बम्बई उच्च न्यायालय की नागपुर पीठ ने संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका पर सुनवाई करने से बुधवार को इनकार कर दिया

नागपुर: बम्बई उच्च न्यायालय की नागपुर पीठ ने संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका पर सुनवाई करने से बुधवार को इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि उच्चतम न्यायालय पहले ही इस मुद्दे से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है।

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न्यायमूर्ति आर के देशपांडे और न्यायमूर्ति ए एम बोरकर की एक खंडपीठ ने याचिकाकर्ता सामाजिक कार्यकर्ता उर्मिला कोवी को शीर्ष अदालत जाने की अनुमति दे दी। पीठ ने कहा कि सीएए के खिलाफ इस तरह की कई याचिकाएं उच्चतम न्यायालय के समक्ष लंबित है तो ऐसे उच्च न्यायालय का हस्तक्षेप करना उचित नहीं होगा।

याचिकाकर्ता ने अपनी जनहित याचिका (पीआईएल) में आरोप लगाया है कि सीएए ‘‘मनमाना, अनुचित और भारत के संविधान का उल्लंघन’’ करने वाला है।

(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)

(फाइल फोटो)