Breast Cancer: ब्रेस्ट कैंसर का खतरा कम कर सकते हैं ये 4 फल
आजकल महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसलिए, इससे बचाव करना भी बहुत जरूरी है। ब्रेस्ट कैंसर का खतरा कम करने के लिए अपनी डाइट में इन फलों को शामिल करें और इनके फायदे जानें।

बेरीज
ब्लूबेरी, स्ट्रॉबेरी, रास्पबेरी और ब्लैकबेरी में भरपूर फाइबर और पॉलीफेनॉल्स होते हैं। ये ब्रेस्ट कैंसर का खतरा कम करने में मदद कर सकते हैं।
Fact: हर गांठ (Lump) कैंसर नहीं होती। ब्रेस्ट में महसूस होने वाली कई गांठें गैर-कैंसरयुक्त (Benign) होती हैं, लेकिन किसी भी नई गांठ की जांच कराना जरूरी है।

चेरी
चेरी में एंथोसायनिन काफी मात्रा में होता है। यह ब्रेस्ट कैंसर का खतरा कम करने में मदद कर सकता है। रोजाना चेरी खाने की आदत डालें।
Fact: पारिवारिक इतिहास न होने पर भी हो सकता है ब्रेस्ट कैंसर। अधिकांश ब्रेस्ट कैंसर मरीजों के परिवार में इस बीमारी का कोई इतिहास नहीं होता। इसलिए केवल फैमिली हिस्ट्री के आधार पर जोखिम का आकलन नहीं किया जा सकता।
ड्राय फ्रूट्स
अंजीर, प्रून्स (सूखे आलूबुखारे) और खजूर में कई सेहतमंद गुण होते हैं। इन्हें रोज खाने से ब्रेस्ट कैंसर का खतरा कम हो सकता है।
Fact: शुरुआती स्टेज में अक्सर कोई दर्द नहीं होता। ब्रेस्ट कैंसर की शुरुआती अवस्था में दर्द महसूस नहीं हो सकता। यही वजह है कि नियमित स्क्रीनिंग और स्वयं जांच (Self-Examination) महत्वपूर्ण मानी जाती है।
सेब
सेब में पॉलीफेनॉल्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। रोजाना एक सेब खाने से ब्रेस्ट कैंसर का खतरा कम करने में मदद मिल सकती है।
Rare Fact: जल्दी पहचान होने पर इलाज की सफलता काफी बढ़ जाती है। शुरुआती चरण में पता चलने पर ब्रेस्ट कैंसर के इलाज और लंबे समय तक जीवित रहने की संभावना काफी अधिक होती है। नियमित मैमोग्राफी और डॉक्टर से जांच मददगार हो सकती है।
- ब्रेस्ट कैंसर सिर्फ महिलाओं को ही नहीं होता, पुरुषों को भी ब्रेस्ट कैंसर हो सकता है। हालांकि यह दुर्लभ है, लेकिन हर साल पुरुषों में भी इसके मामले सामने आते हैं।
ध्यान दें: ब्रेस्ट में गांठ, त्वचा में बदलाव, निप्पल से असामान्य स्राव या आकार में परिवर्तन जैसे लक्षण दिखें तो डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए।