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Astrology: कुंडली के नौवें भाव से जानिए कब चमकेगी आपकी किस्मत और इसके लिए क्या उपाय करें?

कई लोग कड़ी मेहनत करते हैं, दिनभर दौड़-धूप करते रहते हैं, कठिन परिश्रम करते हैं, लेकिन फिर भी उनके जीवन में तरक्की दूर-दूर तक नहीं दिखाई देती। कुंडली के नौवें भाव से जान सकते हैं किस उम्र में चमक सकती है आपकी किस्मत और उसके लिए आपको क्या उपाय करने होंगे।

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Ujjain, First Published Sep 2, 2021, 10:55 AM IST
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उज्जैन. यदि ज्योतिष (Astrology) की दृष्टि में इस स्थिति को देखें, तो इसे किस्मत का चक्कर कहते हैं और ऐसा होता भी है। कुछ अशुभ ग्रह मेहनत के बाद भी हमारा साथ नहीं देते। आज हम आपको बता रहे हैं कुंडली के नौवें भाव के अनुसार, किस उम्र में चमक सकती है आपकी किस्मत और उसके लिए आपको क्या उपाय करने होंगे…

किस आयु में होता है भाग्योदय?
- वैदिक ज्योतिष में जन्मकुंडली का नवम भाव भाग्य भाव कहलाता है। किसी व्यक्ति का भाग्य कैसा होगा, यह उसकी कुंडली के नवम भाव से देखकर पता लगाया जा सकता है। इस भाव में जो राशि होती है, उसके अनुसार तय किया जाता है कि व्यक्ति का भाग्योदय उसकी आयु के किस वर्ष में होगा।
- यदि नवम भाव में सूर्य की राशि सिंह है तो भाग्योदय 22वें वर्ष में होगा।
- चंद्र की राशि कर्क है तो भाग्योदय 24वें वर्ष में होगा।
- मंगल की राशि मेष-वृश्चिक है तो 28वें वर्ष में।
- बुध की राशि मिथुन-कन्या है तो 32वें वर्ष में।
- गुरु की राशि धनु-मीन है तो 16वें वर्ष में।
- शुक्र की राशि वृषभ-तुला है तो 25वें वर्ष में या विवाह के बाद।
- शनि की राशि मकर-कुंभ है तो 36वें वर्ष में भाग्योदय होता है।
- यदि नवें भाव पर राहु-केतु का प्रभाव हो तो क्रमश: 42वें और 44वें वर्ष में उस व्यक्ति का भाग्योदय होता है।

कैसे दूर करें भाग्य की बाधाएं?
1.
सबसे पहले देखें कि आपकी कुंडली के नवम भाव में कौन सा ग्रह है, उस ग्रह की मजबूती और प्रसन्न्ता के उपाय करने से भाग्योदय की बाधा दूर होती है।
2. नवम भाव में बैठे ग्रह यदि शुभ हैं, जैसे सूर्य, चंद्र, बुध, गुरु, शुक्र हो तो ये शुभ है। अशुभ ग्रहों मंगल, शुक्र, शनि, राहु, केतु हो तो इनके उपाय बिलकुल ना करें।
3. रूद्राक्ष की माला से प्रतिदिन ठीक सूर्योदय के समय पूर्व की ओर मुंह करके सूर्य की उपस्थिति में गायत्री मंत्र का जाप करने से भाग्य प्रबल होता है।
4. रोज सुबह उठकर माता-पिता, घर के बुजुर्ग, गुरु के चरण स्पर्श करने से भाग्योदय शीघ्र होता है।
5. वृद्धाश्रम, दिव्यांग होम, अनाथालय में समय-समय पर खाने की वस्तुएं, कपड़े दान करते रहें। कोशिश करें कि सूर्यास्त के बाद ना तो किसी से उधार लें और ना उधार दें।

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