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राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस : पॉल्यूशन से होती हैं ये 5 खतरनाक बीमारियां, रहें सावधान

2 दिसंबर को भारत में राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस मनाया जाता है। राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 2-3 दिसंबर की रात यूनियन कार्बाइड कारखाने में जहरीली गैस लीक होने से मारे गए हजारों लोगों की याद में मनाया जाता है। इसके मनाने का उद्देश्य यह है कि लोगों को प्रदूषण के बढ़ते खतरे के प्रति जागरूक किया जा सके। 

National Pollution Control Day: These 5 dangerous diseases are caused by pollution, be careful
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New Delhi, First Published Dec 2, 2019, 9:52 AM IST
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हेल्थ डेस्क। 2 दिसंबर को भारत में प्रदूषण नियंत्रण दिवस मनाया जाता है। राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 2-3 दिसंबर की रात यूनियन कार्बाइड कारखाने में जहरीली गैस लीक होने से मारे गए हजारों लोगों की याद में मनाया जाता है। इसे मनाने का उद्देश्य यह है कि लोगों को प्रदूषण के बढ़ते खतरे के प्रति जागरूक किया जा सके। बता दें कि दुनिया के सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों में 7 भारत में ही हैं। अब प्रदूषण का खतरा बढ़ता ही जा रहा है। देश की राजधानी दिल्ली समेत कई शहरों की हवा इतनी जहरीली हो चुकी है कि वहां सांस तक ले पाना दूभर है। प्रदूषण का स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर पड़ता है। इससे कई खतरनाक और जानलेवा बीमारियां हो जाती हैं। इसलिए इस खतरे के प्रति जागरूक और सचेत रहना बहुत ही जरूरी है। जानते हैं उन 5 बीमारियों के बारे में जो मुख्य रूप से प्रदूषण की वजह से ही होती हैं। 

1. फेफड़े की बीमारी
वायु प्रदूषण का सबसे बुरा असर फेफड़े पर पड़ता है। कहा जाता है कि धूम्रपान फेफड़े के लिए सबसे बुरा होता है। लेकिन अभी हाल में दिल्ली समेत कई शहरों में वायु प्रदूषण इतना ज्यादा बढ़ गया था कि कहा गया कि वहां की हवा में सांस लेने से फेफड़ों पर जो दुष्प्रभाव पड़ सकता था, वह  44 सिगरेट पीने के बराबर था। सिगरेट में के धुएं में निकोटीन के अलावा कई जहरीले तत्व होते हैं। वायु प्रदूषण से ऐसे ही जहरीले तत्व फेफड़ों में जाकर उनकी कार्यप्रणाली को खराब कर देते हैं।

2. निमोनिया
निमोनिया एक घातक बीमारी है। प्रदूषित हवा में निमोनिया के बैक्टीरिया काफी होते हैं, जो सांस के जरिए फेफड़े में चले जाते हैं। इससे काफी तेज बुखार होता है। अगर समय पर इलाज नहीं हुआ तो मौत भी हो सकती है। निमोनिया का संक्रमण किसी को हो सकता है, पर बच्चों और अधिक उम्र के लोगों को यह बीमारी होने का खतरा ज्यादा रहता है। 

3. ब्रोंकाइटिस
यह भी सांस से जुड़ी बीमारी है जो प्रदूषित हवा में बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। इसमें खांसी के दौरे आते हैं और दम फूलने लगता है। अगर इस बीमारी का ठीक से इलाज नहीं हुआ तो यह जानलेवा भी हो सकती है।

4. दिल से जुड़ी बीमारियां
प्रदूषित हवा में सांस लेने से दिल का दौरा पड़ने की संभावना भी बढ़ जाती है। इससे शरीर में जो जहरीले तत्व जाते हैं, वो दिल की कार्यप्रणाली पर बहुत बुरा असर होता है। इससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है और स्ट्रोक होने की संभावना भी रहती है।

5. ब्लड कैंसर
प्रदूषित माहौल में बरसों तक रहने और कोई सुरक्षा उपाय नहीं अपनाने से शरीर की इम्युनिटी कमजोर हो जाती है। जहरीली हवा सांस के जरिए खून में घुलती रहती है। इससे उन लोगों में ब्लड कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है, जिनकी रोग प्रतिरोधात्मक क्षमता कम है या जो पहले ही दूसरी बीमारियों की चपेट में हैं। ब्लड कैंसर का सफल इलाज अभी तक संभव नहीं हो सका है। 
 

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