जम्मू के सिधरा इलाके में एक ही परिवार के 6 सदस्यों के शव मिलने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मरने वालों में 4 पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं। माना जा रहा है कि सभी ने जहर खाया है। उनके ड्रिप लगी हुई थीं। 

श्रीनगर. जम्मू शहर के सिधरा इलाके में बुधवार को रिहायशी मकानों में छह शव मिलने से सनसनी का माहौल है। शव सड़ना(semi-decomposed ) शुरू चुके थे। एक अधिकारी ने बताया कि शव सिधरा के तवी विहार इलाके में दो रिहायशी मकानों में मिले। उन्होंने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची और शवों को अपने कब्जे में ले लिया। अधिकारी ने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि ये सभी लोग कश्मीर के थे। उनके परिवारों को भी सूचित कर दिया गया है। शुरुआती जांच में इसे सामूहिक सुसाइड माना जा रहा है, लेकिन पुलिस हत्या के एंगल से भी जांच कर रही है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

शवों के साथ ड्रिप लगी हुई थी
इस बीच, जीएमसी जम्मू के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने कहा कि सभी शवों के साथ ड्रिप लगी हुई थी, जबकि मौत का सही कारण पोस्टमॉर्टम के बाद पता चलेगा। उन्होंने कहा कि उनके परिवार के अन्य सदस्यों के जम्मू पहुंचने पर पोस्टमॉर्टम किया जाएगा। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि जांच शुरू कर दी गई है और मामले की गहन जांच के लिए एसआईटी के गठन की भी संभावना है। मृतकों की पहचान दिवंगत गुलाम हसन की विधवा सकीना बेगम, उनकी बेटी नसीमा अख्तर, रुबीना बानो, जफर अली, हबीबुल्लाह के नूर-उल-हबीब और फारूक अहमद मगरे के बेटे सजाद अहमद के रूप में हुई है। सभी शवों को जम्मू के सरकारी मेडिकल कॉलेज में भेज दिया गया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि सभी लोग डोडा के निवासी थे। लेकिन पिछले कुछ समय से सिदरा इलाके में शिफ्ट हुए थे। शुरुआती जानकारी में मौत के कारणों की कोई खास जानकारी नहीं मिली है। लेकिन इसे सामूहिक आत्महत्या माना जा रहा है।

यह भी जानें
पड़ोसियों के अनुसार, मकान नूर उल हबीब का है, जबकि सकीना व उसका परिवार घर की देखरेख करता था। नूर उल हबीब श्रीनगर का रहने वाला था। पुलिस के अनुसार, नूर मुख्य मकान जबकि सकीना व उसका परिवार पीछे के कमरों में रहता था। परिवार के लोग तीन-चार दिन से नहीं दिखे, तो पड़ोसियों को कुछ शक हुआ। बुधवार सुबह जब घर से बदबू आना शुरू हुई, तब पुलिस को बुलाया गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मकान का दरवाजा खोला, तो सामने लाशें दिखीं। मौके पर एफएसएल की टीम बुलाई गई।

यह भी पढ़ें
The Kashmir Files: 8 महीने में 27 कश्मीरी पंडितों की टार्गेट किलिंग, 90 के दशक जैसा माहौल बनाने की साजिश
कूड़े के ढेर में पड़े थे 45 भ्रूण, कुत्ते इर्द-गिर्द मंडरा रहे थे, 1.5 किमी के सर्कल में इतने सारे अबॉर्शन?‌