मुंबई के वर्ली इलाके में एक बंदर पिछले 2 महीने से जबर्दस्त उत्पात मचाए हुए था। कहते हैं, वो पहले ऐसा नहीं था। बंदर लंबे समय से वहां रहते आया है, लेकिन दो महीने पहले अचानक उसे कुछ हुआ और वो लोगों के सामान छीनने लगा। 


मुंबई. यहां के वर्ली इलाके में पिछले 2 महीने से आतंक का पर्याय बना बंदर आखिरकार पकड़ लिया गया। यह बंदर डॉ. ई. मूसा रोड पर नगरपाालिका कॉलोनी के आसपास घूम रहा था। अब इस महिला (फोटो में दिख रही) की कहानी सुनिए। यह हैं सुमन कांबले। ये श्मशान में माली हैं। एक दिन बंदर चुपके से आया और उनका हाथ काटकर भाग निकला। यहां रहने वाले संतोष कोतवाल ने बताया कि बंदर पिछले 4 महीने से इस इलाके में घूमते देखा गया था। वो यहां लगे एक अमरूद के पेड़ पर बैठा दिखाई देता था। लोग उसे अपने हाथों से चीजें खिलाते थे। वो एकदम शांत रहता था, लेकिन 2 महीने पहले वो अचानक उग्र हो गया। यहां रहने वाले मनोज महादिक के भाई सुहास को महीनेभर पहले इस बंदर ने काट लिया। उन्हे 8 इंजेक्शन लगवाना पड़े।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

तीन घंटे बाद पकड़ा जा सका बंदर
बंदर को पकड़ने वन विभाग ने पिंजरा लगाया, लेकिन करीब 3 घंटे की मशक्कत के बाद बंदर पिंजरे में कैद हुआ। कलोट ऐनिमल ट्रस्ट के कार्यकर्ता अब्दुल हकीम शेख ने बताया बंदर बुधवार को पकड़ा गया। बंदर इतना उत्पाती हो गया था कि उसे जो चीज दिखती, वो छीन लेता था। हाल में उसने दूध बेचकर लौट रही एक महिला के हाथ से पैसे छीन लिए थे। जब महिला ने उसे हड़काया, तो उसने काट लिया।