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जेठ के प्यार में हुई पागल, 12 लाख देकर कराई पति की हत्या, बताई कोरोना से मौत..5 माह बाद ऐसे खुला राज

First Published Apr 10, 2021, 7:31 PM IST
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उदयपुर (राजस्थान). कहतें हैं पति-पत्नी जो रिश्ता होता है उसमें प्यार, भरोसा और पवित्रा होती है, जो वक्त आने पर एक-दूसरे की खुशी की खातिर अपनी जान तक कुर्बान कर देते हैं। लेकिन राजस्थान के उदयपुर से एक ऐसी महिला के बारे में पर्दाफाश हुआ है, जिसके बारे में जानकर आप कहेंगे कि ऐसी महिला को पत्नी बनने से अच्छा है पूरी जिंदगी कुवांरा ही रहूं। जो अपने जेठ के प्यार में इतनी पागल हुई कि उसने अपने पति की सुपारी देकर हत्या करा दी। फिर घरवालों को बता दिया कि पति की कोरोना से मौत हो गई। पढ़िए हैरान कर देने वाला यह शॉकिंग क्राइम...
 


दरअसल, हैरान कर देने वाला यह मामला उदयपुर के प्रताप नगर थाना क्षेत्र का है। जहां आज से पांच महीने पहले पुलिस को एक अज्ञात शव मिला था। पुलिस लगातार इस मामले की तफ्तीश में जुटी हई थी कि आखिर यह लाश किसी की है। शुक्रवार को मामले का खुलासा हुआ और मृतक की पहचान उत्तम दास नाम के युवक के रूप में हुई। यह कत्ल किसी और ने नहीं बल्कि मृतक की पत्नी रूपा और उसके सगे बड़े तपन ने सुपारी देकर पेशेवर किलर से कराई थी। शुक्रवार को दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। जहां उन्होंने खुद अपने जुर्म कबूलते हुए पूरी कहानी बयां की।


दरअसल, हैरान कर देने वाला यह मामला उदयपुर के प्रताप नगर थाना क्षेत्र का है। जहां आज से पांच महीने पहले पुलिस को एक अज्ञात शव मिला था। पुलिस लगातार इस मामले की तफ्तीश में जुटी हई थी कि आखिर यह लाश किसी की है। शुक्रवार को मामले का खुलासा हुआ और मृतक की पहचान उत्तम दास नाम के युवक के रूप में हुई। यह कत्ल किसी और ने नहीं बल्कि मृतक की पत्नी रूपा और उसके सगे बड़े तपन ने सुपारी देकर पेशेवर किलर से कराई थी। शुक्रवार को दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। जहां उन्होंने खुद अपने जुर्म कबूलते हुए पूरी कहानी बयां की।


दोनों जेठ-बहू के बीच अवैध संबंध बन चुके थे। महिला पति को छोड़कर जेठ के साथ जीवन गुजारना चाहती थी। लेकिन उसके रास्ते का रोड़ा पति था। जिसकी वजह से वह कुछ नहीं कर सकती थी। फिर एक दिन महिला ने जेठ के साथ मिलकर पति की हत्या करने की पलानिंग बनाई। दोनों ने इसके लिए पेशवर किलर को चुना, इस काम के लिए उन्होंने उदयपुर के राकेश लुहार नाम के युवक को 12 लाख 40 हजार रुपए में सुपारी दी। डील थी कि उत्तम की हत्या करना।


दोनों जेठ-बहू के बीच अवैध संबंध बन चुके थे। महिला पति को छोड़कर जेठ के साथ जीवन गुजारना चाहती थी। लेकिन उसके रास्ते का रोड़ा पति था। जिसकी वजह से वह कुछ नहीं कर सकती थी। फिर एक दिन महिला ने जेठ के साथ मिलकर पति की हत्या करने की पलानिंग बनाई। दोनों ने इसके लिए पेशवर किलर को चुना, इस काम के लिए उन्होंने उदयपुर के राकेश लुहार नाम के युवक को 12 लाख 40 हजार रुपए में सुपारी दी। डील थी कि उत्तम की हत्या करना।


हैरानी की बात यह थी कि सुपारी लेने वाला राकेश वही शख्स था जिसे उत्तम ने अपने नए ऑफिस का फर्नीचर बनवाने का काम दिया था। इसलिए वह मृतक को जानता था। प्लानिंग के तहत उत्तम को 16 नवंबर की रात उदयपुर लाया गया और राकेश ने अपने साथियों के साथ शराब पार्टी की, इस पार्टी में उत्तम भी था। नशे में टल्ली करके उत्तम की गला घोट कर हत्या कर दी। शव उदयसागर झील किनारे फेंक दिया। 
 


