एंडोमेट्रियोसिस एक ऐसी स्थिति है जो दुनिया भर में लाखों महिलाओं को प्रभावित करती है। यह आमतौर पर 20 से 40 वर्ष की आयु के बीच की महिलाओं में होता है। एंडोमेट्रियोसिस से पीड़ित महिलाओं में बांझपन का खतरा बढ़ जाता है।

दुनिया भर में लाखों महिलाओं को प्रभावित करने वाली एक स्थिति है एंडोमेट्रियोसिस। गर्भाशय के अंदर की परत को एंडोमेट्रियम कहा जाता है। एंडोमेट्रियोसिस वह स्थिति है जब एंडोमेट्रियम ऊतक गर्भाशय के बाहर बढ़ता है। यह आमतौर पर 20 से 40 वर्ष की आयु के बीच की महिलाओं में होता है। एंडोमेट्रियोसिस से पीड़ित महिलाओं में बांझपन का खतरा बढ़ जाता है। 

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मासिक धर्म से पहले के दिनों में और मासिक धर्म के दौरान होने वाला तेज दर्द एंडोमेट्रियोसिस का सबसे आम लक्षण है। यह दर्द पीरियड्स शुरू होने से कई दिन पहले शुरू हो सकता है और पीरियड्स के साथ ही और भी बदतर होता जाता है। लगातार पेल्विक दर्द, संभोग के दौरान दर्द, लगातार कम पेट में दर्द, मासिक धर्म के दौरान कब्ज, मासिक धर्म के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव, मल त्याग के दौरान तेज दर्द, बांझपन, मतली- उल्टी जैसे पाचन संबंधी समस्याएं आदि एंडोमेट्रियोसिस के लक्षण हैं।

इस तरह के लक्षणों का पता चलने पर जितनी जल्दी हो सके स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए और जांच करवानी चाहिए। उपचार रोग की गंभीरता, लक्षणों और रोगी की उम्र पर निर्भर करता है। रोग की गंभीरता के आधार पर हार्मोन थेरेपी, लैप्रोस्कोपिक सर्जरी, प्रजनन क्षमता उपचार आदि कई तरह के उपचार उपलब्ध हैं। 

ध्यान दें: यदि आप ऊपर बताए गए किसी भी लक्षण का अनुभव करते हैं, तो कृपया स्वयं निदान न करें और डॉक्टर से 'परामर्श' करना सुनिश्चित करें। बीमारी की पुष्टि तभी करें जब डॉक्टर इसकी पुष्टि कर दें।