Covid 19 jn1 variant : कोविड-19 के नये वेरिएंट JN.1 के लक्षण, खतरे और बचाव के उपाय जानें। भारत में बढ़ते मामलों के बीच बच्चों और बड़ों के लिए जरूरी सावधानियां। 

Covid-19 New Variant: कोविड-19 के नये वेरिएंट के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। एशियाई देशों में कोरोना फिर से पैर पसारने की कोशिश कर रहा है। बीते एक साल में पहली बार भारत में 257 एक्टिव कोविड केस दर्ज किये गए हैं। कोविड के नए वेरिएंट का नाम LF.7 और NB.1.8. है। जो JN.1 वेरिएंट से जुड़े हैं।। JN.1 वेरिएंट का पहला मामला 2023 के आखिर में सामने आया था। इसमें कुछ म्यूटेशन हैं जो इसे तेजी से फैलने और इम्युनिटी को चकमा देने में मदद करते हैं। हालांकि, अब तक ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है कि यह पुराने ओमिक्रॉन वैरिएंट्स से ज्यादा खतरनाक है। ऐसे में जानते हैं Covid-19 JN.1 के लक्षण क्या है और इससे बचाव कैसे किया जा सकता है।

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Covid-19 JN.1 के लक्षण 

Covid-19 JN.1 के लक्षण आम वायरल बुखार की तरह होते हैं। गला खराब होना, नाक बहना, खांसी आना, तीन दिन से ज्यादा दिन तक बुखार और थकान लगना। कई लोगों को दस्त और उल्टी की समस्या हो सकती है।

कितना खतरनाक है Covid-19 JN.1

हेल्थ एक्सपर्ट्स मानते हैं Covid-19 JN.1 दुनिया के ज्यादातर देशों में पाया गया है। इसका पहला मामला 2023 के आखिर में सामने आया था। इस वेरिएंट के 30 म्यूटेशन है। जिस वजह से ये लोगों को जल्द संक्रमित करता है। हांगकांग, सिंगापुर में कोरोना केसों में वृद्धि देखी जा रही है। अगर भारत की बात करें तो यह साइक्लिकल बीमारी है। यानी इसके मामले हर कुछ महीनों में बढ़ेंगे। ये वक्त 3-9 महीने तक का हो सकता है। हालांकि ये वेरिएंट ओम्रीकॉन की तरह ज्यादा खतरनाक नहीं है।

कोविड-19 से कैसे करें बचाव ?

कोविड-19 के मामलों में उछाल देखा जा रहा है। ऐसे में सुरक्षा के लिए मास्क पहनें। भीड़भाड़ वाली जगहों पर जानें से बचें। समय-समय पर हाथ धोते रहें। सैनिटाइज़र का इस्तेमाल करें। जिन लोगों में सर्दी-खांसी जैसे लक्षण हों, उनसे दूरी रखें। बुखार, खांसी या गले में दर्द हो तो घर पर रहें और ज़रूरत हो तो डॉक्टर से संपर्क करें।

बच्चों के लिए भी बरतें सावधानियां

  • 2 साल से बड़े बच्चों को भीड़ वाली जगहों पर मास्क पहनाएं।
  • बच्चों को हाथ धोना सिखाएं।
  • ग्रुप एक्टिविटीज़ और भीड़ वाले कार्यक्रमों से बच्चों को दूर रखें।
  • बच्चों को पौष्टिक खाना दें और हल्की-फुलकी फिजिकल एक्टिविटी करवाएं।
  • बुखार, खांसी, सर्दी, उल्टी या दस्त जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत बाल चिकित्सक से संपर्क करें।
  • अगर बच्चा बीमार है तो उसे बाकी लोगों से अलग रखें और सफाई का खास ध्यान रखें।