Children Health in October: अक्टूबर में मौसम बदलने से बच्चों को सर्दी-जुकाम, वायरल फीवर, गले में खराश और एलर्जी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। जानें बचाव के आसान तरीके।
अक्टूबर का महीना आते ही गर्मी से सर्दी का मौसम शुरू होने लगता है। दिन में गर्मी और सुबह-शाम हल्की ठंड बच्चों के स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है। इस दौरान बच्चों में सर्दी-जुकाम, वायरल संक्रमण, गले की परेशानी और एलर्जी जैसी समस्याएं बहुत जल्दी होती हैं। ऐसे में मौसम बदलते ही बच्चों की लाइफस्टाइल में ज्यादा ध्यान देने की जरूरत पड़ती है। जानिए किन बीमारियों का ज्यादा खतरा रहता है।
सर्दी-जुकाम से करें बचाव
मौसम में बदलाव के दौरान बच्चों को सर्दी-जुकाम होना आम समस्या है। नाक बहना, छींक आना, नाक बंद होना और हल्की खांसी इसके सामान्य लक्षण हो सकते हैं। बच्चों को पर्याप्त आराम दें और उन्हें मौसम के अनुसार कपड़े पहनाएं। कमरे में धूल और धुएं से बचाव रखें।
फीवर आने पर रखें सावधानी
मौसम बदलने के दौरान वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। बच्चे को बुखार के साथ थकान, सिरदर्द, शरीर में दर्द या भूख कम लगने जैसी परेशानी हो सकती है। बच्चे को पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ दें और आराम करवाएं। तेज या लगातार रहने वाले बुखार में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
गले में खराश से करें बचाव
सुबह-शाम ठंड और दिन में गर्मी के कारण कुछ बच्चों को गले में खराश या दर्द की शिकायत हो सकती है। बच्चे को पर्याप्त पानी पिलाएं और बहुत ठंडे खाद्य-पदार्थों या पेय का सेवन कम रखें। डॉक्टर को जरूर दिखाएं।
एलर्जी और छींक से बचाव
अक्टूबर में हवा में धूल, परागकण और दूसरे एलर्जेंस के संपर्क में आने से कुछ बच्चों को एलर्जी की समस्या हो सकती है। बार-बार छींक आना, नाक में खुजली, नाक बहना या आंखों से पानी आना इसके लक्षण हो सकते हैं। आपको घर क्लीन रखना चाहिए।
सांस से जुड़ी परेशानी
मौसम बदलने के दौरान कुछ बच्चों में खांसी या सांस से जुड़ी परेशानी बढ़ सकती है, खासकर उन बच्चों में जिन्हें पहले से सांस संबंधी संवेदनशीलता रहती है। घर में धुआं, तेज परफ्यूम और धूल जैसे ट्रिगर से बचाव करें। अगर बच्चे को सांस लेने में परेशानी, सीने में जकड़न या तेज सांस लेने जैसी समस्या हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
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