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इस बीमारी से जूझ रही हैं श्रुति हासन,Video शेयर कर बोली- मेरा शरीर अभी ठीक नहीं है

साउथ और बॉलीवुड की एक्ट्रेस श्रुति हासन ने एक वीडियो शेयर करके बताया कि वो एक बीमारी से जूझ रही हैं। वीडियो में वो वर्कआउट करती दिखाई दे रही हैं। आइए जानते हैं कमल हासन की लाडली किस बीमारी से जूझ रही हैं।

Shruti Haasan on facing the worst hormonal issues actress says my body is not perfect right Now NTP
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Mumbai, First Published Jun 30, 2022, 4:50 PM IST

हेल्थ डेस्क. श्रुति हासन (Shruti haasan) ने हाल ही में सोशल मीडिया पर पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) और एंडोमेट्रियोसिस के साथ अपने संघर्ष के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि वो सबसे खराब हार्मोनल इशूज से इन दिनों जूझ रही हैं। वो इन दिनों बॉडी को रेस्ट और सही डाइट लेकर इसे ठीक करने में लगी हुई हैं। 

सबसे पहले जानते हैं श्रुति हासन ने वीडियो शेयर करके अपनी बीमारी को लेकर क्या कुछ कहा। इसके बाद इस बीमारी के बारे में जानेंगे। 36 साल की एक्ट्रेस ने वर्कआउट करते हुए वीडियो शेयर किया। वो जिम में पसीना बहाती दिखाई दे रही हैं। उन्होंने लिखा,'मेरे साथ वर्कआउट करो। मैं कुछ सबसे खराब हॉर्मोनल इशूज से जूझ रही हूं।वह हैं पीसीओएस और एंडोमेट्रियॉसिस। महिलाओं को जानना चाहिए कि इससे लड़ना काफी मुश्किल होता है, क्योंकि इस दौरान आपकी बॉडी में काफी हॉर्मोनल इम्बैलेंस होता है। ब्लोटिंग की समस्या रहती हैं और मेटाबॉलिक बदलाव भी देखने को मिलते हैं। लेकिन मैं कहना चाहती हूं कि इसे एक फाइट की तरह देखने की जगह मैंने इसे अपनाया है। इसे बॉडी में एक नेचुरल मूवमेंट की तरह लिया है। मैं सही डायट ले रही हूं, अच्छी तरह सो रही हूं और वर्कआउट को एन्जॉय कर रही हूं। '

उन्होंने आगे लिखा,'थैक्यू कहूंगी- मेरा शरीर अभी सही नहीं हैं, लेकिन मेरा दिल ठीक है। फिट रहें,  खुश रहें और उन हैप्पी हार्मोन्स को बहने दें! मुझे पता है कि मैं थोड़ा उपदेशात्मक दिख रही हूं, लेकिन मैं अपने इस जर्नी को अपनाती हूं और चुनौतियों को भी। मैं खुद को इन चीजों से परिभाषित नहीं करना चाहती हूं। '

क्या होता है पीसीओएस? 

पीसीओएस  (PCOS) एक प्रकार का हॉर्मोनल डिसऑर्डर होता है। इसमें महिलाओं की ओवरी का साइज बड़ा हो जाता है। इसके साथ उसकी बाहरी परत पर छोटी-छोटी सिस्ट (गांठे) बनने लगती है। ये गांठे छोटी छोटी थैली के आकार की होती हैं और इनमें तरल पदार्थ भरा होता है। धीरे धीरे ये गांठे बड़ी होने लगती हैं और फिर ये ओव्यूलेशन की प्रक्रिया में रुकावट डालती हैं। पीरियड काफी असंतुलित हो जाती है।इससे  इनफर्टिलिटी की भी समस्या भी होती है। मतलब गर्भधारण की संभावना कम हो जाती है। पीसीओएस में गोनाडोट्रोपिन (मेल हार्मोन) बढ़ जाता है। इसकी वजह से डायबिटीज या मोटापा भी हो सकता है।

पीसीओएस का इलाज क्या है?
पीसीओएस का इलाज पूरी तरह संभव नहीं है। लेकिन लाइफस्टाइल और खानपान में प्रभावी बदलाव लाकर और सही इलाज की मदद से इसे कम किया जा सकता है। श्रुति हासन भी इन दिनों वहीं कर रही हैं। वजन कम करें। डाइट में कम कार्बोहाइड्रेट वाली चीजें खाएं। वजन को कम करें। 

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