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चादरें कितनी बार धोनी चाहिए और नियमित सफाई के स्वास्थ्य लाभ जानें

बहुत से लोग चादरें दो-तीन महीने में एक बार धोते हैं। लेकिन गंदी चादरें कई समस्याएं पैदा कर सकती हैं। इसलिए स्वस्थ रहने के लिए जानते हैं कि चादरें कितनी बार धोनी चाहिए। 

3 Min read
Author : Rohan Salodkar
Published : Dec 09 2024, 06:42 PM IST
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आजकल की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में लोग जल्दी में आकर बस सो जाते हैं। लेकिन उन्हें चादर धोने का ख्याल भी नहीं आता। बहुत से लोगों को सोने से पहले ही चादरों के बारे में याद आता है। उन्हें इन्हें धोने का मन भी नहीं करता। लेकिन हम जिस बिस्तर पर सोते हैं, खासकर चादरों पर कई तरह के बैक्टीरिया होते हैं। क्या आप जानते हैं कि इन पर धूल, मिट्टी और गंदगी भी बहुत होती है?

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अगर हम इन्हें बिना धोए इस्तेमाल करते हैं तो हम कई तरह की बीमारियों का शिकार हो सकते हैं। इसलिए हमें समय-समय पर चादरें धोनी चाहिए। आइए जानते हैं कि चादरें कितने दिनों में एक बार धोनी चाहिए। 

चादरें कितने दिनों में धोनी चाहिए? 

विशेषज्ञों के अनुसार, हर किसी को अपनी चादरें हर एक या दो हफ्ते में धोनी चाहिए। हालाँकि, यह कई बातों पर निर्भर करता है। वे क्या हैं? 

पसीना:  जो लोग रोज़ाना व्यायाम करते हैं या गर्म वातावरण में रहते हैं, उन्हें ज़्यादा पसीना आता है। इसलिए ऐसे लोगों को अपनी चादरें ज़्यादा बार धोनी चाहिए।

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पालतू जानवर:  आजकल बहुत से लोग पालतू जानवर पालते हैं। अगर आपके पास भी पालतू जानवर हैं, तो उनके आपके बिस्तर पर चढ़ने की संभावना है। इससे उनके बाल और रूसी आपके बिस्तर पर गिरेंगे। ये आपकी सेहत के लिए अच्छे नहीं हैं। इसलिए ऐसे लोगों को भी अपनी चादरें ज़्यादा बार धोनी चाहिए। 

एलर्जी:  अगर आपको एलर्जी है, तो भी आपको हफ्ते या दो हफ्ते में एक बार अपनी चादरें ज़रूर धोनी चाहिए। यानी अगर आपको धूल या अन्य एलर्जी है, तो आपको अपनी चादरें जितनी बार हो सके धोनी चाहिए।

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बीमारी: बीमार होने पर आपके द्वारा इस्तेमाल की गई चादरों में कई तरह के वायरस और बैक्टीरिया पनपते हैं। इसलिए आपको ठीक होने के बाद उन्हें ज़रूर धोना चाहिए। इससे वे आपको दोबारा संक्रमित नहीं कर पाएंगे। आप स्वस्थ रहेंगे। 

चादरें नियमित रूप से क्यों धोनी चाहिए? 

स्वास्थ्य: स्वस्थ रहने के लिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि चादरें हफ्ते या दो हफ्ते में एक बार धोनी चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि हमारी त्वचा से पसीना, मृत त्वचा कोशिकाएं, तेल और अन्य पदार्थ हर रात चादर पर चिपक जाते हैं। ये रोज़ाना जमा होते रहते हैं। इससे चादरों पर बैक्टीरिया और अन्य सूक्ष्मजीव पनपते हैं। इनसे हमें त्वचा संक्रमण, एलर्जी और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

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सफाई: चादरें नियमित रूप से धोने से आपका बिस्तर साफ रहता है और उसमें से अच्छी खुशबू आती है। इस पर सोने से आपको अच्छी नींद आती है। नींद में कोई खलल नहीं पड़ता। इससे आपको ताज़गी का एहसास होता है। 

गंध: आपने देखा होगा कि अगर चादरें कई दिनों तक बिना धोए रह जाती हैं, तो उनमें से गंदगी और अजीब सी गंध आने लगती है। इस गंध का कारण बैक्टीरिया होते हैं। इसलिए चादरें नियमित रूप से धोते रहना चाहिए।

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एलर्जी कारक: हमारी आँखों को दिखाई नहीं देते, लेकिन हम जिन चादरों को ओढ़ते और बिछाते हैं, उन पर धूल, कीड़े, पराग और अन्य एलर्जी कारक जमा हो जाते हैं। अगर आपको एलर्जी है, तो इनसे आपको नाक बहना, छींक आना और आँखों में जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

About the Author

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Rohan Salodkar
रोहन सालोडकर। मीडिया में 13 साल से ज्यादा का अनुभव। 2019 से एशियानेट न्यूज हिंदी में कार्यरत हैं। करियर की शुरुआत इन्होंने लोकमत न्यूज़ पेपर, मुंबई से की। दैनिक भास्कर, भोपाल में भी ये सेवाएं दे चुके हैं, यहां पर इन्होंने डिजिटल न्यूज़, सोशल मीडिया, वीडियोज के लिए ग्राफिक्स डिज़ाइन का काम किया। ग्राफ़िक डिजाइनिंग के साथ कंटेंट ऑपरेशन्स, सुपरविजन, राइटिंग और वीडियो एडिटिंग में भी इनका हाथ मजबूत है। इन्होंने B.Com टैक्सेशन किया हुआ है।

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