How to grow Beal Patra: सावन में बाजार से बेलपत्र खरीदने की जरूरत नहीं। जानें पके हुए बेल के बीज से घर पर बेलपत्र का पौधा उगाने का आसान तरीका, सही मिट्टी, गमला और देखभाल के टिप्स।

सावन का महीना भोले के भक्तों के लिए खास होता है। इस दौरान बेलपत्र के मांग सबसे ज्यादा होती है। बाजार में यह काफी ज्यादा महंगे मिलते हैं, ऐसे में क्यों इन्हें घर पर ही उगाया जाए। यह पौधा धार्मिक रूप से शुभ होने के साथ औषधीय गुणों से भरपूर होता है। आइए जानते हैं कि बारिश के मौसम में पके हुए बेल के फल से इसे उगाया जा सकता है।

बेलपत्र कौन सा मौसम में उगाना चाहिए ?

बेलपत्र के बीज रोपने से लगाने तक, जून, जुलाई और अगस्त यानी पूरा मानसून का समय सबसे बढ़िया माना जाता है। इस दौरान मिट्टी में नमी बनी रहती है और बीज बहुत तेजी से अंकुरित होते हैं।

बेल पत्र उगाने की विधि

1) फल से बीज निकालना

  • बेल के फल पका हुआ होना चाहिए
  • चम्मच या चाकू की मदद से बीज निकालें
  • बीजों के ऊपर सा गूदा हटाकर अच्छी तरह साफ कर लें

2) कौन सी मिट्टी और गमला चुनें ?

  • पौधा लगाने के लिए जल निकासी वाला गमला लें
  • कोकपीट, वर्मीकंपोस्ट और हल्की सीडलिंग मिट्टी का मिश्रण तैयार करें
  • बीज लगाने से पहले मिट्टी को अच्छी से पानी देकर गीला कर लें

3) बीज की रोपाई कैसे करें ?

  • अब गमले में बेल के बीजों को थोड़ी-थोड़ी दूर पर रखें
  • सीड्स के ऊपर आधा इंच कोकोपीट की हल्की परत बिछाएं
  • इसके बाद हल्के हाथों से स्प्रे बोतल की मदद से पानी दें

ये भी पढ़ें- रबर प्लांट की कटिंग से जड़ें नहीं आ रहीं? इन आसान टिप्स से बढ़ेगी ग्रोथ

ये भी पढ़ें- फलों से लद जाएगा आंवला का पौधा, लगाते समय बनाएं ये गोल्डन रूल

4) बेल पत्र पौधे की देखभाल कैसे करें ?

  • इस पौधे के 5-6 घंटे दी फिल्टर सनलाइट की जरूरत होती है
  • मिट्टी को हमेशा हल्का नम रखें, ज्यादा पानी पौधा खराब कर सकता है
  • 10 दिनों में बीजों का अंकुरण होने लगता है, इसलिए ध्यान रखें
  • 15-30 दिनों में पत्तियां आ जाती हैं

View post on Instagram

5) बेलपत्र से जुड़े पूछे जाने वाले सवाल

बेल पत्र का पेड़ घर पर लगाना चाहिए या नहीं ?

बेल पत्र का पौधा घर पर लगाना शुभ माना जाता है। चूंकि यह भगवान शिव को चढ़ाया जाता है, ऐसे में इसे लगाने पर मनाही नहीं है।

बेल पत्र के फायदे कौन से हैं ?

बेल के पत्ते पारंपरिक तौर से औषधीय गुणों से भरपूर होता है। इसके फल का उपयोग पाचन संबधी समस्याओं को दूर करने में भी किया जाता है।