DIY Plant Pest Control: पौधों पर लगे एफिड्स, मिलीबग और छोटे कीड़ों से परेशान हैं? जानिए नीम तेल, साबुन के पानी, लहसुन की स्प्रे और आसान घरेलू उपायों से गार्डन के पौधों को कीड़ों से बचाने के असरदार तरीके।
गार्डन में लगे हरे-भरे पौधे तभी खूबसूरत दिखते हैं, जब उनकी पत्तियां और तने कीड़ों से सुरक्षित रहें। एफिड्स, मिलीबग, सफेद मक्खी और दूसरे छोटे कीड़े पौधों का रस चूसकर उनकी ग्रोथ प्रभावित कर सकते हैं। अगर आपके पौधों पर भी कीड़ों का हमला बढ़ रहा है, तो तुरंत महंगे केमिकल स्प्रे खरीदने की जरूरत नहीं है। घर में मौजूद कुछ आसान चीजों की मदद से पौधों की देखभाल की जा सकती है।
नीम का तेल करेगा कीड़ों पर असर
नीम का तेल पौधों पर लगने वाले कई सामान्य कीड़ों से बचाव में मदद कर सकता है। एक लीटर पानी में लगभग 4-5 मिलीलीटर नीम का तेल और कुछ बूंदें हल्के लिक्विड सोप की मिलाएं। इसे अच्छी तरह घोलकर पत्तियों के ऊपर और नीचे स्प्रे करें। तेज धूप में स्प्रे करने से बचें और पहले पौधे के एक छोटे हिस्से पर परीक्षण करें।
साबुन के पानी से हटाएं छोटे कीड़े
माइल्ड लिक्विड सोप की थोड़ी मात्रा पानी में मिलाकर बनाया गया घोल एफिड्स और कुछ नरम शरीर वाले कीड़ों के लिए उपयोगी हो सकता है। इस घोल को स्प्रे बोतल में भरकर प्रभावित पत्तियों पर लगाएं। कुछ घंटे बाद साफ पानी से हल्का स्प्रे कर दें। बहुत ज्यादा साबुन इस्तेमाल करने से पत्तियां जल सकती हैं।
लहसुन की स्प्रे से करें बचाव
लहसुन की तेज गंध कई कीड़ों को पौधों से दूर रखने में मदद कर सकती है। इसके लिए कुछ लहसुन की कलियां कूटकर पानी में कुछ घंटे भिगोएं और फिर पानी छान लें। तैयार घोल को स्प्रे बोतल में भरकर पत्तियों और तनों पर हल्का छिड़काव करें। इस्तेमाल से पहले पौधे के छोटे हिस्से पर टेस्ट जरूर करें।
संक्रमित पत्तियों को तुरंत हटाएं
अगर किसी पौधे की पत्तियों पर बहुत ज्यादा कीड़े दिखाई दे रहे हैं, तो संक्रमित पत्तियों और कमजोर हिस्सों को काटकर अलग कर दें। गिरे हुए पत्तों और पौधे के आसपास जमा कचरे को भी हटा दें। इससे कीड़ों के फैलने की संभावना कम करने में मदद मिल सकती है। काटे गए हिस्सों को खाद में डालने के बजाय सुरक्षित तरीके से फेंकना बेहतर है।
पौधों की नियमित जांच करें
कीड़ों का हमला बढ़ने से पहले पौधों की नियमित जांच करना सबसे आसान बचाव है। पत्तियों के पीछे, नई कोंपलों, तनों और मिट्टी की सतह को ध्यान से देखें। चिपचिपी पत्तियां, पीले धब्बे, मुड़ी हुई पत्तियां या सफेद जाले जैसे संकेत नजर आएं तो तुरंत प्रभावित पौधे को दूसरे पौधों से थोड़ा अलग कर दें और उपचार शुरू करें।
