Knee Pain Relief Tips for Women: 50 की उम्र के बाद महिलाओं को पुरुषों के मुक़ाबले ज़्यादा तकलीफ़ होती है। जोड़ों के दर्द से परेशान महिलाएं इससे कैसे छुटकारा पा सकती हैं, इसके लिए आसान एक्सरसाइज़ और ज़रूरी बातें जानें।

हेल्थ डेस्क : जोड़ों का दर्द, ख़ासकर घुटनों का दर्द, 50 साल से ज़्यादा उम्र की महिलाओं के लिए एक आम समस्या है। ये रोज़मर्रा के कामों जैसे सीढ़ियाँ चढ़ना, खड़े होना, आदि को मुश्किल और दर्दनाक बना देता है। महिलाओं में पुरुषों के मुक़ाबले जोड़ों के दर्द और गठिया का ख़तरा दोगुना होता है। उम्र बढ़ने के साथ हार्मोनल बदलाव और मांसपेशियों के कमज़ोर होने की वजह से ये समस्या और बढ़ जाती है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

डॉक्टरों का कहना है कि सही तरीक़े से देखभाल करके जोड़ों के दर्द से राहत पाई जा सकती है। 50 साल से ज़्यादा उम्र की महिलाओं में घुटनों के दर्द के कारण और दर्द से राहत पाने व जोड़ों को मज़बूत बनाने के लिए आसान और असरदार टिप्स और एक्सरसाइज़ जानें।

50 साल से ज़्यादा उम्र की महिलाओं में घुटनों के दर्द के कारण:

* घुटनों के दर्द की वजह जानने से असरदार इलाज ढूंढने में मदद मिलती है। महिलाओं को पुरुषों के मुक़ाबले दोगुना ज़्यादा जोड़ों का दर्द और थकान होती है। उम्र बढ़ने के साथ महिलाओं के शरीर पर इसका असर और ज़्यादा होता है।

महिलाओं के लिए कैंसर का टीका जल्द ही!

* एस्ट्रोजन की कमी: उम्र बढ़ने के साथ, महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन का उत्पादन कम हो जाता है। इससे जोड़ कमज़ोर हो जाते हैं, दर्द होता है और कभी-कभी हड्डियों को भी नुकसान पहुँचता है।

मांसपेशियों का कमज़ोर होना :

उम्र बढ़ने के साथ, महिलाओं की मांसपेशियां, खासकर जांघों की मांसपेशियां, कमज़ोर हो जाती हैं। इससे घुटनों पर ज्यादा दबाव पड़ता है, जिससे कार्टिलेज को नुकसान पहुंचता है और ऑस्टियोआर्थराइटिस का खतरा बढ़ जाता है।

घुटनों के दर्द का इलाज क्या है?

मांसपेशियों को मज़बूत बनाने वाली एक्सरसाइज़:

मांसपेशियों को मज़बूत बनाने से घुटनों के दर्द में कमी आती है और जोड़ों की सुरक्षा भी होती है। क्वाड्रिसेप्स और ग्लूट्स की एक्सरसाइज़ पर ध्यान देना चाहिए।

सही तरीक़े से चलना:

चलना घुटनों के लिए अच्छा होता है, लेकिन इसे सही तरीके से करना जरूरी है। सख्त जूतों की बजाय हल्के और सपाट जूते पहनें। चलते समय घुटनों पर नी कैप या नी बैंड पहनने से जोड़ों का घर्षण कम होता है और दर्द से राहत मिलती है।

घुटनों को मज़बूत बनाने के लिए आसान एक्सरसाइज़:

1. सीधे खड़े होकर, किसी कुर्सी या दीवार का सहारा लें। एक पैर को पीछे की ओर हल्का सा उठाएँ, 2 से 3 सेकंड तक ऐसे ही रहें, फिर धीरे से पैर को नीचे करें। ये 10-15 बार हर पैर से करें।

2. दीवार के सहारे खड़े होकर, दोनों पैरों को कंधे की चौड़ाई में फैलाएं, घुटनों को आधा मोड़ें और कुर्सी पर बैठने की तरह दीवार के सहारे बैठें। 10 से 30 सेकंड तक ऐसे ही बैठे रहें। फिर धीरे से उठें। ये 3 से 5 बार करें।

ये एक्सरसाइज़ कैसे मदद करती हैं?

ये एक्सरसाइज़ जांघों के आसपास की मांसपेशियों को मज़बूत बनाती हैं और जोड़ों पर दबाव कम करती हैं। ज़्यादातर मांसपेशियों के मज़बूत होने से घुटनों पर दबाव कम होता है। इससे दर्द और नुकसान कम होता है।
चलना एक बेहतरीन एक्सरसाइज़ है, लेकिन इसे सही तरीक़े से करना ज़रूरी है। नरम सोल वाले जूते पहनें। चलते समय घुटनों को हल्का सा उठाकर चलें। इससे जोड़ों पर दबाव नहीं पड़ेगा और घुटनों के दर्द में आराम मिलेगा।

इस 1 दाल में है मटन चिकन जितना पावर, प्रेग्नेंसी से लेकर ब्यूटी+बाल के लिए भी है फायदेमंद