हरियाणा के नूंह जिले के बहादुर डीएसपी सुरेंद्र सिंह का गुरुवार सुबह उनके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार किया जाएगा। पिता के अंतिम दर्शन के लिए उनका बेटा कनाडा से भारत के लिए रवाना हो चुका है। वह आज रात हरियाणा पहुंच जाएगा।

नूंह (हरियाणा). नूंह डीएसपी सुरेंद्र सिंह बिश्नोई के हत्या को हुए 24 घंटे से ज्यादा हो गए हैं। उनके पैतृक गांव सारंगपुर में अभी भी मातम पसरा हुआ है। शहीद के घर पर शोक प्रकट करने के लिए क्षेत्र के लोग पहुंच रहे हैं। वह परिजनों सांत्वना दे रहे हैं। लेकिन डीएसी की पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार बेसुध हो रही हैं, इसी बीच उन्होंने अपने पति की बहादुरी बताते हुए अपना दर्द बयां किया है। उन्होंने कहा-एक दिन पहले उनसे फोन पर बात हुई थी। उन्होंने कहा था-चिंता मत करो...मुझे कुछ नहीं होगा, सही सलामत जल्दी वापस लौटूंगा।

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फर्ज के पक्के थे...अपनी ड्रेस का बेल्ट माथे लगाकर रखते
डीएसपी सुरेंद्र सिंह की पत्नी कौशल्या देवी ने बिलखते हुए कहा कह रही हैं कि हमारा तो सब कुछ चला गया। उन्होंने कहा कि उनके लिए ड्यूटी ही सब कुछ थी। वो अपने काम को लेकर हमेशा एक्टिव रहते थे। दिन हो या रात हर समय दूसरी की मदद के लिए तैयार रहते थे। वो अपने काम के प्रति हमेशा समर्पित रहा करते थे। अपनी ड्रेस का बेल्ट अपने माथे लगाकर रखते थे।

एक दिन पहले बेटा और पत्नी से फोन पर की थी बात
पत्नी ने कहा-डीएसपी साहब कभी अपने काम से छुट्टी नहीं लेते थे। हादसे से एक दिन पहले मेरी उनसे बात हुई थी तो उन्होंने कहा कि तीन महीने बाद में रिटायर हो जाऊंगा। उसके बाद बाद जुड़वा पोतों को खिलाऊंगा। तभी कनाडा से बेटा का फोन आया था, उन्होंने कहा था, पापा आप लोग यहां आ जाओ, हम यहीं पर रहेंगे। लेकिन डीएसपी बोले-तुम हमारे पास वापस अब इंडिया आ जाओ..यहीं रहते हैं। पत्नी ने कहा-उन्हें घूमने का बिलकुल भी शौक नहीं था। में अक्सर कहती रहती थी कि छु्ट्टी ले लो कहीं घूमने चलते हैं, तो यही कहते बस कुछ महीनों की बाद है, जब रिटायर हो जाऊंगा तो समय ही समय है।

ग्रामीणों के हर सुख-दुख में शामिल होते थे डीएसपी
बत दें कि डीएसपी सुरेंद्र सिंह अपने आठ भाइयों में 5वें नंबर के थे। आठ भाइयों में से 6 सरकारी नौकरी में हैं। उनके एक भाई सुरेंद्र मांजू सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल हैं तो वहीं छोटा भाई अशोक कोऑपरेटिव बैंक में ऑफिसर है। उनके एक भाई ओमप्रकाश गांव में बने पैतृक घर में रहते हैं। उनको जब कभी टाइम मिलता तो वह सभी भाईयों से बात करते थे। गांव में रहने वाले लोगों का कहना है कि सुरेंद्र काफी मिलनसार थे। वह ग्रामीणों के हर सुख-दुख में शामिल होते थे। हर हफ्ते सारे भाई सारंगपुर गांव आते हैं। लेकिन अब सुरेंद्र नहीं आ पाएंगे।

कल पैतृक गांव में शहीद डीएसपी का होगा अंतिम संस्कार
गुरुवार को डीएसपी सुरेंद्र सिंह का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव में किया जाएगा। कनाडा में रह रहा बेटा पिता के अंतिम दर्शन के लिए कनाडा से भारत के लिए निकल चुका है। वह आज रात को पहुंचेगा। इससे पहले उनका शव मंगलवार रात को हिसार सिविल अस्पताल में पहुंच गया था। शहीद के भाई प्रिंसिपल सुभाष बिश्नोई ने बताया कि उनकी हिस्से में आई जमीन में उन्हें मिट्‌टी दी जाएगी। बिश्नोई समाज में मृतक को दफनाया जाता है।

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