ICMR के एक्सपर्ट्स ने कहा कि राज्यों को तीसरी लहर को रोकने के लिए बेहतर कदम उठाने की जरूरत है। स्थानीय स्तर पर जनसंख्या और प्रसार का आकलन किया जाना चाहिए। 

नई दिल्ली. देश में कोरोना की तीसरी लहर को लेकर तमाम कयास लगाए जा रहे हैं। इस बीच इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) की एक रिसर्च सामने आई है, जिसमें दावा किया गया है कि तीसरी लहर में उन जिलों में कम असर होगा, जो कोरोना की दूसरी लहर से बुरी तरह प्रभावित जिले थे। 

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बेहतर कदम उठाने की जरूरत

ICMR के एक्सपर्ट्स ने कहा कि राज्यों को तीसरी लहर को रोकने के लिए बेहतर कदम उठाने की जरूरत है। स्थानीय स्तर पर जनसंख्या और प्रसार का आकलन किया जाना चाहिए। ICMR के महामारी विज्ञान के प्रमुख समीरन पांडा ने कहा, पूरे राज्य में तीसरी लहर के बारे में आकलन नहीं किया जा सकता है, क्योंकि दूसरी लहर में सभी जिले समान रूप से प्रभावित नहीं हुए थे। जिला स्तर के संक्रमण नियंत्रण और प्रबंधन कार्यक्रमों की जरूरत है। 

समीरन पांडा के मुताबिक, महाराष्ट्र सहित वे राज्य जो दूसरी लहर में ज्यादा प्रभावित थे, उन्हें जिला स्तर पर विविधताओं का अध्ययन करना चाहिए। 

मंत्रालय ने भी दी सलाह

इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों से कहा कि उन जिलों में सख्त प्रतिबंध लागू करे, जहां कोविड-19 के पॉजिटिविटी रेट 10 प्रतिशत से अधिक है। इन जिलों में भीड़ पर नियंत्रण करने की सलाह दी गई है। ये बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 10 राज्यों में COVID-19 के बढ़ते मामले चिंतित कर रहे हैं। केरल, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, ओडिशा, असम, मिजोरम, मेघालय, आंध्र प्रदेश और मणिपुर वे राज्य है जहां कोरोना के केस बढ़ने लगे हैं।