गरीबी में पले-बढ़े एक भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर 34 की उम्र में रिटायर हो गए हैं। Nvidia जैसी कंपनियों में काम कर संपत्ति बनाने के बाद, अब वे दुनिया घूम रहे हैं। उनका लक्ष्य सभी 195 देशों की यात्रा करना है, जिसमें से 32 पूरे हो चुके हैं।
बहुत से लोग हैं जो बेहद गरीबी में पल-बढ़कर अपनी मेहनत से बड़ी ऊंचाइयों को छूते हैं। ऐसी ही एक कहानी सोशल मीडिया पर खूब ध्यान खींच रही है। मुश्किल हालातों से निकलकर, एक भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर सिर्फ 34 साल की उम्र में रिटायर होकर दुनिया घूमने निकल पड़ा है। उसने अपना यह अनुभव रेडिट पर शेयर किया है।
पोस्ट में वह बताता है कि वह भारत के एक छोटे से गांव में बड़ा हुआ। उसके पिता एक एसटीडी बूथ पर सिर्फ 1500 रुपये की सैलरी पर सालों तक काम करते थे। उसका परिवार गरीबी रेखा से भी नीचे था। उसने 12वीं तक सरकारी स्कूल में पढ़ाई की। फिर एक सामान्य सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन लिया और वहां से गोल्ड मेडल के साथ पास हुआ। इसके बाद, उसे Nvidia जैसी बड़ी कंपनी में नौकरी मिल गई। Nvidia में 10 साल काम करने के बाद 2022 में उसने इस्तीफा दे दिया। पोस्ट में यह भी बताया गया है कि तब तक उसने अच्छी-खासी संपत्ति और शेयर जमा कर लिए थे।
बाद में, उसने एक करोड़ रुपये से ज़्यादा सैलरी वाली कुछ और कंपनियों में भी काम किया। इसके बाद उसने ज़िंदगी का मज़ा लेने के लिए नौकरी पूरी तरह से छोड़ने का फैसला किया। अब 34 साल की उम्र में, वह अपनी पत्नी के साथ दुनिया घूम रहा है। उसका लक्ष्य दुनिया के सभी 195 देशों की यात्रा करना है। पोस्ट में यह भी बताया गया है कि वह अब तक 32 देश घूम चुका है। वह ज़्यादातर यात्राएं क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड पॉइंट्स और एयरलाइन माइल्स का इस्तेमाल करके करता है। कई लोगों ने उसकी पोस्ट पर कमेंट किया है। ज़्यादातर लोगों का कहना है कि यह युवक वाकई एक प्रेरणा है।
