OTP क्यों आता है? फोन पर आने वाले इस 6 अंकों के नंबर का क्या है असली काम
What is OTP: हम जब इंटरनेट बैंकिंग, ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं, किसी ऐप में लॉगिन करते हैं या नया अकाउंट बनाते हैं, तो हमारे मोबाइल पर एक OTP आता है। बहुत कम लोग जानते हैं कि आखिर OTP आता क्यों है और यह इतना जरूरी क्यों होता है? जानिए

OTP क्या होता है?
OTP का पूरा नाम One-Time Password है। यह कुछ अंकों या अक्षरों का एक खास कोड होता है, जो सिर्फ एक बार और लिमिटेड टाइम के लिए मान्य रहता है। आमतौर पर यह 4, 6 या 8 अंकों का होता है और SMS, ईमेल या ऑथेंटिकेटर ऐप के जरिए भेजा जाता है।

OTP क्यों आता है?
OTP का सबसे बड़ा मकसद आपकी पहचान की जांच करना और आपके अकाउंट को सेक्योर रखना है। मान लीजिए किसी को आपका पासवर्ड पता चल गया। अगर केवल पासवर्ड से ही लॉगिन हो जाता, तो वह आसानी से आपके अकाउंट में घुस सकता था। लेकिन OTP आने पर उसे आपके मोबाइल या ईमेल तक भी पहुंच चाहिए होगी। यही एक्स्ट्रा सुरक्षा आपके अकाउंट को और ज्यादा सेक्योर बनाती है। इस वजह से बैंक, UPI ऐप, ई-कॉमर्स वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म OTP का यूज करते हैं।
OTP कैसे काम करता है?
जब हम कोई जरूरी काम करते हैं, जैसे- बैंक अकाउंट में लॉगिन, ऑनलाइन पेमेंट, नया पासवर्ड बनाना, मोबाइल नंबर बदलना, नया डिवाइस जोड़ना, तो सिस्टम एक यूनिक OTP बनाता है और आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या ईमेल पर सेंड कर देता है। अगर आप सही OTP डालते हैं, तो सिस्टम मान लेता है कि यह काम सही व्यक्ति ही कर रहा है। इसके बाद ही प्रोसेस पूरा होता है।
OTP में टाइम लिमिट क्यों होता है?
OTP कुछ मिनट बाद अपने आप बेकार हो जाता है। ऐसा सिक्यूरिटी के मकसद से किया जाता है। अगर OTP लंबे समय तक वैलिड रहे, तो कोई दूसरा व्यक्ति उसका गलत इस्तेमाल कर सकता है। इसलिए ज्यादातर OTP सिर्फ 30 सेकंड से 10 मिनट के अंदर यूज किए जा सकते हैं।
OTP किसी के साथ शेयर क्यों नहीं करना चाहिए?
बैंक और साइबर सुरक्षा एजेंसियां अक्सर कहती हैं- OTP कभी किसी के साथ शेयर न करें। अगर कोई शख्स आपका OTP जान लेता है, तो वह आपके बैंक खाते, UPI, ईमेल या सोशल मीडिया अकाउंट को हैक कर सकता है। आजकल साइबर ठग खुद को बैंक अधिकारी, कूरियर एजेंट, CBI अधिकारी, कस्टम अधिकारी या सरकारी कर्मचारी बताकर लोगों से OTP पूछते हैं। इसलिए OTP किसी को नहीं बताना चाहिए।
क्या OTP पूरी तरह सेक्योर है?
OTP सुरक्षा की एक मजबूत परत है, लेकिन यह अकेले हर तरह के साइबर हमले को नहीं रोक सकता। इसलिए मजबूत पासवर्ड, डबल लेयर सिक्यूरिटी (Two-Factor Authentication), ऑफिशियल ऐप का यूज और अवेयरनेस भी जरूरी है।
भारत में OTP से जुड़े कुछ जरूरी आंकड़े...
- भारत में हर महीने 5.5 अरब (550 करोड़) से ज्यादा OTP SMS भेजे जाते हैं। भारत दुनिया का सबसे बड़ा OTP मार्केट हैं।
- भारत के लगभग 90% बैंक और फिनटेक कंपनियां SMS OTP को डिफॉल्ट दूसरे सुरक्षा स्तर (Two-Factor Authentication) के रूप में इस्तेमाल करती हैं। यानी ज्यादातर डिजिटल बैंकिंग लेनदेन में OTP सबसे अहम सुरक्षा परत है।
- भारतीय नियोबैंक, डिजिटल लेंडर और फिनटेक कंपनियां हर महीने 200 करोड़ से ज्यादा OTP भेजती हैं। इनमें UPI, नेट बैंकिंग, KYC, ई-मेंटेट और ऑनलाइन पेमेंट से जुड़े OTP शामिल हैं।
- आंकड़ों के अनुसार, भारत में साइबर फ्रॉड के मामलों में OTP से जुड़े फ्रॉड सबसे ज्यादा हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, OTP स्कैम कुल साइबर फ्रॉड मामलों के एक-चौथाई (25% से अधिक) के लिए जिम्मेदार थे।
कॉन्टेन्ट सोर्सः Reserve Bank of India, Indian Computer Emergency Response Team, National Cyber Crime Reporting Portal, GSM Association.

