MalayalamNewsableKannadaKannadaPrabhaTeluguTamilBanglaHindiMarathiMyNation
Add Preferred SourceGoogle-icon
  • Facebook
  • Twitter
  • whatsapp
  • YT video
  • insta
  • ताज़ा खबर
  • न्यूज
  • GK
  • राज्य
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • बिज़नेस
  • सरकारी योजनाएं
  • खेल
  • धर्म
  • ज्योतिष
  • फोटो
  • Home
  • General Knowledge
  • FIR क्यों दर्ज करती है पुलिस? क्या हर शिकायत पर FIR दर्ज होती है? जानें हर सवाल का जवाब

FIR क्यों दर्ज करती है पुलिस? क्या हर शिकायत पर FIR दर्ज होती है? जानें हर सवाल का जवाब

FIR Meaning: अगर किसी के साथ चोरी हो जाए, मारपीट हो जाए, धोखाधड़ी-फ्रॉड हो जाए या कोई बड़ा अपराध हो जाए, तो सबसे पहले लोग कहते हैं- पुलिस में FIR दर्ज कराओ। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है पुलिस FIR दर्ज क्यों करती है? जानिए FIR की हर डिटेल्स...

4 Min read
Author : Satyam Bhardwaj
Published : Jul 07 2026, 11:45 AM IST
Share this Photo Gallery
  • FB
  • TW
  • Linkdin
  • Whatsapp
  • GNFollow Us
16
Image Credit : Asianet News

FIR क्या होती है?

FIR का पूरा नाम है - First Information Report । प्रथम सूचना रिपोर्ट भी इसे कहा जाता है। यानी किसी गंभीर अपराध (Cognizable Offence) की पहली आधिकारिक जानकारी, जो पुलिस के पास पहुंचती है। जब कोई इंसान पुलिस को ऐसे क्राइम की सूचना देता है, जिसमें पुलिस बिना कोर्ट की परमिशन के इन्क्वायरी शुरू कर सकती है और जरूरत पड़ने पर आरोपी को अरेस्ट भी कर सकती है, तब पुलिस FIR दर्ज करती है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred
26
Image Credit : Asianet News

पुलिस FIR क्यों दर्ज करती है?

FIR दर्ज करने का सबसे बड़ा कारण यह है अपराध का आधिकारिक रिकॉर्ड बन सके। अगर रिकॉर्ड ही नहीं बनेगा, तो जांच शुरू करना मुश्किल हो जाएगा। FIR दर्ज होने के बाद पुलिस को कानूनी रूप से जांच शुरू करने का अधिकार मिल जाता है। इसके बाद पुलिस सबूत-साक्ष्य जुटाती है, गवाहों से पूछताछ करती है, घटनास्थल की जांच-पड़ताल करती है और जरूरत पड़ने पर आरोपियों को अरेस्ट भी कर सकती है।

Related Articles

Related image1
पासवर्ड मजबूत क्यों होना चाहिए? बहुत डेंजरस है 123456 या जन्मदिन वाला पासवर्ड
Related image2
टैक्स क्यों देना पड़ता है? आपके टैक्स का पैसा कहां जाता है? सड़क से सेना तक, जानें कैसे चलता है पूरा सिस्टम
36
Image Credit : Asianet News

क्या हर शिकायत पर FIR दर्ज होती है?

नहीं। हर शिकायत FIR नहीं बनती। अगर केस किसी छोटे विवाद या ऐसे अपराध का है जिसमें पुलिस डायरेक्ट एक्शन नहीं कर सकती, तो उसे नॉन-कॉग्निजेबल (Non-Cognizable) मामला माना जा सकता है। इसे कम गंभीर प्रकृति के अपराध भी कहते हैं, जैसे- मानहानि, मामूली मारपीट, या गाली-गलौज। ऐसे मामलों में पुलिस शिकायत दर्ज करके जरूरी सलाह देती है या कोर्ट जाने के लिए कह सकती है। लेकिन मर्डर, लूट, रेप, अपहरण, गंभीर मारपीट, डकैती जैसे गंभीर अपराधों में पुलिस को FIR रजिस्टर करनी होती है।

46
Image Credit : Getty

FIR रजिस्टर होने के बाद क्या होता है, क्या इसकी कॉपी मिलती है?

FIR रजिस्टर होने के बाद पुलिस जांच स्टार्ट करती है। वह सबूत इकट्ठा करती है, गवाहों के बयान लेती है, CCTV फुटेज, मोबाइल रिकॉर्ड या अन्य टेक्निकल सबूत जुटा सकती है। जांच पूरी होने के बाद पुलिस कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करती है। अगर पर्याप्त सबूत नहीं मिलते, तो पुलिस क्लोजर रिपोर्ट भी दाखिल कर सकती है। सबसे बड़ी बात, FIR दर्ज होने का मतलब यह नहीं है कि आरोपी दोषी साबित हो गया। किसी इंसान को दोषी या निर्दोष घोषित करने का अधिकार सिर्फ कोर्ट के पास होता है। भारत में FIR रजिस्टर होने के बाद शिकायतकर्ता को उसकी एक कॉपी, वो भी फ्री में देने का नियम है। इससे वह आगे की कानूनी प्रक्रिया को समझ सकता है और जरूरत पड़ने पर उसका यूज कर सकता है।

56
Image Credit : Getty

अगर पुलिस FIR रजिस्टर करने में आनाकानी करे तो क्या करना चाहिए?

