- Home
- Lifestyle
- Travel
- Kerala Renamed Keralam: केरल से केरलम क्यों? जानें केरलम नाम के पीछे की पूरी कहानी
Kerala Renamed Keralam: केरल से केरलम क्यों? जानें केरलम नाम के पीछे की पूरी कहानी
Kerala renamed Keralam: केंद्र ने “Kerala” का नाम बदलकर “Keralam” करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। मलयालम भाषा, ऐतिहासिक संदर्भ और सांस्कृतिक पहचान के आधार पर यह बदलाव किया जा रहा है। जानें केरलम नाम के पीछे की पूरी कहानी और इतिहास।

केंद्र सरकार ने मंगलवार को राज्य का नाम “Kerala” से बदलकर “Keralam” करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। पिछले कुछ वर्षों से इस बदलाव की चर्चा चल रही थी। यह केवल एक अक्षर जोड़ने का मामला नहीं है, बल्कि भाषा, इतिहास और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आइए जानते हैं-आखिर केरल का नाम क्यों बदला जा रहा है और ‘केरलम’ नाम के पीछे क्या तर्क और इतिहास छिपा है।
विधानसभा का प्रस्ताव और संवैधानिक प्रक्रिया
24 जून 2024 को केरल विधानसभा ने सर्वसम्मति से राज्य का नाम “Kerala” की जगह “Keralam” करने का प्रस्ताव पारित किया। तर्क यह दिया गया कि राज्य का वास्तविक नाम मलयालम भाषा में “केरलम” है, जबकि संविधान की पहली अनुसूची में अब भी “Kerala” दर्ज है। 1956 में भाषाई आधार पर राज्य का गठन हुआ था, इसलिए आधिकारिक नाम भी स्थानीय भाषा के अनुरूप होना चाहिए।
भाषाई पहचान का सवाल
राज्य की मूल भाषा मलयालम है। मलयालम में लोग सदियों से अपने प्रदेश को “केरलम” कहते आए हैं। अंग्रेजी में इसे “Kerala” लिखा गया, जो औपनिवेशिक प्रभाव का परिणाम माना जाता है। अब मांग है कि राज्य का आधिकारिक नाम भी स्थानीय उच्चारण और पहचान के अनुरूप हो। इसे सांस्कृतिक आत्मसम्मान से जुड़ा कदम बताया जा रहा है।
पौराणिक मान्यता क्या कहती है?
लोककथाओं के अनुसार भगवान परशुराम ने समुद्र से भूमि निकालकर इस क्षेत्र की रचना की थी। कहा जाता है—
“केर” का अर्थ है जल और “अलम” का अर्थ है भूमि।
अर्थात “जल से निकली भूमि” = केरलम।
हालांकि यह धार्मिक मान्यता है, लेकिन राज्य की सांस्कृतिक विरासत से गहराई से जुड़ी हुई है।
ऐतिहासिक संदर्भ और चेर वंश से संबंध
इतिहास में तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व अशोक के शिलालेखों में “केरलपुत्र” शब्द का उल्लेख मिलता है। यह नाम 2000 साल से अधिक पुराना माना जाता है। कुछ इतिहासकारों के अनुसार “चेरालम” शब्द से “केरलम” विकसित हुआ हो सकता है। दक्षिण भारतीय भाषाओं में “च” और “क” ध्वनियों का परिवर्तन सामान्य माना जाता है।
भूगोल और लोक मान्यताएं
एक मान्यता यह भी है कि “केरा” का अर्थ नारियल होता है और “आलम” का अर्थ भूमि—इस तरह “नारियलों की भूमि”। हालांकि इसे ऐतिहासिक प्रमाण नहीं, बल्कि लोक मान्यता माना जाता है।
भूगोल के आधार पर भी तर्क दिए जाते हैं कि पश्चिमी घाट की ढलानों (चराल) और समुद्र के बीच बसे क्षेत्र से “चराल > चेरलम > केरलम” शब्द विकसित हुआ हो सकता है।