मध्यप्रदेश के सागर जिले में एक दलित मासूम के साथ मारपीट की वारदात हुई है। जहां एक जैन संत ने मामूली सी बात पर बच्चे की पिटाई कर दी। वह छोड़ने की गुहार लगाता रहा लेकिन आरोपी संत नहीं माना। घटना के बाद पीड़ित के परिवार वालों ने शिकायत दर्ज कराई है। इसका वीडियो हो रहा वायरल

सागर (मध्यप्रदेश). मध्य प्रदेश के सागर जिले से एक अमानवीय घटना की खबर आ रही है। जहां एक संत ने मानवता को शर्मसार करने वाली हरकत की है। दरअसल जिलें के एक जैन मंदिर के पुजारी ने एक 11 वर्षीय लड़के को पेड़ से बांध दिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। इसमे पुजारी बेरहमी से मासूम बच्चे की पिटाई कर रहा है, तो वहीं नाबालिग खुद को छुड़ाने की लिए लोगों से मदद मांग रहा है। पुलिस ने मामले में शिकायत दर्ज कर ली है। 

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जैन संत ने की बर्बरता
मामले की जांच कर रहे मोतीनगर थाना प्रभारी सतीश सिंह ने बताया कि एक लड़के जो कि दलित समाज से आता है जैन समुदाय के पर्यूषण पर्व के आखिरी दिन जब सभी लोग क्षमा मांग रहे थे, उसी वक्त मासूम ने वहां थाली में रखे बादाम उठा लिए। उसे ऐसा करते वहां के संत ने देख लिया। और गुस्सा होकर उसे पकड़ कर पीटा और दूसरे लोगों की मदद लेकर पेड़ से बांध दिया फिर और फिर से यातनाएं दी। इस दौरान पीड़ित बालक लगातार मदद के लिए चिल्लाता रहा लेकिन किसी ने उसकी मदद नहीं की। बाहर से नजारा देख रहे कुछ लोग हिम्मत दिखाकर मदद को आगे आए तो उन्हे भी संत ने वहां से भगा दिया। वहीं घटना के बाद पीड़ित के पिता ने करीला के जैन सिद्धायतन मंदिर के पुजारी के खिलाफ केस दर्ज कराया है।

शिकायत में पिता ने यह बताया
मोतीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए नाबालिग के पिता ने बताया कि छात्र मंदिर के गेट के पास खड़ा था, और गलती से मंदिर के अंदर चला गया था जिस पर जैन संत ने चोरी का आरोप लगा कर दूसरे लोगों की मदद से उसको पकड़ा और जबरदस्ती पेड़ से बांधकर मारपीट की गई है। जबकि मासूम रोते हुए लगातार छोड़ने को बोलता रहा। मासूम बालक को देखकर भी संत को दया नहीं आई। लोगों के समझाने आने पर उनको भी संत ने वहां से भगा दिया। मारपीट के चोट के निशान भी बच्चे के शरीर पर पाए गए है।

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घटना के बाद मामले की जांच कर रही पुलिस ने बताया है कि आरोपी पुजारी के खिलाफ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। हालाकि वारदात में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

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