Loneliness Hidden Signs: अकेलापन छिपी हुई मानसिक समस्या है, जो समय के साथ डिप्रेशन का कारण बन सकती है। जानिए डॉ. जूली स्मिथ से अकेलेपन के छिपे लक्षणों के बारे में।

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अकेलेपन से मौतें
WHO के अनुसार ग्लोबली हर 6 व्यक्तियों में 1 व्यक्ति अकेलेपन का शिकार है। अकेलेपन के कारण हर घंटे 100 मौतें हो रही हैं।

हेल्थ डेस्क: अकेलापन एक भाव है, जिसमे व्यक्ति समाज से अलगाव महसूस करता है। अकेलेपन को लंबे समय तक इग्नोर किया जाए, तो मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ता है। कुछ लोगों में अकेलापन डिप्रेशन को जन्म देता है। अकेलेपन का शिकार कोई भी हो सकता है। अकेलेपन के कुछ ऐसे छिपे लक्षण होते हैं, जो अक्सर लोगों को समझ नहीं आते हैं। साइकेट्रिस्ट डॉ. जूली स्मिथ, डूमस्क्रॉलिंग ने अकेलेपन के छिपे लक्षणों के बारे में बताया है, जो हर किसी को जानना चाहिए।

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मोबाइल में स्क्रॉलिंग करना

बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक अकेलेपन का शिकार हो सकते हैं। आजकल सोशल मीडिया के जमाने में भले ही परिवार से लेकर दुनिया भर के लोग जुड़े हैं, लेकिन फिर भी व्यक्ति अकेला महसूस करता है। घंटों तक मोबाइल में स्क्रॉलिंग करना और समय व्यतीत करना भी एक प्रकार का अकेलापन ही है। भले ही लोग सोशल मीडिया में एक-दूसरे से जुड़े हो लेकिन उनमें व्यक्तिगत रूप से मुलाकात बहुत कम या ना के बराबर हो पाती है। यह धीरे-धीरे व्यक्ति को बीमार बनाती है।

लोगों से कम बातचीत करना

क्या आप भी उन लोगों में शामिल हैं, जो ऑफिस के दोस्तों, पड़ोसियों, परिवार के सदस्यों से सिर्फ दो लफ्जों में बात करते हैं? अगर हां तो यकीन मानिए आप अकेलेपन का शिकार हो सकते हैं। अकेलेपन के लक्षण में लोगों से ज्यादा न मिलना या बातचीत न करना शामिल है। आपने भी यह लक्षण महसूस किए हैं, तो आपको सतर्क हो जाने की जरूरत है।

बातों को बार-बार सोचना

मनोवैज्ञानिक डॉक्टर स्मिथ मानती हैं कि अगर आप किसी व्यक्ति या किसी बात के बारे में बार-बार सोचते हैं, तो भी आप अकेलेपन का शिकार हैं। दिमाग में बार-बार खुद की छवि के बारे में ख्याल आना, ये सोचना कि कोई आपको पसंद करता है या नहीं? आदि अकेलेपन के छिपे लक्षण हो सकते हैं।

खुद के अस्तित्व को लेकर खतरा महसूस करना

अगर कोई व्यक्ति खुद के अस्तित्व को लेकर खतरा महसूस कर रहा है तो वो अकेलेपन में जी रहा है। ऐसे व्यक्ति को खुद को समझने की जरूरत है। अकेलेपन से निपटने के लिए सामाजिक मेलेजोल बढ़ाना चाहिए और खुद को मेंटल के साथ फिजिकल एक्टिविटी में शामिल करना चाहिए। 

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