Polyandry Rituals: हिमाचल प्रदेश में सदियों पुरानी परंपरा को निभाते हुए दो भाइयों ने एक ही दुल्हन से शादी की। उन्होंने कहा कि इसमें उन्हें कोई शर्म नहीं, बल्कि गर्व है कि उन्होंने अपनी सांस्कृतिक विरासत को खुलेआम अपनाया। 

What is Polyandry Rituals: हमारे देश में शादियों की अनेक परंपराएं और रस्में निभाई जाती हैं। हर धर्म और समुदाय के शादी के रिवाज अलग-अलग होते हैं। लेकिन कुछ परंपराएं ऐसी भी हैं जिन्हें आज के दौर में निभाया नहीं जाता वे केवल कहानियों तक सीमित रह गई हैं। ऐसे में अगर कोई उस परंपरा को आज भी निभाए, जिसे आधुनिक समाज में प्रचलित नहीं माना जाता, तो क्या होगा? हिमाचल प्रदेश के हट्टी समुदाय की एक प्राचीन बहुपति परंपरा (Polyandry) ने सबका ध्यान खींचा, जहां दो भाइयों ने एक ही महिला से शादी की।

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दो भाई और एक दुल्हन..धूमधाम से शादी

द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, सिरमौर जिले के शिलाई गांव के प्रदीप नेगी और कपिल नेगी की शादी हुई। इनकी शादी चर्चा में इसलिए है क्योंकि इनकी दुल्हन एक है। सुनीता चौहान नाम की लड़की के साथ दोनों ने बारी-बारी से सात फेरे लिए। इस शादी में पूरी फैमिली और गांववाले शामिल हुए। यह एक दुर्लभ अवसर था, जब 'बहुपति विवाह' जैसी परंपरा को खुलेआम और गर्व के साथ मनाया गया।

क्या बोले दूल्हे और दुल्हन?

जल शक्ति विभाग में काम करने वाले प्रदीप ने कहा कि उनकी शादी आपसी सहमति से लिया गया फैसला था। यह विश्वास, देखभाल और साझा जिम्मेदारी की बात है। हमने इस परंपरा को खुलेआम निभाया क्योंकि हमें अपनी विरासत पर गर्व है। वहीं दूसरा दुल्हा कपिल जो विदेश में हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में काम करते हैं उन्होंने कहा कि हम हमेशा पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। भले ही मैं विदेश में रहता हूं, लेकिन इस विवाह से हमारी पत्नी को एक संयुक्त परिवार का सहयोग, सुरक्षा और स्नेह मिलेगा।

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वहीं दुल्हन सुनीता ने कहा, 'यह मेरा खुद का फैसला था। मुझ पर कोई दबाव नहीं था। मैं इस परंपरा को जानती हूं और मैंने इसे स्वेच्छा से अपनाया है। हमने मिलकर यह वचन लिया है और मुझे हमारे रिश्ते पर पूरा भरोसा है।

क्या है बहुपति विवाह परंपरा?

बहुपति प्रथा, जिसे स्थानीय भाषा में जोड़ीदारन या द्रौपदी प्रथा भी कहा जाता है, हिमाचल प्रदेश के हट्टी समुदाय में प्रचलित एक पारंपरिक रिवाज है। इसमें एक महिला एक से अधिक भाइयों की पत्नी बनती है। यह परंपरा सिरमौर जिले के ट्रांस-गिरी क्षेत्र और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में देखने को मिलती है। इसका मकसद फैमिली की एकता बनाए रखना, पुश्तैनी संपत्ति के बंटवारे से बचना होता है। इसके साथ यह सुनिश्चित होता है कि महिला कभी विधवा ना हो, उसके साथ उसका हमसफर सदा रहे।हालांकि आधुनिक सोच की वजह से धीरे-धीरे ये परंपरा कम हो गई।

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शादी के खास रस्म क्या-क्या है?

बहुपति विवाद 3 दिनों तक चलता है। प्रदीप और कपिल की शादी भी 3 दिनों तक चली, जिसमें आसपास के गांवों से आए सैकड़ों मेहमानों ने शादी में भाग लिया। पारंपरिक ट्रांस-गिरी व्यंजन परोसे गए, जो विशेष तौर पर इस क्षेत्र में शादी के अवसर पर बनाए जाते हैं।