मांस और बीयर हेल्थ के लिए फायदेमंद है या फिर नुकसानदेह इसे लेकर आए दिन कोई ना कोई स्टडी सामने आती रहती है। इस बार जो स्टडी में खुलासा हुआ है उसे पढ़ने के बाद आपको तुरंत इससे दूरी बना लेनी चाहिए।

हेल्थ डेस्क. मांस में कई तरह के पोषक तत्व मिलते हैं इसके बारे में सुना होगा और सेवन भी करते होंगे। लेकिन इसमें नाइट्रोसामान नामक केमिकल भी पाया जाता है जो कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकता है। बीयर का भी यही हाल है। यूरोपीय फूड सेफ्टी एजेंसी ने मंगलवार को चेतावनी दी कि नाइट्रोसामाइन नामक कैंसर पैदा करने वाले केमिकल कंपाउंड डेली खाने वाले फूड में पाया गया है।

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क्या कहती है स्टडी

यूरोपीय फूड सेफ्टी एजेंसी की ओर से किए गए एक स्टडी के अनुसार 10 नाइट्रोसामाइन जो जानबूझकर फूड मे नहीं जोड़े जाते हैं, लेकिन इसकी तैयारी और बनाने के दौरान ये खतरनाक केमिकल शामिल हो जाता है। कार्सिनोजेनिक और जीनोटॉक्सिक का बनने का अर्थ है कि ये डीएनए को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ईएफएसए के पैनल के अध्यक्ष डाइटर श्रेन्क ने कहा कि हमारा आकलन यह निष्कर्ष निकालता है कि यूरोपीय यूनियन की आबादी में सभी आयु समूहों के लिए भोजन में नाइट्रोसामाइन के संपर्क का स्तर स्वास्थ्य संबंधी चिंता पैदा करता है।

नाइट्रोसामाइन में कैंसर पैदा करने की क्षमता

उन्होंने आगे कहा कि जानवरों के स्टडी के आधार पर लीवर ट्यूमर की घटना को सबसे अहम स्वास्थ्य इफेक्ट माना है। ईएफएसए ने कहा कि मांस,प्रोसेस्ड मछली, कोको, बीयर और अन्य अल्कोहलिक ड्रिंक्स समेत कई खाद्य पदार्थों में नाइट्रोसामाइन पाए गए हैं। नाइट्रोसामाइन एक्सपोजर में मांस सबसे पहले आता है। नाइट्रोसामाइन में सबसे ज्यादा हानिकारक केमिकल है जिसमें कैंसर पैदा करने की क्षमता ज्यादा है।

संतुलित मात्रा में खाएं 

एफएसए ने कहा कि कुछ खाद्य समूहों में नाइट्रोसामाइन की उपस्थिति के बारे में पूरी तरह जानकारी नहीं है। इसलिए नाइट्रोसामाइन की खपत को कम करने के लिए संतुलित आहार की सलाह दी गई है। मतलब अगर आप मीट यानी मांस खाते हैं तो कम मात्रा में खाएं। अगर बीयर लेते हैं तो इसे भी संतुलित रूप से लें।वहीं, यूरोपीय संघ की कार्यकारी शाखा27 सदस्यीय ब्लॉक में राष्ट्रों के साथ संभावित जोखिम प्रबंधन उपायों पर चर्चा करेगी।

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