गुजरात में कांगो बुखार से एक व्यक्ति की मौत हो गई है। यह किलनी के काटने से फैलने वाला जानलेवा वायरस है। 2011 में भी गुजरात में इसके मामले सामने आए थे।

हेल्थ डेस्क: गुजरात में 51 वर्षीय व्यक्ति की कांगो बुखार से मौत की खबर है। यह एक प्रकार का वायरल बुखार है जो किलनी के काटने से फैलता है। क्रिमियन-कांगो हेमोरेजिक फीवर वायरस के कारण होने वाला यह रोग संक्रमित जानवरों के खून के संपर्क में आने से मनुष्यों में फैलता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि पशुओं के संपर्क में रहने वाले लोगों को इस बीमारी का खतरा अधिक होता है। इसका पूरा नाम क्रिमियन कांगो हेमोरेजिक फीवर (सी.सी.एच.एफ) है।

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2011 में गुजरात में पहली बार कांगो बुखार का मामला सामने आया था। उस समय अहमदाबाद में 7 मामले और 2 मौतें हुई थीं, जैसा कि राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र द्वारा बताया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, रोगियों में आंतरिक रक्तस्राव और अंग विफलता हो सकती है।

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कांगो बुखार (क्रिमियन-कांगो हेमोरेजिक फीवर) एक वायरल बीमारी है जो जानवरों से मनुष्यों में फैलती है। यह एक प्रकार की किलनी के काटने से फैलता है। इनके काटने से जानवरों के रक्त, स्राव और कोशिकाओं के माध्यम से वायरस फैलता है। जानवरों के संपर्क में आने से यह मनुष्यों में भी फैल सकता है। रक्त परीक्षण से इसकी पुष्टि की जा सकती है।

तेज बुखार, तेज सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द और चक्कर आना इसके मुख्य लक्षण हैं। जैसे-जैसे बीमारी बढ़ती है, लक्षण और गंभीर हो जाते हैं और मतली, उल्टी और दस्त हो सकते हैं। कुछ लोगों में अंग विफलता और लीवर का बढ़ना भी देखा गया है।

मांसपेशियों में तेज दर्द, पीठ दर्द, गले में खराश, पेट दर्द, आंखों में जलन आदि इसके अन्य प्रमुख लक्षण हैं।

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