Best Plants Grown From Cuttings: बारिश के मौसम में बीज की जरूरत नहीं है। जानें पौधों की कटिंग से गुलाब, गुड़हल, मोगरा, मनी प्लांट समेत कौन से 35 पौधे उगाए जा सकते हैं।

बारिश का मौसम केवल ठंडी हवाओं और हरियाली का नहीं होता है। बल्कि ऐसा समय होता है, जब पौधों की कटिंग से नए पौधे तैयार किए जा सकते हैं। मानसून में वातावरण में नमी ज्यादा रहती है और तापमान ज्यादा नहीं होता। ऐसे में पौधे की जड़े निकलने की संभावना बढ़ जाती है। अगर आप भी बिना मेहनत के बगिया को महकाना चाहती हैं तो ये आर्टिकल खास है, जहां हम आपके लिए लेकर आए हैं ऐसे 35 प्लांट की लिस्ट, जिन्हें लगाने के लिए बीज की जरूरत नहीं होती है।

कटिंग से कौन से पौधे लगाएं जा सकते हैं?

  1. गुलाब
  2. गुड़हल
  3. क्रोटन
  4. चाइना डॉल
  5. मोगरा
  6. चंपा
  7. नाग चंपा
  8. अंजीर
  9. बोगनविला
  10. विद्या
  11. सहजन मोरिंगा
  12. कनेर.
  13. मनी प्लांट
  14. जेड प्लांट
  15. ड्रेसेना
  16. डिफेंनबेकिया
  17. रबर प्लांट
  18. मॉन्स्टेंरा
  19. कोलियस
  20. अजवाइन
  21. पान की बेल
  22. गिलोय
  23. सोंग्स ऑफ इंडिया
  24. रोजमेरी
  25. सदाबहार
  26. यूफ़ोबिया
  27. पत्थरचट्टा
  28. पेंसिल प्लांट्स
  29. नागफनी
  30. स्पाइडर
  31. लिपटिस
  32. स्नेक प्लांट्स
  33. राइनो
  34. जैस्मीन
  35. एंजॉय मनी प्लांट

गुलाब-गुड़हल की कटिंग कैसे बनाएं

  • 6-8 इंच लंबी और मोटी शाखा लें
  • कटिंग को साफ ब्लेड से तिरशा करें
  • नीचे की पत्तियां हटाकर ऊपर 2-3 पत्तिया रहने दें
  • गुलाब के लिए बाल रेत और गुड़हल के लिए कोकोपीट यूज करें
  • 20-25 दिन में फूल जड़ विकसित होने लगेंगी।

मनी प्लांट और एनजॉय मनी प्लांट

  • कटिंग में कम से कम एक गांठ जरूर रखें
  • कटिंग को पानी या कोकोपीट में लगाएं
  • 7-15 दिनों में जड़े दिखने लगेगी

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मोगरा और जैस्मिन

  • मिट्टी और बालू के मिट्टी में उगाना आसान
  • अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी लें
  • कटिंग हमेशा रोशनी वाली जगह रखें

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चंपा और नाग चंपा

  • इन पौधों की शाखाओं से दूध निकलता है
  • कटिंग को तुरंत काटने के बाद मिट्टी में न लगाएं
  • 8-10 इंच की लंबी कटिंग लें
  • 3-4 दिनों तक छायादार जगह में रखें
  • जल निकासी मिट्टी का इस्तेमाल करें

बोगनविला और कनेर

  • बोगनविला शुद्ध बालू रेत में लगाया जा सकता है
  • कनेर की कटिंग के लिए रेतीली मिट्टी का यूज करें
  • कनरे विषैला होता है, इसलिए हाथों का ध्यान रखें

मॉन्टेरा और मनी प्लांट

  • मॉनस्टेरा की कटिंग से नया पौधा के लिए नोड जरूरी है
  • कटिंग को पानी या कोकोपीट में रखें
  • पानी में रखने पर से 1-2 दिन में बदलें ताकि जड़े खराब न हो

कोलियस और स्पाइडर प्लांट

  • कोलियसा की कटिंग जल्दी बढ़ती है
  • इसे मिट्टी में लगाया जा सकता है
  • स्पाइड प्लांट को मदर प्लांट से बढ़ाया जा सकता है
  • पानी-मिट्टी में लगाने से कुछ दिनों में जड़े बनने लगती हैं

ड्रेसेना और सोंग्स ऑफ इंडिया

  • इसे कोकोपीट और परलाइट मिश्रण में लगा सकते हैं
  • कटिंग को तेजी से धूप में मत रखें
  • इनडायरेक्ट रोशनी बढ़िया रहती है

चाइना डॉल और रबर प्लांट

  • चाइन डॉल की 4-6 इंच लंबी कटिंग लें
  • 2-3 नोड्स लगाएं
  • कोकोपीट-परलाइन और रेत में लगा सकते हैं
  • रबर प्लांट को भी कटिंग से उगाएं
  • कटिंग के लिए कोकोपीट-परलाइट मिश्रण बेस्ट है
  • कटिंग से निकलेने वाले लेटेक्स को पौधे पर जमा न होने दें

स्नैक प्लांट-जेड प्लांट

  • स्नैक प्लांट को पत्ती की कटिंग से बढ़ाएं
  • इसके लिए रेतीली मिट्टी बेस्ट है
  • जेट प्लांट की कटिंग लगाने से पहले इसे सूखने दें
  • इस प्रोसेस को कैल्सिंग कहते हैं