Rajasthani Chutney Easy Recipes: रोज की दाल-रोटी से बोर हो गई हैं तो ट्राई करें राजस्थान की 5 झटपट चटनी रेसिपी। कचरी, लहसुन और मथानिया मिर्च की ये चटनियां बिना तेल के बनाएं।
अगर आप भी हर रोज दाल, चावल, सब्जी और रोटी बनाकर बोर हो चुकी हैं और कुछ ऐसा बनाना चाहती हैं तो इसे कुक में ज्याद वक्त भी न लगे और स्वाद भी भरपूर मिले तो ये फोटो गैलरी खास है। आज हम आपके लिए लेकर आए हैं राजस्थान की धरती से 5 ऐसे Chutney Recipes, जिन्हें बनाने में न तो ज्यादा वक्त लगता है और न ही तेल की आवश्यकता होती है। यानी आप कुछ मिनटों में इन्हें तैयार स्वाद और सेहद का ध्यान एक साथ रख सकती हैं।
कच्ची कचरी की चटनी
राजस्थान के सूखे इलाकों में कचरी नाम का जंगली पाया जाता है, जो स्वाद में खट्टा होता है। इसे लहसुन, सूखी लाल मिर्च, जीरा और नमक के साथ सिलबट्टे में पीसकर चटनी बनाई जाती है। यह प्राकृति तौर पर नम होता है, ऐसे में अलग से पानी डाले की आवश्यकता नहीं होती। इसे रोटी-पराठा, या फिर चावल के साथ खा सकते हैं।
सूखी कचरी और तिल-अलसी की चटनी
कच्ची कचरी ज्यादा समय तक रखने पर खराब हो जाती है। इसलिए इसे सुखाकर इस्तेमाल किया जाता है। अगर आप लंबे वक्त तक चटनी को स्टोर करना चाहते हैं त सूखी कचरी में ताजा धनिया, पुदीना, लहसुन, अदरक, हरी मिर्च, तिल और अलसी मिलाकर अच्छे से पीस लें। अगर गाढ़ी लग रही है तो आप पानी मिला सकते हैं। आखिर में नमक डालकर एयर कंटेनर डिब्बे में स्टोर करें।
कच्ची कैरी और गुड़ की चटनी
खट्टी कैरी और गुड़ की मिठास के आने वाली यह चटनी पराठे के अलावा स्नैक्स के साथ भी खाई जा सकती है। बनाने के लिए कच्ची कैरी को कद्दूकस कर लें और इसमें गुड़, हल्दी, सेंधा नमक, जीरा, सौंफा और काली मिर्च मिलाएं। आखिर में नमक मिलाकर अच्छी तरह सर्व करें।
कच्चे लहसुन की चटनी
अगर बात राजस्थान की चटनी का को लहसुन का जिक्र जरूर तोता है। इसे बनाने के लिए लाल मिर्च को पानी में 3-4 घंटे के लिए भिगो दे। इसके बाद ताजा लहसुन, जीरा, नमक और अमचूर में भीगी हुई मिर्च मिलाकर सिलबट्टे पर पीस लें। जिसकी खुशबू और तीखापन रोटी और पराठे के साथ कमाल लगता है।
मथानिया लाल मिर्च की चटनी
बता दें जोधपुर के पास मथानिया क्षेत्र की लाल मिर्च अपने गहरे लाल रंग और खास तीखे अंदाज के लिए जानी जाती है। इसके साथ राजस्थान के कई प्रसिद्ध व्यंजनों में भी किया जाता है। अगर आप इस चटनी को बनाना चाहती हैं तो सूखी मथानिया मिर्च को पानी में 5-8 घंटे के लिए भिगो दें। इसके बाद स्वादनुसार लहसुन, जीरा और नमक लेकर अच्छी तरह से पीस लें और नमक डालकर सर्व करें। वैसे तो इसे बिना-तेल घी के बनाया जाता है, लेकिन आप चाहते तो घी का तड़का दे सकती हैं।
राजस्थानी चटनी बनाने के टिप्स
- राजस्थानी चटनी का पारंपरिक स्वाद के लिए सिलबट्टे का इस्तेमाल करें, इससे स्वाद और टेक्चर बेहतर आताहै
- धनिया, पुदीना, अदरक और मिर्च जैसी सामग्री हमेशा ताजी रखें
- मिर्च या लहसुन की चटनी में पानी का इस्तेमाल न करें
- राजस्थानी चटनियों की खासियत उनका मोटा टेक्चर होता है, इसलिए स्मूद पेस्ट मत बनाएं
- चटनी के आखिर में नींबू या अमचूर पाउडर मिलाकर स्वाद और बढ़ाया जा सकता है


