मनोज मलिक के पहले सुखवेंद्र मोर अखाड़े का हेड कोच था। इसी वजह से सुखवेंद्र उनसे रंजिश रखता था। अखाड़े में प्रैक्टिस करने वाले पहलवानों के अनुसार कई दिन पहले भी उनके बीच कहासुनी हुई थी। उस समय मामला शांत हो गया, लेकिन सुखवेंद्र अंदर ही अंदर रंजिश रखे हुए था। 

रोहतक (Haryana) । शहर के जाट कॉलेज के पीछे स्थित अखाड़े में एक कुश्‍ती कोच ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इसमें अखाड़ा संचालक और उसकी पत्‍नी सहित पांच लोगों की मौत हो गई। कई अन्य के घायल होने की सूचना है। वारदात की सूचना मिलने पर शहर में हड़कंप मच गया। पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और वारदात स्थल का जायजा लिया। घटना में मारी गई महिला पहलवान यूपी के मथुरा की बताई जाती है। घटना का कारण पुरानी रंजिश को बताया जा रहा है। यह घटना रविवार देर शाम की है।

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यह है पूरा मामला
सोनीपत जिले के ही सरगथल गांव निवासी मनोज मलिक जाट कालेज के अखाड़े में हेड कोच थे। उनकी पत्‍नी साक्षी रेलवे में क्लर्क थी। मनोज अपनी पत्‍नी और तीन साल के बेटे सरताज के साथ देव कालोनी में रहते थे। बताया जा रहा है कि अखाड़े को एक साल के लिए चलाने के लिए दिया जाता है। मनोज मलिक के पहले सुखवेंद्र मोर अखाड़े का हेड कोच था। इसी वजह से सुखवेंद्र उनसे रंजिश रखता था। अखाड़े में प्रैक्टिस करने वाले पहलवानों के अनुसार कई दिन पहले भी उनके बीच कहासुनी हुई थी। उस समय मामला शांत हो गया, लेकिन सुखवेंद्र अंदर ही अंदर रंजिश रखे हुए था।

ऐसे दिया वारदात को अंजाम
रोजाना की तरह शाम को मनोज मलिक अपनी पत्‍नी और बेटे के साथ जाट कालेज के ट्रैक पर घूमने के लिए गए थे। सुखवेंद्र अखाड़े के ऊपर वाली मंजिल पर रहता था। उसने मनोज और उसके परिवार को रात साढ़े नौ बजे अपने कमरे में बुलाया और उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। बताया जाता है कि मनोज को तीन गोलियां लगीं। उसकी पत्‍नी व बेटे को भी एक-एक गोली लगी। उसके बाद सुखवेंद्र ने कमरे में ताला लगाया और चाबी लेकर वहां से भाग गया। प्रत्‍यदर्शियों ने बताया कि गोली की आवाज सुनकर अखाड़े में नीचे बैठे अन्य कोच और खिलाड़ी ऊपर की तरफ दौड़े। तभी सुखवेंद्र ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी और निकल भागा।