Easy Tips To Save Low Water Plants: लगातार बारिश में कम पानी वाले पौधे खराब हो सकते हैं! जानिए कैक्टस, सक्युलेंट और दूसरे लो-वॉटर प्लांट्स को ज्यादा नमी, जड़ सड़ने और फंगस से बचाने के 5 आसान और असरदार उपाय, जिन्हें आप घर पर तुरंत अपना सकते हैं।
लगातार बारिश से जहां कई पौधों को राहत मिलती है, वहीं कम पानी की जरूरत वाले पौधों के लिए ज्यादा नमी और पानी उन्हे सूखा सकती है। गमले में पानी जमा रहने से जड़ों में हवा की कमी, फंगस और रूट रॉट का खतरा बढ़ जाता है। अगर आपके घर में सक्युलेंट, कैक्टस या ऐसे पौधे हैं जिन्हें कम पानी चाहिए, तो इन आसान उपायों से लगातार बारिश के दौरान उन्हें सुरक्षित रखें।
गमले में पानी जमा न होने दें

बारिश के दौरान सबसे जरूरी है कि गमले में एक्स्ट्रा पानी जमा न हो। गमले के नीचे ड्रेनेज होल जरूर रखें और प्लेट या ट्रे में जमा पानी तुरंत निकाल दें। लगातार गीली मिट्टी कम पानी वाले पौधों की जड़ों को नुकसान पहुंचा सकती है।
पौधों को बारिश से हटाकर शेल्टर दें
कैक्टस, सक्युलेंट और अन्य सूखा सहने वाले पौधों को लगातार बारिश में खुले में रखने से बचें। इन्हें ऐसी जगह रखें जहां तेज बारिश सीधे पौधे और मिट्टी पर न गिरे, लेकिन पर्याप्त रोशनी और हवा मिलती रहे।
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मिट्टी सूखने तक पानी बिल्कुल न दें
बारिश के मौसम में अलग से पानी देने की जरूरत अक्सर नहीं होती। उंगली से मिट्टी की ऊपरी परत जांचें। अगर मिट्टी अभी भी नम है तो पानी देने से बचें। जरूरत से ज्यादा पानी जड़ों को सड़ाने का सबसे बड़ा कारण बन सकता है।
भारी मिट्टी को हल्का करें

अगर गमले की मिट्टी बारिश के बाद बहुत चिपचिपी और भारी हो गई है, तो उसमें रेत, परलाइट या मोटी कोकोपीट जैसी सामग्री मिलाकर ड्रेनेज बेहतर किया जा सकता है। इससे एक्स्ट्रा पानी जल्दी निकलने में मदद मिलती है और जड़ों तक हवा पहुंचती रहती है।
जड़ों और पत्तियों पर नजर रखें
बारिश के बाद पत्तियों पर पीले या भूरे धब्बे, तने का नरम पड़ना, बदबूदार मिट्टी या पत्तियों का अचानक गिरना दिखे तो सावधान हो जाएं। ऐसे पौधे को बाकी पौधों से अलग कर मिट्टी की नमी और जड़ों की स्थिति जांचें। सड़ी हुई जड़ों को हटाकर अच्छी ड्रेनेज वाली सूखी मिट्टी में दोबारा लगाएं।
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