एक स्टडी में पता चला है कि जीका वायरस कैंसर के ट्रीटमेंट में मदद कर सकता है। यह मानव न्यूरोब्लास्टोमा ट्यूमर को टारगेट करके खत्म कर सकता है।

हेल्थ डेस्क. जीका वायरस ने 1947 में अपनी पहचान के बाद से ही इंसानों को परेशान किया है। लेकिन अब साइंटिस्ट एक अलग दुश्मन कैंसर से लड़ने के लिए कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने की इसकी क्षमता का उपयोग कर रहे हैं। स्टडी में जीका वायरस माउस मॉडल में मानव न्यूरोब्लास्टोमा ट्यूमर को लक्षित और खत्म कर सकता है। हालांकि स्टडी अभी शुरुआती स्तर पर है और इससे ट्रीटमेंट कब तक शुरू होगा इसके बारे में अभी साफ नहीं है।

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कैंसर रिसर्च कम्युनिकेशंस मैगजीन में 9 जनवरी को प्रकाशित एक नए स्टडी में शोधकर्ताओं ने उन चूहों के इलाज के लिए जीका वायरस का उपयोग किया, जिनमें मानव न्यूरोब्लास्टोमा ट्यूमर ( जो एक प्रकार का कैंसर टीशू है) को प्रत्यारोपित की गई थी। जीका इंजेक्शन लगने के तुरंत बाद इन चूहों के ट्यूमर के टीशू की मृत्यु हो गई और जानवर लंबे वक्त तक जीवित रहे।फ्लोरिडा के ऑरलैंडो में नेमोर्स चिल्ड्रेन हॉस्पिटल के शोध वैज्ञानिक और स्टडी के पहले लेखक जोसेफ मजार ने लाइव साइंस से बातचीत में बताया कि यह काफी आश्चर्यजनक था। हमे इस शोध से 80-90 प्रतिशत तक सफलता मिली है। सिर्फ एक इंजेक्शन से कैंसर ट्यूमर खत्म हो गया। कोई लक्षण या दोबारा ट्यूमर विकसित भी नहीं हुए।

क्या इंसान पर भी होगा कारगर

जीका वायरस इंसान के लिए कितना खतरनाक है यह हम सब जानते हैं। यह विकासशील भ्रूणों में मस्तिष्क के विकास को रोकता है। अपरिपक्व तंत्रिका कोशिकाओं को लक्षित करता है। तो क्या इससे न्यूरोब्लास्टोमा को खत्म करने के लिए इस वायरस का इस्तेमाल कर सकते हैं। न्यूरोब्लास्टोमा एक कैंसर है जो अपरिपक्व तंत्रिका कोशिकाओं से विकसित होता है और शिशुओं में सबसे अधिक पाए जाने वाले कैंसर में से एक है। न्यूरोब्लास्टोमा के विकास के कारण और ट्रीटमेंट के बावजूद बच्चों के जीवित रहने की दर कम हो जाती है।

न्यूरोब्लास्टोमा ट्यूमर समेत सभी तरह की कैंसर पर असरदार हो सकता है

स्टडी के लिए शोधकर्ताओं ने मानव रोगियों से उच्च जोखिम वाली न्यूरोब्लास्टोमा कोशिकाएं लीं, जिनमें पहले के उपचार विफल हो गए थे और उन्हें चूहों में प्रत्यारोपित किया गया। जिसके बाद उनके पिछले हिस्से में ट्यूमर विकसित हो गया। इसके बाद उन्होंने ट्यूमर में सीधे असंशोधित जीका वायरस का इंजेक्शन लगाया। जो ट्यूमर को खत्म कर दिया। ट्रीटमेंट के बाद चूहों पर कोई साइड इफेक्ट नजर नहीं आए। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह एक नया हथियार है जो न्यूरोब्लास्टोमा ट्यूमर समेत कैंसर के सभी प्रकार पर कारगर हो सकता है। हालांकि इस पर और भी शोध किए जाने की जरूरत है।

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