हैरानी की बात यह थी कि सुपारी लेने वाला राकेश वही शख्स था जिसे उत्तम ने अपने नए ऑफिस का फर्नीचर बनवाने का काम दिया था। इसलिए वह मृतक को जानता था। प्लानिंग के तहत उत्तम को 16 नवंबर की रात उदयपुर लाया गया और राकेश ने अपने साथियों के साथ शराब पार्टी की, इस पार्टी में उत्तम भी था। नशे में टल्ली करके उत्तम की गला घोट कर हत्या कर दी। शव उदयसागर झील किनारे फेंक दिया। 
 


इसके बाद मृतक की पत्नी  रूपा और उसके सगे बड़े तपन ने परिवार वालों के साने उत्तम की झूठी कहानी गढ़ दी। उन्होंने कहा कि उत्तम की मौत को कोरोना हो गया था, जिसके चलते उसकी जान चली गई। दोनों प्यार में इतने पागल हो चुके थे कि उन्होंने विधि-विधान से अंतिम संस्कार तक कर दिया और कई दिनों तक झूटे आंसू भी बहाते रहे। लेकिन पुलिस शांत नहीं थी वह तब से ही अज्ञात शव की शिनाख्त में जुटी थी।


इसके बाद मृतक की पत्नी  रूपा और उसके सगे बड़े तपन ने परिवार वालों के साने उत्तम की झूठी कहानी गढ़ दी। उन्होंने कहा कि उत्तम की मौत को कोरोना हो गया था, जिसके चलते उसकी जान चली गई। दोनों प्यार में इतने पागल हो चुके थे कि उन्होंने विधि-विधान से अंतिम संस्कार तक कर दिया और कई दिनों तक झूटे आंसू भी बहाते रहे। लेकिन पुलिस शांत नहीं थी वह तब से ही अज्ञात शव की शिनाख्त में जुटी थी।


बता दें कि मृतक उत्तम दास कंस्ट्रक्शन का काम करता था, और उसकी खुद की एक कंपनी है, जिसका सालाना 5 करोड़ का टर्न ओवर है। अब उत्तम की मौत के बाद उसकी पत्नी और भाई इसी कंपनी और पैसे को हथियाने के चक्कर में लगे हुए थे। मामले को पांच महीने होने के बाद दोनों उत्तम का फर्जी  मृत्यु पत्र बनवाने के लिए उदयपुर में कुछ बिचौलियों के चक्कर काट रहे थे। पुलिस ने इसी प्रमाण पत्र को बनवा रहे लोगों पर शक किया और पूरा मामला खुल गया। 
 


बता दें कि मृतक उत्तम दास कंस्ट्रक्शन का काम करता था, और उसकी खुद की एक कंपनी है, जिसका सालाना 5 करोड़ का टर्न ओवर है। अब उत्तम की मौत के बाद उसकी पत्नी और भाई इसी कंपनी और पैसे को हथियाने के चक्कर में लगे हुए थे। मामले को पांच महीने होने के बाद दोनों उत्तम का फर्जी  मृत्यु पत्र बनवाने के लिए उदयपुर में कुछ बिचौलियों के चक्कर काट रहे थे। पुलिस ने इसी प्रमाण पत्र को बनवा रहे लोगों पर शक किया और पूरा मामला खुल गया। 
 


पुलिस कांस्टेबल प्रहलाद पाटीदार को मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लोग एक मृत प्रमाण पत्र बनवाना चाहतें हैं। वह रोज पंचायतों के चक्कर लगा रहे हैं। इतना ही नहीं वो मुंह मांगी कीमत भी देने को तैयार हैं। उनको जल्द से जल्द यह मृत प्रमाण चाहिए। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिए और पूछताछ की तो सारा राज अपने आप सामने आ गया।


पुलिस कांस्टेबल प्रहलाद पाटीदार को मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लोग एक मृत प्रमाण पत्र बनवाना चाहतें हैं। वह रोज पंचायतों के चक्कर लगा रहे हैं। इतना ही नहीं वो मुंह मांगी कीमत भी देने को तैयार हैं। उनको जल्द से जल्द यह मृत प्रमाण चाहिए। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिए और पूछताछ की तो सारा राज अपने आप सामने आ गया।


मामले का खुलासा होन के बाद इलाके के लोग यही कह रहे हैं कि भगवान ऐसी पत्नी और भाई किसी को भी ना दे। जिन्होंने अपने अवैध संबंध के लिए पति की जान ले ली। इससे अच्छा है कि जिंदगीभर कुंवारा रहना।
 


मामले का खुलासा होन के बाद इलाके के लोग यही कह रहे हैं कि भगवान ऐसी पत्नी और भाई किसी को भी ना दे। जिन्होंने अपने अवैध संबंध के लिए पति की जान ले ली। इससे अच्छा है कि जिंदगीभर कुंवारा रहना।
 

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