटे की तबियत काफी खराब थी, लेकिन उनके पति ऑनलेर ने दोनों बेटों की देखभाल की।

4 बच्चों की मां है मैरीकॉम
मैरीकॉम ने 2013 में तीसरे बेटे को जन्‍म दिया। उनकी एक बेटी भी है। 4 बच्चों होने के बाद भी मैरी का बॉक्सिंग करियर आज भी जारी है और उनका मानना है कि अभी भी उनके पंच में युवा मैरी जैसा ही दम है। 

4 बच्चों की मां है मैरीकॉम
मैरीकॉम ने 2013 में तीसरे बेटे को जन्‍म दिया। उनकी एक बेटी भी है। 4 बच्चों होने के बाद भी मैरी का बॉक्सिंग करियर आज भी जारी है और उनका मानना है कि अभी भी उनके पंच में युवा मैरी जैसा ही दम है। 

8 साल का हुआ तीसरा बेटा
हाल ही में 15 मई को उनका बेटा 8 साल हो गया है, उसके जन्मदिन पर मैरीकॉम ने कुछ तस्वीर शेयर कर उसे बधाई दी और लिखा कि तुम मेरी शान हो..मेरा प्यार..और मेरा सब कुछ..मैं तुम्हें बहुत याद कर रही हूं।

8 साल का हुआ तीसरा बेटा
हाल ही में 15 मई को उनका बेटा 8 साल हो गया है, उसके जन्मदिन पर मैरीकॉम ने कुछ तस्वीर शेयर कर उसे बधाई दी और लिखा कि तुम मेरी शान हो..मेरा प्यार..और मेरा सब कुछ..मैं तुम्हें बहुत याद कर रही हूं।

ओलंपिक की तैयारी कर रही मैरीकॉम
38 साल मैरी कॉम ने 23 जुलाई से शुरू होने वाले टोक्यो ओलंपिक खेलों के लिए महिलाओं के 51 किग्रा में क्वालीफाई किया। जिसके लिए वह पुणे स्थित सेना खेल संस्थान में प्रैक्टिस कर रही हैं। 

ओलंपिक की तैयारी कर रही मैरीकॉम
38 साल मैरी कॉम ने 23 जुलाई से शुरू होने वाले टोक्यो ओलंपिक खेलों के लिए महिलाओं के 51 किग्रा में क्वालीफाई किया। जिसके लिए वह पुणे स्थित सेना खेल संस्थान में प्रैक्टिस कर रही हैं। 

ऐसा रहा मैरीकॉम का करियर
1 मार्च 1983 को मणिपुर में जन्‍मीं मैरीकॉम ने अपने पहले ही इंटरनेशनल टूर्नामेंट में मेडल जीत लिया था। वह छह बार विश्‍व चैंपियन बनने वाली दुनिया की एकमात्र महिला मुक्‍केबाज है। इतना ही नहीं, वह 2014 में एशियन गेम्‍स और 2018 कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स में गोल्‍ड मेडल जीतने वाली वह भारत की पहली महिला मुक्‍केबाज हैं। 
 

ऐसा रहा मैरीकॉम का करियर
1 मार्च 1983 को मणिपुर में जन्‍मीं मैरीकॉम ने अपने पहले ही इंटरनेशनल टूर्नामेंट में मेडल जीत लिया था। वह छह बार विश्‍व चैंपियन बनने वाली दुनिया की एकमात्र महिला मुक्‍केबाज है। इतना ही नहीं, वह 2014 में एशियन गेम्‍स और 2018 कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स में गोल्‍ड मेडल जीतने वाली वह भारत की पहली महिला मुक्‍केबाज हैं। 
 

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