Aaj Ka Panchang: 28 अगस्त को पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र होने से छत्र नाम का शुभ योग दिन भर रहेगा। इसके अलावा सिद्ध नाम का एक अन्य योग भी इस दिन रहेगा। इस दिन राहुकाल शाम 05:10 से 06:44 तक रहेगा।

उज्जैन. वैदिक ज्योतिष के अनुसार हमारे सौर मंडल में 27 नक्षत्र हैं जो किसी न किसी रूप में हमें प्रभावित करते हैं। नक्षत्र कोई 1 तारा नहीं बल्कि तारों का समूह है। किसी नक्षत्र में 5 तो किसी में 3 तारे हैं। इन सभी का अलग-अलग महत्व हमारे ज्योतिष ग्रंथों में बताया गया है। धर्म ग्रंथों में इन 27 नक्षत्रों को चंद्रमा की पत्नी बताया गया है। पंचांग में नक्षत्रों का विशेष महत्व है क्योंकि ये पंचांग के 5 अंगों में से एक है। जानिए आज के पंचांग से जुड़ी खास बातें…

28 अगस्त का पंचांग (Aaj Ka Panchang 28 August 2022)
28 अगस्त 2022, दिन रविवार को भाद्रमास मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि दोपहर 02:45 तक रहेगी। इसके बाद द्वितिया तिथि शुरू हो जाएगी, जो रात अंत तक रहेगी। रविवार को सूर्योदय पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में होगा, जो दिन भर रहेगा। रविवार को पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र होने से छत्र नाम का शुभ योग दिन भर रहेगा। इसके अलावा सिद्ध नाम का एक अन्य योग भी इस दिन रहेगा। इस दिन राहुकाल शाम 05:10 से 06:44 तक रहेगा।

ग्रहों की स्थिति कुछ इस प्रकार रहेगी...
रविवार को सूर्य और चंद्रमा सिंह राशि में रहेंगे। इस दिन बुध कन्या राशि में, मंगल वृष राशि में, शुक्र कर्क राशि में, शनि मकर राशि में (वक्री), राहु मेष राशि में, गुरु मीन राशि में (वक्री) और केतु तुला राशि में रहेंगे। रविवार को पश्चिम दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए। यदि करनी पड़े तो दलिया, घी या पान खाकर ही घर से निकलें।

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28 अगस्त के पंचांग से जुड़ी अन्य खास बातें
विक्रम संवत- 2079
मास पूर्णिमांत- भादौ
पक्ष- शुक्ल
दिन- रविवार
ऋतु- वर्षा
नक्षत्र- पूर्वा फाल्गुनी
करण- बव और बालव
सूर्योदय - 6:11 AM
सूर्यास्त - 6:44 PM
चन्द्रोदय - Aug 28 6:47 AM
चन्द्रास्त - Aug 28 7:41 PM
अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12:03 से 12:53 तक 

28 अगस्त का अशुभ समय (इस दौरान कोई भी शुभ काम न करें)
यम गण्ड - 12:28 PM – 2:02 PM
कुलिक - 3:36 PM – 5:10 PM
दुर्मुहूर्त - 05:04 PM – 05:54 PM
वर्ज्यम् - 05:28 AM – 07:09 AM

हिंदू वर्ष का आठवां महीना है कार्तिक
पंचांग के अनुसार, हिंदू वर्ष का आठवां महीना कार्तिक है। इस महीने की पूर्णिमा पर चंद्रमा कृत्तिका नक्षत्र में होता है, इसलिए इस महीने का नाम कार्तिक रखा गया है। धर्म ग्रंथों में इस महीने का विशेष महत्व बताया गया है। इस महीने में करवा चौथ, गोवत्स द्वादशी, रमा एकादशी, धनतेरस, नरक चतुर्दशी, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भाई दूज, लाभ पंचमी, छठ व्रत, गोपाष्टमी, अक्षय नवमी और कार्तिक पूर्णिमा सहित अन्य कई व्रत-उत्सव मनाए जाते हैं। 


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