अगर पुलिस गंभीर अपराध होने के बावजूद FIR रजिस्टर नहीं करती, तो पीड़ित शख्स SP (पुलिस अधीक्षक) से कंप्लेन कर सकता है। इसके अलावा, वह मजिस्ट्रेट की कोर्ट का भी दरवाजा खटखटा सकता है। कहने का मतलब है, FIR सिर्फ एक पन्ना नहीं, बल्कि किसी अपराध की जांच की पहली और सबसे जरूरी कानूनी सीढ़ी होती है। इसका मकसद किसी को दोषी ठहराना नहीं, बल्कि अपराध की निष्पक्ष जांच शुरू करना है। इसलिए अगर किसी के साथ कोई गंभीर अपराध होता है, तो उसे टाइम पर FIR रजिस्टर कराना चाहिए।

66
Image Credit : Asianet News

FIR से जुड़ी कुछ अन्य जानकारी...

  • FIR शब्द भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और कुछ दक्षिण एशियाई देशों में यूज होता है। कई देशों में इसे Police Report या Crime Report भी कहते हैं।
  • भारत के कई राज्यों में ई-FIR (Online FIR) की सुविधा उपलब्ध है। घर बैठे भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
  • FIR रजिस्टर होने का मतलब यह नहीं है कि आरोपी अपराधी साबित हो गया। कोर्ट का फैसला आने तक वह कानून की नजर में सिर्फ आरोपी माना जाता है।
  • Zero FIR का नियम लोगों की जान बचाने के लिए बनाया गया। अगर अपराध किसी दूसरे इलाके में हुआ हो, तब भी कोई भी पुलिस स्टेशन Zero FIR दर्ज कर सकता है और बाद में सही थाने को मामला ट्रांसफर कर सकता है।
  • FIR की कॉपी शिकायतकर्ता को फ्री में देना कानूनी अधिकार है। इसके लिए अलग से कोई फीस नहीं लिया जा सकता।

कॉन्टेन्ट सोर्स: Ministry of Home Affairs द्वारा जारी पुलिस और आपराधिक कानून संबंधी जानकारी, Bureau of Police Research and Development की नागरिक जागरूकता सामग्री। Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita.

Welcome to the Asianet News Hindi General Knowledge (GK) Hub, your go-to destination for amazing facts, interesting information, everyday science explainers, "Did You Know?" stories, curiosity-driven content, and answers to intriguing "Aisa Kyu?" questions. Explore fascinating insights about science, nature, history, technology, space, health, and the world around you—all explained in a simple and engaging way.

About the Author

SB
Satyam Bhardwaj
सत्यम भारद्वाज। 2017 से जर्नलिज्म की फील्ड में काम कर रहे हैं, 8 साल का अनुभव। अक्टूबर 2021 से एशियानेट न्यूज हिंदी से जुड़कर सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से जर्नलिज्म एंड मॉस कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री हासिल की है। पॉलिटिकल न्यूज, नेशनल न्यूज, बिजनेस-टेक और ऑटो, क्राइम और फीचर स्टोरीज में खास इंट्रेस्ट है। अलग-अलग मीडिया इंस्टीट्यूशन और कई पब्लिक रिपोर्ट्स बनाने का अनुभव।
जनरल नॉलेज

Latest Videos
Recommended Stories
Recommended image1
सपने में सांप दिखे तो क्या होता है? सपने में सांप ने काटा तो क्या है इसका मतलब? जानें क्या कहता है स्वप्न शास्त्र
Recommended image2
क्या रसोई में मंदिर बनाना सही है? क्या किचन में भगवान की मूर्तियां रखना चाहिए? दूर करें सबसे बड़ा कन्फ्यूजन
Recommended image3
पुरुष और महिलाएं पूजा में सिर क्यों ढकते हैं? क्या बिना सिर ढके पूजा करने से पूजा अधूरी मानी जाती है?
Recommended image4
छींक क्यों आती है? नाक में गुदगुदी होते ही क्यों आ जाती है छींक? 99% लोग नहीं जानते इसके पीछे का रहस्य
Recommended image5
घर में कबूतर का घोंसला शुभ होता है या अशुभ? जानें सच और मान्यता
Related Stories
Recommended image1
पासवर्ड मजबूत क्यों होना चाहिए? बहुत डेंजरस है 123456 या जन्मदिन वाला पासवर्ड
Recommended image2
टैक्स क्यों देना पड़ता है? आपके टैक्स का पैसा कहां जाता है? सड़क से सेना तक, जानें कैसे चलता है पूरा सिस्टम
NEWS
Hindi NewsLatest News in HindiWorld News in HindiBreaking News in HindiTechnology News in HindiAuto News in HindiToday News in HindiNational News in Hindi
SPORTS
Sports News in HindiCricket News in Hindi
ENTERTAINMENT
Bollywood News in HindiEntertainment News in HindiTV News in HindiSouth Cinema NewsBhojpuri News
BUSINESS
Business News in HindiMoney News in Hindi
CAREER
Sarkari NaukriSarkari YojanaCareer News in Hindi
ASTROLOGY
Aaj Ka RashifalRashifal in HindiTarot Card ReadingNumerology in HindiReligion News in Hindi
STATES
Rajasthan News in HindiUP News in HindiUttarakhand News in HindiDelhi News in HindiMaharashtra News in HindiPunjab News in HindiMP News in HindiBihar News in HindiJharkhand News in HindiHaryana News in HindiChhattisgarh News in Hindi
Asianet
Follow us on
  • Facebook
  • Twitter
  • whatsapp
  • YT video
  • insta
  • Download on Android
  • Download on IOS
  • About Website
  • Terms of Use
  • Privacy Policy
  • CSAM Policy
  • Complaint Redressal - Website
  • Compliance Report Digital
  • Investors
© Copyright 2026 Asianxt Digital Technologies Private Limited (Formerly known as Asianet News Media & Entertainment Private Limited) | All Rights Reserved