धार (Dhar) जिले में मंगलवार को एक किसान (Farmer) मजदूर परिवार खेत पर फसल की कटाई करने गया था। वहां शाम को एक तेंदुआ (Leopard) आया और मासूम बच्ची को उठाकर भागने लगा। परिजन ने देखा तो पीछा करके उस पर पत्थर बरसाए। काफी देर तक छकाने के बाद तेंदुआ बच्ची को एक खाई में छोड़कर भाग गया। तेंदुआ के हमले में बच्ची (Girl) बुरी तरह जख्मी हो गई थी। उसे अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

धार। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के धार (Dhar) में चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक खेत में तेंदुआ (Leopard) आया और मां-बाप की आंखों के सामने ही 2 साल की बेटी (Daughter) को मुंह में दबाकर भा गया। परिजन चीखते-चिल्लाते रहे। पीछे से दौड़ भी लगाई और पत्थर भी बरसाए। कुछ देर बाद तेंदुआ बच्ची को एक खाई के पास छोड़कर भाग गया। परिजन उसे लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां तीन घंटे तक इलाज चला। मगर, नन्हीं जान नहीं बच सकी।

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ये घटना धार जिले के अमझेरा इलाके की है। मंगलवार को कड़दा गांव में रहने वाले प्रभु इमलियार अपने परिवार के साथ खेत पर सोयाबीन की फसल काटने के लिए गए थे। उन्होंने खेत में ही एक जगह पर 3 बच्चों को आसपास सुला दिया। इसके बाद काम करने लगे। शाम को वे परिवार समेत घर लौटने की तैयारी कर रहे थे, इसी बीच एक तेंदुआ आया और उनकी आंखों के सामने ही बेटी वर्षा (2 साल) को मुंह में दबा लिया। जब तक वह पास पहुंचते, तब तक तेंदुआ खाई की तरफ भागने लगा।

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तेंदुआ के पीछे दौड़े पिता और गांव वाले, खाई में बच्ची को छोड़कर भागा तेंदुआ
यह देखकर बच्ची के पिता के पैरों तले जमीन खिसक गई। हालांकि, उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और तेंदुआ के पीछे दौड़ लगा दी। आसपास के लोग भी आ गए। उन्होंने पीछे करते हुए पत्थर बरसाए। बाद में खुद को घिरा देखकर तेंदुए ने बच्ची को खाई के पास छोड़ा और जंगल की तरफ भाग गया। जब परिजन मौके पर पहुंचे तो बच्ची बुरी तरह लहूलुहान हालत में मिली। उसे तुरंत अमझेरा के सरकारी अस्पताल में लेकर पहुंचे।

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अस्पताल में इलाज के दौरान मौत
परिजन का कहना था कि बच्ची की हालत गंभीर थी। अमझेरा में प्राथमिक उपचार के बाद धार रेफर कर दिया। वहां तीन घंटे तक डॉक्टरों की टीम ने इलाज किया। लेकिन, बच्ची की जान नहीं बचाई जा सकी। इधर, सूचना मिलने पर वन विभाग के अधिकारी भी बच्ची का हाल जानने के लिए अस्पताल पहुंचे।