कैंसर के ट्रीटमेंट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रयोग से एक बड़ी उम्मीद जगी है। जर्नल नेचर में बताया गया है कि AI की मदद से दवा को सीधे कैंसर ग्रसित कोशिकाओं में इंजेक्ट किया गया। इससे सफलता मिली है।

हेल्थ डेस्क. कैंसर (Cancer) दुनिया भर में हेल्थ एक्सपर्ट के लिए चिंता विषय बना है। लाखों लोग हर दिन इस जानलेवा बीमारी की वजह से दम तोड़ देते हैं। लेकिन इसे रोकने की दिशा में वैज्ञानिकों को एक बड़ी सफलता मिली है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करते हुए कैंसर समेत कई बीमारियों के इलाज में नई संभावनाएं जगी हैं।

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टिनी सिरिंज का किया गया उपयोग

जर्नल नेचर में प्रकाशित रिपोर्ट में बताया गया है कि ट्यूमर को खत्म करने वाली दवाओं को सीधे उन्हीं कोशिकाओं में इंजेक्ट कराने में सफलता हासिल हुई है। कैंसर ग्रसित कोशिकाओं में दवाओं को इंजेक्ट करने के लिए गूगल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Google AI) आधारित टिनी सिरिंज का उपयोग किया गया।

बैक्टीरिया युक्त सीरिंज बनाया गया

मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी सहित रिसर्च टीम ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल अल्फाफोल्ड का उपयोग करके एक छोटे सिरिंज बनाया। इंजेक्शन संरचना के लिए एक खास प्रकार का बैक्टीरिया फोटोरहैबडस चुना गया। यह खास बैक्टीरिया नेचुरल रूप से एक प्रकार की सिरिंज जैसी इंजेक्शन संरचन बनाता है। जिसकी वजह से वो कीड़ों को संक्रमित करता है।

मानव और चूहों पर हुआ सफल परीक्षण

वैज्ञानिकों की टीम ने बैक्टीरियल इंजेक्शन बनाने के लिए Google के एआई वेंचर डीपमाइंड का प्रयोग किया। इसकी मदद से कैंसर (Cancer ) से ग्रसीत मानव कोशिकाओं में सीधे दवाओं और जीन थेरेपी समेत प्रोटीन को इंजेक्ट कर दिया गया। इन मिनी सिरिंज संरचनाओं का उपयोग जीवित चूहो की कोशिकाओं और मानव कोशिकाओं दोनों को उपयोगी प्रोटीन देने के लिए किया गया था। जिसमें सफलता मिली।एमआईटी में न्यूरोसाइंस प्रोफेसर फेंग झांस ने कहा कि हमें इन नए शक्तिशाली उपचारों में सही कोशिकाओं को लाने के लिए और गहरी शोध की जरूरत होगी। आनेवाले वक्त में एआई कैंसर समेत कई दुर्लभ बीमारियों के इलाज में सहायक साबित होगा। हालांकि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में इसे लेकर वैज्ञानिकों का शोध जारी है।