मुरैना की चुनावी जनसभा में जैसे ही बीजेपी के राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया मंच पर पहुंचे तो भीड़ में घुस गए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पहले उन्हें काले झंडे दिखाने लगे। फिर उनको गद्दार कहते हुए वापस जाने के नारे लगाने लगे।

मुरैना. मध्य प्रदेश की 27 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की भले ही अभी औपचारिक घोषणा नहीं हुई हो, लेकिन ग्वालियर संभाग प्रदेश की राजनीति का रण क्षेत्र बन गया है। जिसको लेकर आए दिन यहां सियासी घमासान तेज होता जा रहा है। शुक्रवार को जहां शिवपुरी जिले की पोहरी और करैरा में भाजपा ने चुनावी सभा की। वहीं शनिवार को मुरैना में भी भाजपा नेता रघुराज कंषाना के समर्थन में जनसभा आयोजित की गई। जिसमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के साथ राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया भी पहुंचे थे। 

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कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सिंधिया वापस जाने के नारे लगाए
इस जनसभा में जैसे ही कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया मंच पर पहुंचे तो भीड़ में घुस गए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पहले उन्हें काले झंडे दिखाने लगे। फिर उनको गद्दार कहते हुए वापस जाने के नारे लगाने लगे। हंगामे के बाद पुलिस ने इन लोगों को हिरासत में ले लिया। वहीं सिंधिया ने कहा-जिनका दिल काला है, वही इस तरह के काले झंडे दिखाते हैं।

सिंधिया पहली बार कमलनाथ के खिलाफ बोले...
बता दें कि एक दिन पहले सिंधिया ने शिवपुरी में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए पहली बार कांग्रेस नेताओं और अपने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के खिलाफ जमकर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस के गद्दार वाले बयान पर कहा-गद्दार मेरे विधायक नहीं, बल्कि गद्दार तो कांग्रेस पार्टी के प्रदेश के सभी नेता और उनका मुख्यमंत्री था। जिसने मध्य प्रदेश के किसान और गरीबों के साथ गद्दारी की। जो चुनावी वादे किए थे उनमें से एक को भी उन्होंने पूरा नहीं किया। उन्होंने कहा कि कमलनाथ-दिग्विजय 2200 करोड़ का प्रीमियम खा गए। किसानों के संग धोखा किया। इसलिए सिंधिया परिवार का दायित्व बनता है कि ऐसे लोगों को सबक सिखाना जरुरू है।